Poems Books in Gujarati, hindi, marathi and english language read and download PDF for free

    में और मेरे अहसास
    by Darshita Babubhai Shah

    में और मेरे अहसास भाग-१ *** ईश्क में तेरे जोगन बन गई lआज राधा जोगन बन गई ll *** गरघर कीदीवार केकर्णहोतेकोई घरखड़ाना होता ll *** काटे नहीं कटता ...

    मेरी अधूरी प्रेमकहानी
    by Archana Yaduvanshi
    • (2)
    • 76

    आँखों से निकलते हैं आँसूजब याद आती है तेरी हर बाततू भूल गया होगा शायदमुझे नहीं भूलती वो रात।वो जिद तेरी कि गर्लफ्रेण्ड बन जाओवो इनकार मेरा कि नहीं ...

    महाकाल मेरा
    by Shrimali Montu
    • (2)
    • 145

    अब तो तु ही है मनझील मेरीऔर तु ही तो है सहारा मेरा....तेरे सीवा अपनाना कोइ था,ना कोइ है,और अब तो ना ही कोइ रहेगा मेरा....मेरी हर एक मुसीबत ...

    बेनाम लफ्ज़
    by Er Bhargav Joshi
    • (35)
    • 340

    नमस्कार दोस्तो,ये मेरी कुछ शायरी और नज़्म है। आप इसे एकबार पढ़े और आपका मंतव्य मुझे जरूर दे ताकि मै और अच्छी नज़्म लिखने का प्रयास करता रहूं ।  ...

    असरार..
    by Karishma Varlani
    • (4)
    • 215

    1). आरज़ू ...हूँ मदहोश सरहोश आज बेहोंश हूँ कहीं हूँ खामोश पर मन्द ही मन्द कुछ कहती हूँ अभीसोचती हूँ लौट आऊँ ,लौट आऊँ तेरे करीब वहींवहीं जहां तू रहता ...

    क्या स्त्री होना गुनाह हैं
    by Seema Kapoor
    • (7)
    • 382

     मेरी एक छोटी सी कविता स्त्रियों पर आधारित है ईश्वर ने उन्हें बनाया है जिस प्रकार से वह केवल उसी प्रकार से रहना ही पसंद करती हैं परंतु समाज ...

    माँ मैं तेरा कर्ज़दार हूँ
    by Tarkeshwer Kumar
    • (6)
    • 331

    माँ, ये जो शब्द हैं ये अपने आप में ही पूरा संसार हैं,मानो इस शब्द के उच्चारण मात्र से मन्न, जीभा, आत्मा, पवित्र हो जाते हैं, कभी आंखें मूंद ...

    शेरो-शायरी
    by Rajashree Nemade
    • (1)
    • 68

    माँ के लिए   १.वक्त ने भी क्या हसी सितम कर दिया, दुसरो के सामने हमे नजरे झुकाना सिखा दिया, पहले  तो हम कभी ऐसे ना थे, लेकीन इस समय ...

    मेरी शेरों-शायरी
    by Rajesh Kumar
    • (2)
    • 107

                  1.तुम्हें देखे कोई और,मेरे दिल में,जलना वाजिब है।कैसे बताऊं तुम्हें मेरे दिल पर,तेरा राज काबिज़ है।              ...

    अतरंगी ज़िन्दगी...
    by Karishma Varlani
    • (1)
    • 402

    1). राहें......है चाह राहगीर को राह खत्म हो जाने कीहै चाह राहगीर को मन्ज़िल पाने कीराह में थका वो राहगीर देखता है बस एक बूंद उस पानी को ,जिससे ...

    कवितायें
    by Ved Prakash Tyagi Verified icon
    • (2)
    • 200

    मेरा गाँव कहीं खो गया   सुंदर ताल, तलैया, बाग,सरोवर, बीच बसा था गाँव मनोहर। हर जाति के लोग बसे थे, बंटे हुए थे सबके काम। सब दिन भर ...

    बेटियों के दरिंदे
    by Tarkeshwer Kumar
    • (14)
    • 672

    एक कविता बेटियों के नाम करना चाहूंगा,आजकल की जो घटनाएं हो रहीं हैं हमें उसके खिलाफ आवाज उठाना ही होगा,हमें बेटियों की रक्षा इन्न दरिंदो से करनी ही होगी ...

    मेरी कविताएं
    by Rajesh Kumar
    • (6)
    • 117

    1.लिखता हूँ, डरता हूँ, डर डर कर लिखता हूँ।लिखने से पहले, हर बात समझता हूँ।इस अमोघ शस्त्र लेखनी से, हर बात सही तो लिखता हूँ।फिर मैं क्यों डरता हूँ?लिखता ...

    जीवन पर 8 कविताएँ
    by Alok Sharma
    • (3)
    • 187

    दुनिया इतनी सरल नही दुनिया इतनी सरल नही जो नज़र आये अक्सर नए राही को दूर के ही डोल सुहाए बड़ो की बातों का अब वो सम्मान रहा कहाँउल्टी ज़ुबाँ कैंची जैसी, ...

    शायरी - 4
    by pradeep Tripathi
    • (5)
    • 166

    कोई इश्क की खातिर मेरे दिल को झिझोड़ रखा हैदिल से पूंछा तो पता चला वो रिश्ता हीं हमसे तोड़ रखा हैतुम कहो तो ज़िन्दगी को गला देता हूंउससे ...

    कभी सोचा न था - १
    by महेश रौतेला
    • (2)
    • 169

    कभी सोचा न था१.अकेला हूँअकेला हूँशव में,श्मशान मेंशिव मेंतीर्थ में,तीर्थाटन मेंतथागत की भाँति,आँधी में,अँधियारे मेंधूप में,धूल मेंराह में,राह से आगे।अकेलाधुँध की भाँतिकोहरे की तरह,क्षीण आवाज में,सुब-शाम साउगता-अस्त होता,मन से ...

    कचहरी - शांति की पुकार
    by Ajay Amitabh Suman Verified icon
    • (4)
    • 166

    (1)शांति की पुकारये कविता गौतम बुद्ध द्वारा अपने शिष्य महाकाश्यप को बुद्धत्व की प्राप्ति की घटना पर आधारित है। ये घटना अपने आपमें इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि गौतम बुद्ध ...

    जब रक्षक भक्षक बन जाएं
    by Ajay Amitabh Suman Verified icon
    • (1)
    • 229

    (१)    जब रक्षक भक्षक बन जाए    तुम्हें चाहिए क्या आजादी , सबपे रोब जमाने की , यदि कोई तुझपे तन जाए , तो क्या बन्दुक चलाने की ...

    तमन्ना है
    by Er Bhargav Joshi
    • (53)
    • 707

              नमस्कार मित्रो, हिंदी में कविता लिखने का ये मेरा पहला प्रयास है, हो सकता है कि इसमें कुछ कमिया भी हो,कुछ शब्द की गलतियां ...

    मौलिक शेर - 2
    by Deepak Bundela Moulik
    • (5)
    • 253

    मौलिक 'शेर' पार्ट -241. इस चेहरे की नज़ाकत को यूं ना रखो हिज़ाब में.. !       ये बिजली हैं जो रुक ना सकेगी नकाब में... !!42. हमें वेबफ़ाई ...

    खबर
    by Ajay Amitabh Suman Verified icon
    • (5)
    • 197

    इस प्रस्तुति में मैंने अपनी तीन कवसम्मिलित किया है . ये तीनों कवितायेँ मुख्यतः व्ययंग धारा की हैं . पहली कविता इस बात को दृष्टि गोचित करती है कि ...

    नार, तू उठा हथियार
    by Namita Gupta
    • (6)
    • 354

    ॥। नारी अब तू उठा हथियार ॥नारी ! अब तू उठा हथियार , अब जो करे तुझ पर अत्याचार। यहां नहीं है कोई तेरा, जो तुझे बचा पाएगा, वासना की आग में तप ...

    माँ : एक गाथा - भाग - 3
    by Ajay Amitabh Suman Verified icon
    • (2)
    • 185

    ये माँ एक गाथा का तीसरा भाग है . इस भाग में माँ और शिशु के बीच छोटी छोटी घटनाओं को दर्शाया गया है .   यदा कदा भूखी ...

    कविताएँ ज़िन्दगी की, ज़िन्दगी से
    by Shubham Maheshwari
    • (6)
    • 448

    The poem for every day life...official language is Hindi... I shubham maheshwari well known as shubham36 on wattpad...i am here with my most precious poems for you.

    प्रभु तू मेरे बस की बात नहीं है
    by Ajay Amitabh Suman Verified icon
    • (1)
    • 281

    मैं यहाँ पे तीन कविताओं को प्रस्तुत कर रहा हूँ (1) प्रभु तू मेरे बस की बात नहीं हैं (2) जग में डग का डगमग होना ,जग से है ...

    गज़ल
    by pradeep Tripathi
    • (9)
    • 330

    देखें हैं मैंने कल एक चिराग की ताकत।रोशनी ने इसके कई अफ़सर बना दिया।।मन्दिर है दिल इसमें रोशनी खुदा है।कर्मो ने किसी को राम तो किसीको रावण बना दिया।।मेरी ...

    मौलिक शेर - 1
    by Deepak Bundela Moulik
    • (5)
    • 308

    नमस्कार दोस्तों.... ! यू तो हर इंसान की जिंदगी में कुछ ना कुछ ख़ास पल होते हैं.... जो खुशियों या ग़म के होते हैं उन्ही कुछ ख़ास पलों के ...

    ना मौजूदगी
    by HeemaShree “Radhu”
    • (7)
    • 309

    ना - मौजूदगीखाली नहीं है नामौजूदगी तेरी, ये भरी हुई है तेरी याद से, तुझसे की थी मैंने हर उस बात से... जाना भरी हुई है ना मौजूदगी तेरी, ...

    शायरी - 3
    by pradeep Tripathi
    • (4)
    • 286

    1. गज़लतुम को अपनी जाने वफ़ा मानता है दिल।तुम हिं हो बेवफा ये जनता है दिल।।तुम को अपनी....तुमने दिया जो धोखा तो क्या गलत किया।दिखावे के प्यार को तो ...

    'श्वेत' का प्यार
    by Dhaval Jansari
    • (3)
    • 306

    प्यार कमजोर दिल से किया नहीं जा सकता, ज़हर दुश्मन से लिया नहीं जा सकता, दिल में बसी है उल्फत जिस प्यार की उस के बिना जिया नहीं जा ...