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    ॥ नारी ,तू उठा हथियार ॥
    by Namita Gupta
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    ॥। नारी अब तू उठा हथियार ॥नारी ! अब तू उठा हथियार , अब जो करे तुझ पर अत्याचार। यहां नहीं है कोई तेरा, जो तुझे बचा पाएगा, वासना की आग में तप ...

    माँ : एक गाथा - भाग - 3
    by Ajay Amitabh Suman Verified icon
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    ये माँ एक गाथा का तीसरा भाग है . इस भाग में माँ और शिशु के बीच छोटी छोटी घटनाओं को दर्शाया गया है .   यदा कदा भूखी ...

    कविताएँ ज़िन्दगी की, ज़िन्दगी से
    by Shubham Maheshwari
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    The poem for every day life...official language is Hindi... I shubham maheshwari well known as shubham36 on wattpad...i am here with my most precious poems for you.

    प्रभु तू मेरे बस की बात नहीं है
    by Ajay Amitabh Suman Verified icon
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    मैं यहाँ पे तीन कविताओं को प्रस्तुत कर रहा हूँ (1) प्रभु तू मेरे बस की बात नहीं हैं (2) जग में डग का डगमग होना ,जग से है ...

    गज़ल
    by pradeep Tripathi
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    देखें हैं मैंने कल एक चिराग की ताकत।रोशनी ने इसके कई अफ़सर बना दिया।।मन्दिर है दिल इसमें रोशनी खुदा है।कर्मो ने किसी को राम तो किसीको रावण बना दिया।।मेरी ...

    मौलिक शेर - 1
    by Deepak Bundela Moulik
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    नमस्कार दोस्तों.... ! यू तो हर इंसान की जिंदगी में कुछ ना कुछ ख़ास पल होते हैं.... जो खुशियों या ग़म के होते हैं उन्ही कुछ ख़ास पलों के ...

    ना मौजूदगी
    by HeemaShree “Radhu”
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    ना - मौजूदगीखाली नहीं है नामौजूदगी तेरी, ये भरी हुई है तेरी याद से, तुझसे की थी मैंने हर उस बात से... जाना भरी हुई है ना मौजूदगी तेरी, ...

    शायरी - 3
    by pradeep Tripathi
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    1. गज़लतुम को अपनी जाने वफ़ा मानता है दिल।तुम हिं हो बेवफा ये जनता है दिल।।तुम को अपनी....तुमने दिया जो धोखा तो क्या गलत किया।दिखावे के प्यार को तो ...

    'श्वेत' का प्यार
    by Dhaval Jansari
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    प्यार कमजोर दिल से किया नहीं जा सकता, ज़हर दुश्मन से लिया नहीं जा सकता, दिल में बसी है उल्फत जिस प्यार की उस के बिना जिया नहीं जा ...

    ऐ हवा सुन जरा..
    by pradeep Tripathi
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    1. ऐ हवा सुन जरा....ऐ हवा सुन जरा आ इधर से चलें।रास्ते में खड़ा एक शक्स है जरा आ इधर से चलें।।ऐ हवा सुन जरा....हांथ में है लिये वो ...

    तेरे नाम ज़िन्दगी की थी
    by Archana Yaduvanshi
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    मैंने की थी मोहब्बत तूने दिल्लगी की थी तूने खेल खेला था मेरे साथ औ मैंने तेरे नाम ज़िन्दगी की थी।। लोग प्यार करते है औ एक दूजे के ...

    रात और दिन की संधि
    by Seema Saxena Verified icon
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    If there are images in this attachment, they will not be displayed.   Download the original attachmentसीमा असीम की कवितायें ०९५५७९२९३६५   संग्रह की कवितायेँ अँधेरी रात में सोचती हूँअँधियाराहाँ ...

    क्षणभर
    by महेश रौतेला
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    १.बेटी से संवादतुम्हारा हँसना, तुम्हारा खिलखिलाना,तुम्हारा चलना,तुम्हारा मुड़ना , तुम्हारा नाचना ,बहुत दूर तक गुदगुदायेगा।मीठी-मीठी बातें ,समुद्र की तरह उछलना,आकाश को पकड़ना ,हवा की तरह चंचल होना,बहुत दूर तक ...

    कविताएं
    by Shailendra Chauhan
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    - शैलेन्द्र चौहान दया : दलित संदर्भ में   सोचता रहा हूँ सारी रात औरों के द्वारा की गई दया के बारे में किस किस पिजन होल में रखी ...

    मेरी तूटी फूटी ग़ज़लें..!
    by Parmar Bhavesh આર્યમ્ Verified icon
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    1. प्यार कब था..!आप के लिए प्यारके अलावा ही! सब था !हमारे लिए प्यारके अलावा कुछ कब था ?खुदा भी तुम और भगवान भी तुम ही थे !तुमको ही ...

    इक उधार सी ज़िन्दगी...
    by Haider Ali Khan
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    #इक उधार सी ज़िन्दगी... तुझको खो कर बचा ही किया था, ज़िन्दगी में..! खोने के लिए..बस इक उधार सी ज़िन्दगी जी रहा था..तेरी यादों का कर्ज़ लिए..माफ़ करना तेरी ...

    बेटियाँ - शर्म नहीं सम्मान है.....
    by Satender_tiwari_brokenwords
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    1. वो दौर-----------न जाने वो कैसा दौर रहा होगा जब बेटियों के पैदा होने पर घर गाँव मे सन्नाटा छा जाता थाकहीं मातम भारी शाम होती थीकहीँ पर बेटियों को दफना ...

    हे मधुकर...
    by pradeep Tripathi
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    1. हे मधुकर हे मधुकर थारो चरण पकड़ी के झुलहुँ।या चरनन के भगति बहुत हैं जो वा चरनन को छूलौ।।हे मधुकर थारो चरन पकड़ी के झुलहुँ...हे मधुकर थारो रंग म्हारे ...

    ज्ञान और मोह
    by Ajay Amitabh Suman Verified icon
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    (1)    ज्ञान और मोह   दो राही चुप चाप चल रहे,ना नर  दोनों एक  समान,एक मोह था लोभ पिपासु ,औ ज्ञान को निज पे मान। कल्प गंग के तट पे दोनों,राही धीरे चले ...

    दिल मेरा
    by अmit Singh
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                          देखा तुमको जब प्रथम बार,                      चांदनी में चमकता रूप ...

    चलोगे क्या फरीदाबाद?
    by Ajay Amitabh Suman Verified icon
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    (१)   चलोगे क्या फरीदाबाद?   रिक्शेवाले से लाला पूछा, चलोगे क्या फरीदाबाद ?उसने कहा झट से उठकर, हाँ तैयार हूँ भाई साब. हाँ तैयार हूँ भाई साब कि,लाए क्या अपने साथ हैं?तोंद उठाकर लाला बोला,हम  तो  खाली हाथ हैं . हम  तो खाली हाथ हैं कि,साथ मेरे घरवाली है .और

    ऐ जिंदगी...........
    by pradeep Tripathi
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    1.ऐ जिंदगी आ तुझे कुछ इस तरह से, आजमाया जाए।।मैं   जिन्दा भी रहूँ और, मर कर के    दिखाया जाए।।वो  मुझसे   नाराज है, मालूम है मुझको।चल  उसकी नाराजगी को, ...

    मेरी चार कविताए
    by Dr Narendra Shukl
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        घोटालेवाला सर्दी की एक सुबह जब मैं धूप में बैठा ‘क्लासीफाइड‘  में नौकरी तलाश कर रहा था - अचानक , गली से आती हुई , एक आवाज़ ...

    दरिया - एक ग़ज़ल संग्रह
    by Ramanuj Dariya
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    नाम - राम अनुज तिवारी , s/o- श्याम सगुन तिवारी, ग्राम- दरियापुर माफी,पोस्ट - देवरिया अलावल, जिला- गोण्डा,अवध उत्तर प्रदेश. "दरिया" यह एक ग़ज़ल संग्रह है.

    शब्दों की कहानी
    by Satender_tiwari_brokenwords
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    1.जय जवान तू वीर है, तू चट्टान है, तू मेरा अभिमान हैतू ही पहचान मेरी है, तू मेरा स्वाभिमान है।।कुछ लिखकर गर अदा कर सकूँ तेरा कर्ज़मेरा सुकूने ज़िन्दगी पर ...

    एक दिन...
    by Sarvesh Saxena Verified icon
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    एक दिन मैं उदास कहीं जा रहा था,उदासी में ही कोई उदास गीत गा रहा था,थक कर एक पेड़ की छांव में बैठ गया, सोचने लगा कि ये क्या हो ...

    दिलकी बाते - २
    by Vrishali Gotkhindikar Verified icon
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    ..दिलके राज ..!                                                                                                             दिलके हसीन राज किसीको बताये कैसे ,                                                        छुपाना .भी चाहे अगर ...तो छुपाये ..कैसे ?

    दिया की कलम से इश्किया
    by Diyamodh
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    तुझे भूलाकर अब...तेरी यादों से  निकलकर अब, में  खुदमे खोना चाहती हूं   तुझे भूलाकर अब ,में  खुद को पाना चाहती हूं।    चल जब   गिनवा  ही  दी  है  तूने   मुझ ...

    माँ: एक गाथा - भाग - 2
    by Ajay Amitabh Suman Verified icon
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    ये माँ पे लिखा गया काव्य का दूसरा भाग है . पहले भाग में माँ की आत्मा का वर्णन स्वर्ग लोक के ईह लोक तक , फिर गर्भधारण , ...

    दिलकी बाते - १
    by Vrishali Gotkhindikar Verified icon
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    जलवे ..      जुल्फ है या कोई घना कोहरा .. घटाए शायद दे रही है पेहेरा .. आखोमे छुपे है “मंजर”कई.सारे मस्तीके दिखते है हसीन नजारे . चेहेरेकी “रौनकका ...