Philosophy Books in Hindi language read and download PDF for free

    एक ख़ून माफ़
    by Dr Ranjana Jaiswal

    मैं समझ नहीं पा रही थी कि संचय को हो क्या गया है,वह मेरे सामने दूसरे युवा,सुंदर पुरूषों की प्रशंसा क्यों करता रहता है?क्या उसको अपनी कमियों का अहसास ...

    आत्महत्या
    by Priya Saini

    जब तुम अँधेरे से घिरे हुए हो और कहीं से एक रोशनी नज़र आये। तुम उस रोशनी का पीछा करते हुए आगे बढ़ो और पास जाकर पता चले ये ...

    एकमेडिटेशन - 3
    by VANDANA SINGH

    इन दिनों जब से प्रयोग लिखना शुरू किया है मुझे भी बड़ी ख़ुशी मिल रही है। एसा लगता है कुछ है जो मुझे आप से जोड़ रहा कहानी लिखी ...

    बंसी
    by Poonam Singh

          "बंसी" "कृष्णा,,,!! कृष्णा......!!ओ....कृष्णा, कहाँ गया।" माँ के बारम्बार पुकारने पर भी कृष्णा कहीं नज़र नहीं आया। "पता नहीं ये लड़का कहाँ चला जाता है बिना बताए...?" ...

    एकमेडिटेशन - 2
    by VANDANA SINGH

    तीसरा प्रयोगअब बारी तीसरे प्रयोग की है , हम पहले दोनो प्रयोग में अगर सफल हुए ये तीसरे प्रयोग बड़ी आसानी से कर सकते है। इस प्रयोग में सिर्फ ...

    एकमेडिटेशन - 1
    by VANDANA SINGH

    आज हम बात मेडिटेशन पे करेंगे ,  मेडिटेशन आज के समाज के लिए सबसे आवश्यक और महत्वपूर्ण है।  अगर मेडिटेशन का का अर्थ समझे  तो ध्यान  पड़ने में ये ...

    सुसाइड क्यूं
    by shilpi krishna

    #सुसाइड  क्यूं ???* क्यूं हमें जिंदगी से प्यारी मौत लगने लगती है ?*क्यूं हमें सुसाइड करने से पहले किसी का मोह नहीं रहता ?*क्या सुसाइड करने से सारी समस्या ...

    वह एक दिन
    by Lovelesh Dutt

    वह एक दिन--लवलेश दत्त‘उफ! यह तो बहुत मुसीबत हो गयी’, अखबार की हेडलाइन ‘देश में इक्कीस दिन के लिए संपूर्ण लॉक डाउन’ पर नज़र पढ़ते ही शर्मा जी के ...

    क्रिप्टो करेंसी सही या गलत ।
    by H M Writter0

    इस दुनिया में जीवन यापन करने के लिए व्यक्ति को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करना होता है, अपनी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लोग एक दूसरे से लेनदेन करते ...

    जिंदगी
    by Venu G Nair

      लोग कहते हे  " जिंदगी एक सफर है "।  लेकिन  ऐ  नहीं पता यह कब शुरू होता है और कब खतम।  हर इंसान अपनी जिंदगी अलग अलग जगह ...

    मुस्कुराते हुए चेहरे दुनिया की सबसे खूबसूरत उम्मीद होते हैं।
    by Amit Singh

    "मुस्कुराते हुए चेहरे दुनिया की सबसे सबसे खूबसूरत उम्मीद होते हैं "कहते हैं कि ये दुनिया उम्मीदों पर टिकी है | लेकिन इस उम्मीद की बुनियाद किस पर टिकी ...

    आलोचक जात
    by Sonu Kasana

    आपने इस शब्द के बारे में अवश्य ही बहुत कुछ सुन रखा होगा और कुछ ना कुछ समझ भी रखा होगा और निश्चित रूप से आपके लिए आलोचक के ...

    परिचय - मेरे साथ चाणक्य निती
    by Nimish Pansuriya

                 "चाणक्य नीति " , जब यह पुस्तक लोगों के सामने आती है तब अधिक प्रमाण में लोग इस पुस्तक को एक राजनीतिक मुद्दे ...

    किर_दार 2
    by sk hajee

    हम किर_दार के माध्यमसेहमारे बिच रहने वाली सोच को उजागर करने का प्रयास कर रहे है । बार-बार बदलने वाली इन्सानी फ़ितरत, लालच ... जरूर देखें और लाइक, कंमेट, शेयर ...

    कैसा हक ?
    by Sonu Kasana

    बीरबल के 2 पुत्र थे तथा उसकी पत्नी काफी अच्छी थी वे सब बहुत खुश थे बीरबल प्रतिदिन कार्य पर जाता तथा आजीविका कमा कर के लाता था। प्रतिदिन ...

    सच : एक रहस्य
    by Radhika Setia

    कहने को तो बस कहानी है पर किसे पता यह सच है या कल्पना। आज मैं कहानी लिख रही हूं जिसमें ना तो राजा है ना रानी है, ना ...

    सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या क्यूँ की.?
    by Archana Yaduvanshi

    सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या क्यूँ की...?सुशांत सिंह राजपूत ने ख़ुदकुशी कर ली. मात्र चौंतिस साल की उम्र में एक सफल एक्टर, प्रसिद्ध व्यक्तित्व और शरीर से स्वस्थ इंसान ...

    नहीं बनना हैडलाइन
    by Shobhana Shyam

    एक ओर छल कपट, निष्कासन , एकाकी होने का दंश दूसरी ओर घर चलाने के लिए पाई-पाई का संघर्ष , सुगंधा तन मन से टूट चुकी थी| उस पर ...

    स्वर्णिम भारत की और......
    by Rishi Sachdeva

    कठिन समय है, मानवीय संवेदनाएँ काँच की तरह होती है, कब टूट जाये , पता ही नहीं लगता।मनोवैज्ञानिकों का कहना कि आज जो परिदृश्य है, उसमें आर्थिक, सामाजिक, पारिवारिक ...

    दुःख या अवसाद
    by Roopanjali singh parmar

    कुछ लोग इतने दुःखी होते हैं, कि जरा सी बातें ही इनकी आंखों को भर देती हैं। दुःख इस हद तक इनमें शामिल होता है कि ये सुख और ...

    विचार !!
    by Shubham Dudhat

    अभी आप जो सोच रहे हो वही आपके विचार है या नही ?? जरा सोचिए।। क्या आप उसे रोक सकते हो?? हा, जरूर ।। पर उसके लिए आपको अपने ...

    लॉक डाउन के पन्ने - प्रकृति कुछ कहती है :
    by Rishi Sachdeva

    "ज़िन्दगी न मिलेगी दुबारा" और निश्चित रूप से ये समय भी जीवन में दुबारा नहीं आएगा।अधिकांश लोगों का मानना है कि ये मानव निर्मित अभिशाप है, कुछ का कहना ...

    कलियुग का मित्र - INTERNET - 1
    by ADARSH PRATAP SINGH

    आइये हम जानते है कि इस कलियुग में बन रहे नए मित्र जैसे “INTERNET” दौर कलियुग का है जहाँ व्यक्ति ही असुर है और वही देवता है। भेदभाव करने ...

    परिस्थिति - कुछ सवाल और एक सोच
    by Priya Saini

    हम  सदा परिस्थितियों पर ही निर्भर रहते हैं। परिस्थिति हमारे अनुकूल हो तो सब अच्छा लगता है और विपरीत हो तो वक़्त खराब लगता है। क्या परिस्थिति के खिलाफ़ ...

    बचपन का डर
    by ADARSH PRATAP SINGH

    “अंधेरा ,डर दोनो का मेल अंधा स है प्रकाश के आते ही दोनों गायब से हो जाते है” {मेरी तरफ वो आदमी चलता ही आ रहा था। वो डरावना ...

    सुराख से झाँकती ज़िंदगी
    by Dr. Vandana Gupta

         मम्मा से लड़कर, गुस्सा होकर अपनी सहेली के घर गयी स्वरा तुरन्त ही लौट आयी थी . रह रहकर दोनों घरों की तस्वीर उसकी आँखों के सामने ...

    प्रकृति मैम - मुकाम ढूंढें चलो चलें ( अंतिम भाग)
    by Prabodh Kumar Govil

    मुकाम ढूंढें चलो चलेंकफ परेड के पांच सितारा प्रेसिडेंट होटल में मैं बैठा था। वहां अगली सुबह जल्दी एक कार्यक्रम होना था। तैयारी के लिए रात को वहां रुकने ...

    पानी : तुम मुझे बचाओ में तुम्हे बचाऊंगा
    by paresh barai

    पानी हमारे जीवन की एक बेहद अहम् ज़रूरत है | भोजन के बिना व्यक्ति भले ही दिनों दिन तक जीवित रह ले, परंतु प्यास लगने पर एक पहर भी ...

    प्रकृति मैम - छू सको तो छू लो
    by Prabodh Kumar Govil

    छू सको तो छू लोजिस लड़के को मैं स्टेशन से ले आया था उसे कुछ समय बाद उसके चाचा का पत्र आ जाने पर मैंने कुछ पैसे देकर, बिहार ...

    प्रकृति मैम - लहर को प्यास से क्या
    by Prabodh Kumar Govil

     लहर को प्यास से क्याकुछ पत्रिकाएं दीवाली पर साहित्य के ख़ास अंक भी निकाला करती थीं। "सबरंग" के कहानी विशेषांक के लिए नई कहानी ढूंढने के लिए एक दिन ...