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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Philosophy in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures....Read More


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मन को वश में करो — वश या बोध? By Vedanta Life Agyat Agyani

  अध्याय मन को वश में करो — वश या बोध? बीज-विचार मन को वश में करने से पहले यह जानना आवश्यक है कि मन को वश में कौन करेगा?जो मन को नियंत्रित करना चाहता है, क्या वह मन से भिन्न है?यदि...

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આનંદનગર : પ્રકરણ ૪૦ By Rupen Patel

️ પ્રકરણ ૪૦ : નેપાળ દુર્ઘટના પર તેજસ્વી દેશમુખનું ભૂગોળ-વિશ્લેષણ અને આનંદનગરની પ્રાર્થના-સભા!દૈનિક ચબરાકિયાં:"કુદરત જ્યારે રૌદ્ર સ્વરૂપ ધારણ કરે છે ત્યારે માનવીની તમામ ટેકનોલોજી અન...

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आकर्षण का रहस्य — बाहर का द्वार भीतर खुलता है By Vedanta Life Agyat Agyani

  आकर्षण का रहस्य — बाहर का द्वार भीतर खुलता है शरीर की भाषा जैसे कहती है—“भीतर आओ।” लेकिन मनुष्य ने उस भाषा को केवल बाहर का निमंत्रण समझ लिया। जिसे वह बाहर से माँग रहा है,जिसे वह...

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ज़िंदगी का सफर By Naastik Aman Verma

अपना सफ़र अकेले चुनोहर इंसान की ज़िंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है, जहाँ रास्ते सामने तो कई होते हैं, लेकिन साथ चलने वाला कोई नहीं होता। उस समय मन बार-बार पीछे देखता है—कौन मेरा हाथ पक...

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मैं नास्तिक हूं By Naastik Aman Verma

अगर मै नास्तिक हूं तो मेरा कर्म है खुद को पहचानूं अगर तुम खुद को पहचान ही नहीं रहे हो तो तुम नास्तिक हो ही नहीं सकते क्योंकि नास्तिक वो नहीं होता जो भगवान को नहीं मानता नास्तिक वो...

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हमारा उद्देश्य क्या है? By Naastik Aman Verma

मनुष्य जब इस दुनिया में आता है, तब उसके हाथ में कोई नक्शा नहीं होता। उसे यह नहीं बताया जाता कि उसे किस रास्ते पर चलना है, कहाँ रुकना है और कहाँ पहुँचकर कहना है—“अब मेरा सफर पूरा हो...

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अपना सफर अकेले चुनो By Naastik Aman Verma

हर इंसान की ज़िंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है, जहाँ रास्ते सामने तो कई होते हैं, लेकिन साथ चलने वाला कोई नहीं होता। उस समय मन बार-बार पीछे देखता है—कौन मेरा हाथ पकड़ेगा, कौन मेरी बात...

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અમાવસ્યા - 1 By Dr Mahendra pawar

અમાવસ્યા     કૃષ્ણ પક્ષની અંતિમ તિથિ એટલે અમાવસ્યા કહેવામાં આવે છે. અમાવસ્યાને જ્યોતિષશાસ્ત્ર મુજબ પિતૃઓનો દિવસ તરીકે ઓળખવામાં આવે છે. અમાસના દિવસે અશુભ માનવામાં આવે છે. તેના કારણો...

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AI Transformation Grow By Ashish

AI Strategy + Transformation + Business Growthત્રણેયને જોડ્યા વગર AIનો ઉપયોગ અધૂરો છેઆજના સમયમાં દરેક Business Ownerના મનમાં એક પ્રશ્ન છે:“AIનો ઉપયોગ કેવી રીતે કરવો?”પરંતુ સાચો પ્ર...

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দুর্বলতার বিরুদ্ধে যুদ্ধ By prem chand hembram

দুর্বলতার বিরুদ্ধে যুদ্ধশ্রীশ্রীঠাকুরের বাণীর আধ্যাত্মিক ও বৈজ্ঞানিক বিশ্লেষণমূল বাণী — “সত্যানুসরণ”“সর্বপ্রথম আমাদের দুর্বলতার বিরুদ্ধে যুদ্ধ করতে হবে। সাহসী হতে হবে, বীর হতে হবে।...

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अध्यात्म और मैं By swarnima varshney

कभी समझ नहीं आता, वो शख्स क्यों नहीं है पास, जिसके साथ बैठकर बातें ज़्यादा होती हैं और वक्त के थमने का मन करता है, और किसी के साथ एक-एक पल भी ज़्यादा लगने लगता है।सही कहा है—जगह नह...

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કૃષ્ણમ વંદે જગતગુરુ. By Pragna Ruparel

જન્માષ્ટમીના પવિત્ર દિવસે આપણે એવા શ્રીકૃષ્ણને યાદ કરીએ છીએ .જે "શ્રીકૃષ્ણને જગતના ગુરુ કહેવાય છે". જેમને જીવનને માત્ર ઉપદેશ આપ્યો નથી. પરંતુ જીવીને બતાવ્યું છે. એવા શ્રીકૃ...

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शून्य की ग़ज़ल: दरिया, धुआँ और मुसाफ़िर By Mayur Chaudhary

बनारस के अस्सी घाट पर रात जब अपने आखिरी पहर में दाखिल होती थी, तो गंगा का पानी बहना नहीं, जैसे सोचना शुरू कर देता था। उसी घाट की सातवीं सीढ़ी पर दानिश बैठा था—कंधे पर खादी का पुरान...

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श्री श्री ठाकुर जी का सावधानी वाणी By prem chand hembram

Satyanusran की प्रथम वाणीश्रीश्री ठाकुर अनुकूलचंद्र की अमर वाणी का आध्यात्मिक विवेचन अतुलचंद्र भट्टाचार्य जी और Satyanusran की पृष्ठभूमिश्रीश्री ठाकुर अनुकूलचंद्र के जीवन में उनके...

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काल्पनिक उपन्यास पर मुकदमा - 8 By Shanaya khan

The First Audienceमहल के पूर्वी प्रांगण में स्थित एक शांत कक्ष।यह अदालत नहीं थी।न ही यातना कक्ष।यह वह स्थान था जहाँ राजा उन लोगों से मिलते थे जिनके बारे में वे स्वयं निर्णय बनाना च...

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अमृत वाणी - संत वाणी - 25 By Nitya Oswal

संत गुरु नानक देव जी की यह वाणी किसी भी प्रकार के अन्याय और लालच को छोड़कर अपनी ईमानदारी की मेहनत से जीवन जीने का सच्चा मार्ग सिखाती है।“हक पराया नानका, उस सूअर उस गाय।गुरु पीर हाम...

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हिन्दू राष्ट्र और मुस्लिम राष्ट्र पर डॉ अंबेडकर के विचार By Er.Vishal Dhusiya

                           प्रस्तावना मैं जब भी कभी किसी अंधभक्त लोगों से मिलता हूँ और राजनीतिक चर्चायें होती हैं तो वो हर तरह से हारने के बाद हिन्दू मुस्लिम की राजनीति पर उतर जाते...

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क्रीमी लेयर: एक काला कानून By Er.Vishal Dhusiya

क्रीमी लेयर (Creamy Layer) अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का वह संपन्न वर्ग है, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से आगे बढ़ चुका है। इस श्रेणी में आने वाले लोगों को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थ...

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हर आक्रोश के पीछे की कहानी By Madhavi Tripathi

“किसी को शांत होने के लिए कहने से पहले एक बार यह समझने की कोशिश कीजिए कि उस मुकाम तक पहुँचने से पहले उसने कितनी बातें चुपचाप सहन की होंगी।”आज सुबह मैं चाय के साथ अख़बार पढ़ रही थी।...

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The Anger We See, The Story We Don’t By Madhavi Tripathi

“Before asking someone to calm down, ask yourself what they had to survive quietly to reach that point.”This morning, I was reading the newspaper with my tea.One headline caught my...

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मानव जीवन का लक्ष्य क्या है? By Nitya Oswal

मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य संसार के बंधनों को सदा के लिए तोड़ देना है। इस संसार के बंधन को आत्मज्ञान से ही तोड़ा जा सकता है। लेकिन जब तक आत्मज्ञान प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक मनुष्य...

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दूसरों की मदद कैसे करें? By Nitya Oswal

परोपकार करने के लिए पैसे से ही दूसरों की मदद करें यह ज़रुरी नहीं है। हम अपनी शारीरिक शक्ति से, बुद्धि से या अच्छा व्यवहार करके भी लोगों की मदद कर सकते हैं। जैसे, किसी को कोई काम हो...

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शिक्षा व्यवस्था में धांधली By Er.Vishal Dhusiya

                    प्रस्तावना शिक्षा व्यवस्था किसी भी राष्ट्र के विकास, संस्कृति और प्रगति का मुख्य आधार स्तंभ होती है। यह केवल साक्षरता बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्मा...

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આજકાલ ના છોકરાઓ By Ashish

આજકાલના છોકરાઓ માતા-પિતાનું નથી માનતા, પોતે સાચા અને માતા-પિતા ખોટા – સાચું કોણ હશે?આજના આધુનિક યુગમાં સૌથી વધુ ચર્ચાતો વિષય જો કોઈ હોય તો તે છે પેઢી વચ્ચેનો મતભેદ. ઘણીવાર વડીલો ફર...

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द परफेक्ट कपल! By Santoshi 'katha'

    परफेक्ट कपल..!   ये टाइटल पाने के लिए दो लोगों को अपनी आधी जिन्दगी imperfect होकर गुजारनी पड़ती है एक दूसरे के साथ... दोनों को खुद के व्यवहार , विचार, रहन-सहन और नज़रिए में बहो...

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आप ही लोगों को सिखाते हैं कि वे आपके साथ कैसा व्यवहार करें By Madhavi Tripathi

जिस बात को आप बार-बार स्वीकार करते हैं, वही धीरे-धीरे आपके लिए दूसरों का व्यवहार बन जाती है।कुछ सीख किताबों से नहीं मिलती।वे जीवन में बार-बार दोहराए जाने वाले अनुभवों से मिलती हैं।...

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ઋષિશાસ્ત્ર પ્રમાણે ગૃહનિર્માણ By Ashish

ઋષિશાસ્ત્ર પ્રમાણે ગૃહનિર્માણ – ભારતીય જ્ઞાન પરંપરાનો વૈજ્ઞાનિક અભિગમઆજ સુધી આપણે "વાસ્તુશાસ્ત્ર" વિશે ઘણું સાંભળ્યું છે, પરંતુ વાસ્તવમાં ભારતીય સ્થાપત્યની મૂળ પ્રેરણા માત્ર વાસ્તુ...

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क्या मांसाहार करना चाहिए? By Nitya Oswal

परम पूज्य दादा भगवान कहते हैं कि, अहिंसा का पालन करने के लिए स्वाद की इन्द्रिय, यानी जीभ पर बहुत कंट्रोल रखना पड़ता है। जो अहिंसा का पालन करना चाहते हैं, उन्हें मांसाहार या अंडों का...

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अद्रश्य भार और एक मुस्कान By Shilpy Aggarwal

लेखक की कलम से-एक बच्चे की सहज मुस्कान से शुरू होकर वयस्क जीवन के अदृश्य बोझों तक पहुँचता यह ललित निबंध सहजता, स्वीकृति और मानवीय जुड़ाव पर चिंतन करता है।अदृश्य भार और एक मुस्कानक्...

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Conversations With Myself - 3 By Aarushi Singh Rajput

ज़िंदगी सच में अजीब होती है।इतना कुछ हो जाता है कि एक दिन अचानक एहसास होता है—हम बड़े कब हो गए?लोग अक्सर कहते हैं, "काश बचपन वापस मिल जाए।"लेकिन मैं हमेशा चुप रह जाती हूँ।क्योंकि म...

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AI का विकल्प By prem chand hembram

AI का विकल्प : क्या प्राचीन भारत में चेतना-आधारित बुद्धिमत्ता की कोई परंपरा थी?मानव सभ्यता आज एक ऐसे युग में प्रवेश कर चुकी है, जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence –...

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મનની બારી By Rupen Patel

અક્ષય એક મધ્યમવર્ગીય આઈટી (IT) પ્રોફેશનલ હતો. બેંગલુરુ જેવા મોટા શહેરમાં તે અને તેની પત્ની કાવ્યા, એક નાનકડા વન-બીએચકે ફ્લેટમાં રહેતા હતા. ફ્લેટ ચોથા માળે હતો, પણ તેની આસપાસ મોટી ઇ...

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અગોચર ઈતિહાસ - 1 - કુલધરા (રાજસ્થાન) By Vir jadeja

"જ્યાં માણસ જતો રહે છે, ત્યાં તેનો અર્થ રહી જાય છે.”રણ વચ્ચેનું મૌન કુલધરા.થારના રેતીના ઢૂવામાં, જૈસલમેરથી 18 કિમી દૂર, પથ્થરના હાડપિંજર જેવું ગામ પડ્યું છે — કુલધરા. છત વગરના ઘરો,...

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समस्या नहीं , समाधान की चर्चा By prem chand hembram

समस्या नहीं, समाधान की चर्चाजड़ों को सींचने की आवश्यकतासमाज की अनेक समस्याओं पर बहुत कुछ लिखा जा चुका है—नारी सम्मान पर, कन्या सुरक्षा पर, बुजुर्गों की सेवा पर, परिवारों के विघटन प...

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शिक्षा नहीं , मनुष्य निर्माण By prem chand hembram

शिक्षा नहीं, मनुष्य निर्माणविज्ञान, विद्या और चेतना का समन्वयआज मानव सभ्यता अपने इतिहास के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ ज्ञान का विस्तार अभूतपूर्व है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष...

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पेरणी - भाग 2 By Ankush Shingade

पेरणी कादंबरी भाग २         लोकं शिक्षण घेत. उच्चशिक्षीत होत. परंतु ते धर्म, परंपरा व अंधश्रद्धा यात गुरफटत असत. त्याचा परिणाम श्यामलवर होवू लागला होता. त्यामुळंच ती म्हणत असे की य...

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रक्ताचा टिळा By Ankush Shingade

रक्ताचा टिळा या पुस्तकाविषयी          रक्ताचा टिळा ही माझी एकशे एकविसावी पुस्तक. ही पुस्तक संपुर्ण इस्रायल, अमेरिका व इराण युद्धावर आधारीत आहे.            ही पुस्तक लिहिण्यामागील उ...

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मन को वश में करो — वश या बोध? By Vedanta Life Agyat Agyani

  अध्याय मन को वश में करो — वश या बोध? बीज-विचार मन को वश में करने से पहले यह जानना आवश्यक है कि मन को वश में कौन करेगा?जो मन को नियंत्रित करना चाहता है, क्या वह मन से भिन्न है?यदि...

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આનંદનગર : પ્રકરણ ૪૦ By Rupen Patel

️ પ્રકરણ ૪૦ : નેપાળ દુર્ઘટના પર તેજસ્વી દેશમુખનું ભૂગોળ-વિશ્લેષણ અને આનંદનગરની પ્રાર્થના-સભા!દૈનિક ચબરાકિયાં:"કુદરત જ્યારે રૌદ્ર સ્વરૂપ ધારણ કરે છે ત્યારે માનવીની તમામ ટેકનોલોજી અન...

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आकर्षण का रहस्य — बाहर का द्वार भीतर खुलता है By Vedanta Life Agyat Agyani

  आकर्षण का रहस्य — बाहर का द्वार भीतर खुलता है शरीर की भाषा जैसे कहती है—“भीतर आओ।” लेकिन मनुष्य ने उस भाषा को केवल बाहर का निमंत्रण समझ लिया। जिसे वह बाहर से माँग रहा है,जिसे वह...

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ज़िंदगी का सफर By Naastik Aman Verma

अपना सफ़र अकेले चुनोहर इंसान की ज़िंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है, जहाँ रास्ते सामने तो कई होते हैं, लेकिन साथ चलने वाला कोई नहीं होता। उस समय मन बार-बार पीछे देखता है—कौन मेरा हाथ पक...

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मैं नास्तिक हूं By Naastik Aman Verma

अगर मै नास्तिक हूं तो मेरा कर्म है खुद को पहचानूं अगर तुम खुद को पहचान ही नहीं रहे हो तो तुम नास्तिक हो ही नहीं सकते क्योंकि नास्तिक वो नहीं होता जो भगवान को नहीं मानता नास्तिक वो...

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हमारा उद्देश्य क्या है? By Naastik Aman Verma

मनुष्य जब इस दुनिया में आता है, तब उसके हाथ में कोई नक्शा नहीं होता। उसे यह नहीं बताया जाता कि उसे किस रास्ते पर चलना है, कहाँ रुकना है और कहाँ पहुँचकर कहना है—“अब मेरा सफर पूरा हो...

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अपना सफर अकेले चुनो By Naastik Aman Verma

हर इंसान की ज़िंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है, जहाँ रास्ते सामने तो कई होते हैं, लेकिन साथ चलने वाला कोई नहीं होता। उस समय मन बार-बार पीछे देखता है—कौन मेरा हाथ पकड़ेगा, कौन मेरी बात...

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અમાવસ્યા - 1 By Dr Mahendra pawar

અમાવસ્યા     કૃષ્ણ પક્ષની અંતિમ તિથિ એટલે અમાવસ્યા કહેવામાં આવે છે. અમાવસ્યાને જ્યોતિષશાસ્ત્ર મુજબ પિતૃઓનો દિવસ તરીકે ઓળખવામાં આવે છે. અમાસના દિવસે અશુભ માનવામાં આવે છે. તેના કારણો...

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AI Transformation Grow By Ashish

AI Strategy + Transformation + Business Growthત્રણેયને જોડ્યા વગર AIનો ઉપયોગ અધૂરો છેઆજના સમયમાં દરેક Business Ownerના મનમાં એક પ્રશ્ન છે:“AIનો ઉપયોગ કેવી રીતે કરવો?”પરંતુ સાચો પ્ર...

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দুর্বলতার বিরুদ্ধে যুদ্ধ By prem chand hembram

দুর্বলতার বিরুদ্ধে যুদ্ধশ্রীশ্রীঠাকুরের বাণীর আধ্যাত্মিক ও বৈজ্ঞানিক বিশ্লেষণমূল বাণী — “সত্যানুসরণ”“সর্বপ্রথম আমাদের দুর্বলতার বিরুদ্ধে যুদ্ধ করতে হবে। সাহসী হতে হবে, বীর হতে হবে।...

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अध्यात्म और मैं By swarnima varshney

कभी समझ नहीं आता, वो शख्स क्यों नहीं है पास, जिसके साथ बैठकर बातें ज़्यादा होती हैं और वक्त के थमने का मन करता है, और किसी के साथ एक-एक पल भी ज़्यादा लगने लगता है।सही कहा है—जगह नह...

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કૃષ્ણમ વંદે જગતગુરુ. By Pragna Ruparel

જન્માષ્ટમીના પવિત્ર દિવસે આપણે એવા શ્રીકૃષ્ણને યાદ કરીએ છીએ .જે "શ્રીકૃષ્ણને જગતના ગુરુ કહેવાય છે". જેમને જીવનને માત્ર ઉપદેશ આપ્યો નથી. પરંતુ જીવીને બતાવ્યું છે. એવા શ્રીકૃ...

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श्री श्री ठाकुर जी का सावधानी वाणी By prem chand hembram

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अमृत वाणी - संत वाणी - 25 By Nitya Oswal

संत गुरु नानक देव जी की यह वाणी किसी भी प्रकार के अन्याय और लालच को छोड़कर अपनी ईमानदारी की मेहनत से जीवन जीने का सच्चा मार्ग सिखाती है।“हक पराया नानका, उस सूअर उस गाय।गुरु पीर हाम...

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मानव जीवन का लक्ष्य क्या है? By Nitya Oswal

मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य संसार के बंधनों को सदा के लिए तोड़ देना है। इस संसार के बंधन को आत्मज्ञान से ही तोड़ा जा सकता है। लेकिन जब तक आत्मज्ञान प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक मनुष्य...

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दूसरों की मदद कैसे करें? By Nitya Oswal

परोपकार करने के लिए पैसे से ही दूसरों की मदद करें यह ज़रुरी नहीं है। हम अपनी शारीरिक शक्ति से, बुद्धि से या अच्छा व्यवहार करके भी लोगों की मदद कर सकते हैं। जैसे, किसी को कोई काम हो...

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આજકાલ ના છોકરાઓ By Ashish

આજકાલના છોકરાઓ માતા-પિતાનું નથી માનતા, પોતે સાચા અને માતા-પિતા ખોટા – સાચું કોણ હશે?આજના આધુનિક યુગમાં સૌથી વધુ ચર્ચાતો વિષય જો કોઈ હોય તો તે છે પેઢી વચ્ચેનો મતભેદ. ઘણીવાર વડીલો ફર...

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आप ही लोगों को सिखाते हैं कि वे आपके साथ कैसा व्यवहार करें By Madhavi Tripathi

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ઋષિશાસ્ત્ર પ્રમાણે ગૃહનિર્માણ By Ashish

ઋષિશાસ્ત્ર પ્રમાણે ગૃહનિર્માણ – ભારતીય જ્ઞાન પરંપરાનો વૈજ્ઞાનિક અભિગમઆજ સુધી આપણે "વાસ્તુશાસ્ત્ર" વિશે ઘણું સાંભળ્યું છે, પરંતુ વાસ્તવમાં ભારતીય સ્થાપત્યની મૂળ પ્રેરણા માત્ર વાસ્તુ...

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अद्रश्य भार और एक मुस्कान By Shilpy Aggarwal

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ज़िंदगी सच में अजीब होती है।इतना कुछ हो जाता है कि एक दिन अचानक एहसास होता है—हम बड़े कब हो गए?लोग अक्सर कहते हैं, "काश बचपन वापस मिल जाए।"लेकिन मैं हमेशा चुप रह जाती हूँ।क्योंकि म...

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AI का विकल्प By prem chand hembram

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મનની બારી By Rupen Patel

અક્ષય એક મધ્યમવર્ગીય આઈટી (IT) પ્રોફેશનલ હતો. બેંગલુરુ જેવા મોટા શહેરમાં તે અને તેની પત્ની કાવ્યા, એક નાનકડા વન-બીએચકે ફ્લેટમાં રહેતા હતા. ફ્લેટ ચોથા માળે હતો, પણ તેની આસપાસ મોટી ઇ...

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અગોચર ઈતિહાસ - 1 - કુલધરા (રાજસ્થાન) By Vir jadeja

"જ્યાં માણસ જતો રહે છે, ત્યાં તેનો અર્થ રહી જાય છે.”રણ વચ્ચેનું મૌન કુલધરા.થારના રેતીના ઢૂવામાં, જૈસલમેરથી 18 કિમી દૂર, પથ્થરના હાડપિંજર જેવું ગામ પડ્યું છે — કુલધરા. છત વગરના ઘરો,...

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समस्या नहीं , समाधान की चर्चा By prem chand hembram

समस्या नहीं, समाधान की चर्चाजड़ों को सींचने की आवश्यकतासमाज की अनेक समस्याओं पर बहुत कुछ लिखा जा चुका है—नारी सम्मान पर, कन्या सुरक्षा पर, बुजुर्गों की सेवा पर, परिवारों के विघटन प...

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शिक्षा नहीं , मनुष्य निर्माण By prem chand hembram

शिक्षा नहीं, मनुष्य निर्माणविज्ञान, विद्या और चेतना का समन्वयआज मानव सभ्यता अपने इतिहास के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ ज्ञान का विस्तार अभूतपूर्व है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष...

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पेरणी - भाग 2 By Ankush Shingade

पेरणी कादंबरी भाग २         लोकं शिक्षण घेत. उच्चशिक्षीत होत. परंतु ते धर्म, परंपरा व अंधश्रद्धा यात गुरफटत असत. त्याचा परिणाम श्यामलवर होवू लागला होता. त्यामुळंच ती म्हणत असे की य...

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रक्ताचा टिळा By Ankush Shingade

रक्ताचा टिळा या पुस्तकाविषयी          रक्ताचा टिळा ही माझी एकशे एकविसावी पुस्तक. ही पुस्तक संपुर्ण इस्रायल, अमेरिका व इराण युद्धावर आधारीत आहे.            ही पुस्तक लिहिण्यामागील उ...

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