Best Spiritual Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Spiritual Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


Languages
Categories
Featured Books

భృగు మహర్షి By ch Pratap

భారతీయ ఋషి సంప్రదాయంలో కొన్ని పేర్లు కాలాన్ని దాటి నిలిచిపోతాయి. అవి ఒక మహర్షి జీవితాన్నే కాకుండా ఒక జ్ఞాన పరంపరను, తాత్త్విక దృష్టిని, జీవన విలువలను ప్రతిబింబిస్తాయి. అలాంటి మహనీయ...

Read Free

श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 37 By Shiv putri

प्रिया ,अनिरुद्ध और सार्थक की बात सुन चुकी थी उसके पैरों तले जमीन खिसक गई )(ये बात सुन के प्रिया की आंखों में अनकहा गुस्सा था उसे खुद नहीं पता था कि उसे गुस्सा क्यो आ रहा है )सार्थ...

Read Free

अमृत वाणी - संत वाणी - 29 By Nitya Oswal

भारत के महाराष्ट्र के चौदहवीं शताब्दी के परम सिद्ध, विद्रोही और वारकरी संप्रदाय के महान संत चोखामेला जी की एक अत्यंत मर्मस्पर्शी और प्रसिद्ध अमृत वाणी (अभंग) यहाँ दी गई है। यह वाणी...

Read Free

राधा रानी की कृपा By palak baisla

बरसाना में यमुना किनारे सावित्री नाम की एक बूढ़ी मैया रहती थी। उसका इस संसार में कोई नहीं था। पति बहुत साल पहले गुजर गए थे, बच्चे नहीं थे। उसका बस एक ही सहारा था, एक ही परिवार था -...

Read Free

नुआखाई (पर्व नहीं एक एहसास) By Anamika

स्मृतियों की थाली में नुआखाई का नवान्न :​भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष पंचमी (गणेश चतुर्थी के अगले दिन) जब भी करीब आती है, हवा में एक सोंधी सी खुशबू घुलने लगती है। पश्चिमी ओडिशा का यह...

Read Free

जब राधा रानी ने किया चमत्कार By palak baisla

वृंदावन में यमुना किनारे मीरा नाम की एक लड़की रहती थी। मीरा को बचपन से ही राधा रानी से बहुत प्रेम था। वह हर दिन सुबह उठकर यमुना में स्नान करती और फिर राधा-कृष्ण के मंदिर में फूलों...

Read Free

प्रतीकोपासना - भाग 4 By kalpesh

प्रतीकोपासना :- संपूर्ण साधना का क्रमभाग ४ : स्वप्रतीक से चिदाकाश तकअब तक हमने प्रतीकोपासना के तीन प्रमुख चरणों को समझा है। पहले चरण में साधक अपने ही प्रतिबिंब को स्वप्रतीक बनाकर उ...

Read Free

પર્યુષણ ૨૦૨૬ By Ashish

પર્યુષણ મહાપર્વ ૨૦૨૬ : આત્મશુદ્ધિ, ક્ષમા અને પરિવર્તનનો પવિત્ર પર્વજૈન ધર્મમાં પર્યુષણ માત્ર ધાર્મિક તહેવાર નથી; તે પોતાની અંદર જોવાનો, ભૂલો સ્વીકારવાનો, અહંકાર ઓગાળવાનો અને આત્માન...

Read Free

जब भोले बाबा ने दिया वरदान By palak baisla

प्राचीन समय की बात है। हिमालय की गोद में बसा एक छोटा सा गाँव था जिसका नाम शिवपुर था। उस गाँव में आरती नाम की एक गरीब लड़की अपनी बूढ़ी माँ के साथ रहती थी। आरती के पिता का देहांत बचप...

Read Free

શું આજના બાળકો ખોટી દિશામાં જઈ રહ્યા છે? By Dada Bhagwan

આપણે એમ કહેતા કે સાંભળતા આવ્યા છીએ કે ભારત દેશમાં નવી પેઢી બગડતી જાય છે. આજના બાળકો ઊંધી દિશામાં જઈ રહ્યા છે. પરંતુ આધ્યાત્મની દૃષ્ટિએ જોઈએ તો આ કાળમાં ભારત દેશ ડેવલપ થયો છે, અને અ...

Read Free

कालू की पहाड़ी - 17 By RAAHULL SHARMA

पहाड़ी पर मौत का सन्नाटा और कालू का अट्टहास गूँज रहा था। दीपक और अभिलाषा कांपते हुए कातिलों की भूमिका निभा रहे थे, लेकिन तभी कार्तिक के मुँह से निकली बात ने सबको सुन्न कर दिया।कार्...

Read Free

समकालीन अद्वैत का सच: संस्था नहीं, साक्षी। By Vedanta Life Agyat Agyani

 समकालीन अद्वैत वेदान्त का दार्शनिक विश्लेषण: संस्थागत ढाँचे, तार्किक व्याख्याएँ और 'वेदान्त 2.0' का शून्य-बिंदु चेतना सिद्धांतअद्वैत वेदान्त की शास्त्रीय उपनिषदीय परंपरा म...

Read Free

फल से कारण तक - रूप के पार निराकार सत्य By Vedanta Life Agyat Agyani

        अध्याय : फल से कारण तक — रूप के पार निराकार सत्यबीज-वाक्य  “फल को मत पकड़ो, कारण तक जाओ।रूप को देखो, पर रूप को अंतिम सत्य मत मानो।”               1. धर्म की पहली भूल — फल क...

Read Free

जो हो रहा है, अच्छा हो रहा है कर्म से दृष्टा तक By Vedanta Life Agyat Agyani

जो हो रहा है, अच्छा हो रहा हैकर्म से दृष्टा तक लेखक : Agyat Agyani प्रस्तावना — पहला सारयह पुस्तक किसी मत को स्थापित करने के लिए नहीं है। यह घटना को घटना की तरह देखना सिखाने के लिए...

Read Free

Zinagi 2.0 By Swarnima Varshney

काश कुछ ऐसा हो जाए… जो दिल को चाहिए, वही मिल जाए। कितनी खुशी होगी ना, कुछ पलों के लिए… पर ये दिल कहाँ ठहरता है एक पल के लिए। ऐसा लगता है कि जो है उसमें कुछ अधूरा है। जो मिल जाए, तो...

Read Free

सत्य की पहली धड़कन By Vedanta Life Agyat Agyani

  1. पुस्तक विवरण - Description   Vedanta 2.0 : सत्य की पहली धड़कन   सत्य कहाँ है - बाहर दिखाई देने वाले जगत में, या उस चेतना में जिसके कारण यह जगत दिखाई देता है?   मनुष्य ने इस प्...

Read Free

प्रथमाष्टमी By Anamika

​मार्गशीर्ष का महीना जब भी आता है, मेरी स्मृतियों के आँगन में हल्दी के पत्तों की वह सोंधी खुशबू तैरने लगती है। बचपन से लेकर शादी से पहले तक, यह महीना मेरे लिए किसी उत्सव से कम नहीं...

Read Free

एकनिष्ठ भक्ति By Shivam Kumar Pandey

 ।। धर्म कभी भी वंशानुगत नहीं होता ।। आस्था में स्पष्टता, आराध्य के प्रति निष्ठा और धार्मिक पहचान का प्रश्नएक मौलिक वैचारिक पुस्तकलेखक: Shivam Kumar Pandey इस पुस्तक का उद्देश्य अप...

Read Free

What Does the Ramayana Teach Us? By Skp divine

What Does the Ramayana Teach Us?A Timeless Journey of Love, Brotherhood, Unity, Sacrifice and RighteousnessThe Ramayana is not merely an ancient story. It is one of the great spiri...

Read Free

जप मंत्र का वास्तविक अर्थ क्या है? By yeash shah

_जप मंत्र का वास्तविक अर्थ क्या है?_ उत्तर : श्रीकृष्ण गीता में यह कहते है कि मंत्रों में जप मंत्र मेरा ही स्वरूप है। जप का अर्थ है नित्य अपने अंतर में किसी एक विशेष संकल्प को दोहर...

Read Free

क्या भाग्य सच में होता है? By Nitya Oswal

हाँ, भाग्य है; वह सच में है! भाग्य कैसे सच है यह जानने के लिए, आइए वास्तविक जीवन के कुछ उदाहरण देखते हैं, शुरुआत आपके 'खुद' के जीवन से करते हैं। भाग्य के वास्तविक जीवन के उ...

Read Free

रामायण हमें क्या सिखाती है? By Skp divine

रामायण हमें क्या सिखाती है?एक महान ग्रंथ, जो मनुष्य को प्रेम, मर्यादा और धर्म का मार्ग दिखाता हैरामायण केवल एक प्राचीन कथा नहीं है।यह भारतीय संस्कृति की उन महान आध्यात्मिक और साहित...

Read Free

The Story of Diwali By Annesha Banerjee

Diwali, the feast of lights , highlights the moment when millions of Hindus, Sikhs and Jains from all over the world celebrate the triumph of good over evil with distinctive tradit...

Read Free

सत्य की ज्ञान-यात्रा - अध्याय 1 By Chandni choudhary

सत्य की ज्ञान-यात्राअभ्यनव और गुरुदेव वाजदेव ऋषि की दार्शनिक कथावन की शांत गोद में गुरुदेव वाजदेव ऋषि अपनी कुटिया के बाहर ध्यानमग्न बैठे थे। संध्या का समय था। सूर्य धीरे-धीरे अस्ता...

Read Free

विष्णु परिवार: जीवन शैली - 4 By Shivam Kumar Pandey

हम सभी विष्णु सरनेम के लोग, सनातन धर्म के अनुयायी हैं, और और हम हिंदुओं से अलग नहीं बल्कि हम भी हिंदू हैं । किसी भी प्रकार से हम हिंदुओं से अलग नहीं हैं ।परिचयभारत एक प्राचीन और मह...

Read Free

લાલો 2 - પ્રકરણ 20 By Kamejaliya Dipak

"આ એ જ દાનવ છે જેના વિશે હમણાં કાલકેય વાત કરી રહ્યો હતો." "એનો અર્થ એ થયો કે આપણે પાતાળ લોકના સૌથી ભયાનક રાક્ષસનો સામનો કરવાનો છે.." "અહીંના એ અંધકારથી ભરેલા એ દાનવને ગુફાનો દરવાજો...

Read Free

REVENGE - 1 By SHAN

The first thing Riya Bennett noticed was the silence.Not the ordinary silence of a hospital corridor at midnight.This was different.The nurse standing in front of her had stopped b...

Read Free

కశ్యప మహర్షి By ch Pratap

  భారతీయ ఋషి పరంపరలో కొన్ని పేర్లు కాలాన్ని దాటి నిలిచిపోతాయి. వేదమంత్రాల్లో వినిపించి, ఉపనిషత్తుల్లో ప్రతిధ్వనించి, ఇతిహాస పురాణాల్లో విస్తరించి, తరతరాలకు ఆధ్యాత్మిక మార్గదర్శకత్వ...

Read Free

तीन समस्याएं, पीड़ा का कारण और निवारण। By yeash shah

समाज की तीन समस्याएं और पीड़ा का कारण।(अ) घर में लगातार बीमारी रहना और मेडिकल का खर्च।(ब) प्रगतिशील व्यवसाय या नौकरी का अचानक कम या बंद हो जाना।(क) रिश्तों में मनभेद और अलग हो जाने...

Read Free

गरीब किसान की मेहनत और राम की लगन By Tejpal Singh Meena

मोहन एक गरीब परिवार का सीधा वक्ति हैं वह उत्तर प्रदेश मुरादाबाद के एक छोटे से गांव अमरपुर में रहता है मोहन के परिवार में चार सदस्य रहते हैं उसकी पत्नी सरोज जो घर का सारा काम करती ह...

Read Free

श्रोत्रं यज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति(14) की व्याख्या "श्रोत्रंयज्ञेन कल्पताम्"यजुर्वेद--11/81भावार्थ--हमारे कान शुभ वचनों को ग्रहण करने वालेबनें।वेदों में प्रमाण--“हमारे कान शुभ/कल्याणकारी वचन सुनें और...

Read Free

मेरा काम हो गया - एक जागृति कथा By prem chand hembram

पुरुलिया जिले के रूकनी गाँव के समीप हारु कमार का घर था। मिट्टी की दीवारें, फूस की छत और बाँस का दरवाजा—बस यही उसकी गृहस्थी की पहचान थी।बात सन 1976 की है।हारु ने जब से होश सँभाला, त...

Read Free

शिक्षा स्मृति है, शास्त्र संकेत है, दृष्टि बोध है। By Vedanta Life Agyat Agyani

  शिक्षा स्मृति है, शास्त्र संकेत है, दृष्टि बोध है।जब मन कहता है—“कृष्ण ऐसे थे।”“बुद्ध ऐसे थे।”“राम ऐसे थे।”तो वह प्रायः इतिहास, स्मृति और किसी दूसरे के अनुभव को दोहरा रहा होता है...

Read Free

मैं हूँ - लेकिन कर्ता नहीं By Vedanta Life Agyat Agyani

  0 — कर्ता का अंत, होना शेष0 केवल शांति नहीं है।0 केवल विचारों का रुक जाना नहीं है।0 केवल ध्यान में बैठ जाना नहीं है।0 का मूल अर्थ है—कर्ताभाव का गिर जाना।मैं हूँ।बस हूँ।बाकी सब ह...

Read Free

ಬುಲೆಟ್ ಬಾಬಾ By Danger Writer

ರಾಜಸ್ಥಾನದ ಪಾಲಿಯಿಂದ ಜೋಧ್‌ಪುರಕ್ಕೆ ಸಾಗುವ ಎನ್‌ಹೆಚ್65 ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಹೆದ್ದಾರಿಯೆಂದರೆ ಹಗಲಿನಲ್ಲಿಯೂ ಮರಳುಗಾಡಿನ ತೀಕ್ಷ್ಣ ಬಿಸಿಲು ಮತ್ತು ಅಸಹನೀಯ ಶೂನ್ಯತೆಯಿಂದ ಕೂಡಿರುತ್ತಿತ್ತು. ಆದರೆ ಸೂರ್ಯ ಮುಳುಗಿ ಕತ್ತಲು ಆವರ...

Read Free

భృగు మహర్షి By ch Pratap

భారతీయ ఋషి సంప్రదాయంలో కొన్ని పేర్లు కాలాన్ని దాటి నిలిచిపోతాయి. అవి ఒక మహర్షి జీవితాన్నే కాకుండా ఒక జ్ఞాన పరంపరను, తాత్త్విక దృష్టిని, జీవన విలువలను ప్రతిబింబిస్తాయి. అలాంటి మహనీయ...

Read Free

श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 37 By Shiv putri

प्रिया ,अनिरुद्ध और सार्थक की बात सुन चुकी थी उसके पैरों तले जमीन खिसक गई )(ये बात सुन के प्रिया की आंखों में अनकहा गुस्सा था उसे खुद नहीं पता था कि उसे गुस्सा क्यो आ रहा है )सार्थ...

Read Free

अमृत वाणी - संत वाणी - 29 By Nitya Oswal

भारत के महाराष्ट्र के चौदहवीं शताब्दी के परम सिद्ध, विद्रोही और वारकरी संप्रदाय के महान संत चोखामेला जी की एक अत्यंत मर्मस्पर्शी और प्रसिद्ध अमृत वाणी (अभंग) यहाँ दी गई है। यह वाणी...

Read Free

राधा रानी की कृपा By palak baisla

बरसाना में यमुना किनारे सावित्री नाम की एक बूढ़ी मैया रहती थी। उसका इस संसार में कोई नहीं था। पति बहुत साल पहले गुजर गए थे, बच्चे नहीं थे। उसका बस एक ही सहारा था, एक ही परिवार था -...

Read Free

नुआखाई (पर्व नहीं एक एहसास) By Anamika

स्मृतियों की थाली में नुआखाई का नवान्न :​भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष पंचमी (गणेश चतुर्थी के अगले दिन) जब भी करीब आती है, हवा में एक सोंधी सी खुशबू घुलने लगती है। पश्चिमी ओडिशा का यह...

Read Free

जब राधा रानी ने किया चमत्कार By palak baisla

वृंदावन में यमुना किनारे मीरा नाम की एक लड़की रहती थी। मीरा को बचपन से ही राधा रानी से बहुत प्रेम था। वह हर दिन सुबह उठकर यमुना में स्नान करती और फिर राधा-कृष्ण के मंदिर में फूलों...

Read Free

प्रतीकोपासना - भाग 4 By kalpesh

प्रतीकोपासना :- संपूर्ण साधना का क्रमभाग ४ : स्वप्रतीक से चिदाकाश तकअब तक हमने प्रतीकोपासना के तीन प्रमुख चरणों को समझा है। पहले चरण में साधक अपने ही प्रतिबिंब को स्वप्रतीक बनाकर उ...

Read Free

પર્યુષણ ૨૦૨૬ By Ashish

પર્યુષણ મહાપર્વ ૨૦૨૬ : આત્મશુદ્ધિ, ક્ષમા અને પરિવર્તનનો પવિત્ર પર્વજૈન ધર્મમાં પર્યુષણ માત્ર ધાર્મિક તહેવાર નથી; તે પોતાની અંદર જોવાનો, ભૂલો સ્વીકારવાનો, અહંકાર ઓગાળવાનો અને આત્માન...

Read Free

जब भोले बाबा ने दिया वरदान By palak baisla

प्राचीन समय की बात है। हिमालय की गोद में बसा एक छोटा सा गाँव था जिसका नाम शिवपुर था। उस गाँव में आरती नाम की एक गरीब लड़की अपनी बूढ़ी माँ के साथ रहती थी। आरती के पिता का देहांत बचप...

Read Free

શું આજના બાળકો ખોટી દિશામાં જઈ રહ્યા છે? By Dada Bhagwan

આપણે એમ કહેતા કે સાંભળતા આવ્યા છીએ કે ભારત દેશમાં નવી પેઢી બગડતી જાય છે. આજના બાળકો ઊંધી દિશામાં જઈ રહ્યા છે. પરંતુ આધ્યાત્મની દૃષ્ટિએ જોઈએ તો આ કાળમાં ભારત દેશ ડેવલપ થયો છે, અને અ...

Read Free

कालू की पहाड़ी - 17 By RAAHULL SHARMA

पहाड़ी पर मौत का सन्नाटा और कालू का अट्टहास गूँज रहा था। दीपक और अभिलाषा कांपते हुए कातिलों की भूमिका निभा रहे थे, लेकिन तभी कार्तिक के मुँह से निकली बात ने सबको सुन्न कर दिया।कार्...

Read Free

समकालीन अद्वैत का सच: संस्था नहीं, साक्षी। By Vedanta Life Agyat Agyani

 समकालीन अद्वैत वेदान्त का दार्शनिक विश्लेषण: संस्थागत ढाँचे, तार्किक व्याख्याएँ और 'वेदान्त 2.0' का शून्य-बिंदु चेतना सिद्धांतअद्वैत वेदान्त की शास्त्रीय उपनिषदीय परंपरा म...

Read Free

फल से कारण तक - रूप के पार निराकार सत्य By Vedanta Life Agyat Agyani

        अध्याय : फल से कारण तक — रूप के पार निराकार सत्यबीज-वाक्य  “फल को मत पकड़ो, कारण तक जाओ।रूप को देखो, पर रूप को अंतिम सत्य मत मानो।”               1. धर्म की पहली भूल — फल क...

Read Free

जो हो रहा है, अच्छा हो रहा है कर्म से दृष्टा तक By Vedanta Life Agyat Agyani

जो हो रहा है, अच्छा हो रहा हैकर्म से दृष्टा तक लेखक : Agyat Agyani प्रस्तावना — पहला सारयह पुस्तक किसी मत को स्थापित करने के लिए नहीं है। यह घटना को घटना की तरह देखना सिखाने के लिए...

Read Free

Zinagi 2.0 By Swarnima Varshney

काश कुछ ऐसा हो जाए… जो दिल को चाहिए, वही मिल जाए। कितनी खुशी होगी ना, कुछ पलों के लिए… पर ये दिल कहाँ ठहरता है एक पल के लिए। ऐसा लगता है कि जो है उसमें कुछ अधूरा है। जो मिल जाए, तो...

Read Free

सत्य की पहली धड़कन By Vedanta Life Agyat Agyani

  1. पुस्तक विवरण - Description   Vedanta 2.0 : सत्य की पहली धड़कन   सत्य कहाँ है - बाहर दिखाई देने वाले जगत में, या उस चेतना में जिसके कारण यह जगत दिखाई देता है?   मनुष्य ने इस प्...

Read Free

प्रथमाष्टमी By Anamika

​मार्गशीर्ष का महीना जब भी आता है, मेरी स्मृतियों के आँगन में हल्दी के पत्तों की वह सोंधी खुशबू तैरने लगती है। बचपन से लेकर शादी से पहले तक, यह महीना मेरे लिए किसी उत्सव से कम नहीं...

Read Free

एकनिष्ठ भक्ति By Shivam Kumar Pandey

 ।। धर्म कभी भी वंशानुगत नहीं होता ।। आस्था में स्पष्टता, आराध्य के प्रति निष्ठा और धार्मिक पहचान का प्रश्नएक मौलिक वैचारिक पुस्तकलेखक: Shivam Kumar Pandey इस पुस्तक का उद्देश्य अप...

Read Free

What Does the Ramayana Teach Us? By Skp divine

What Does the Ramayana Teach Us?A Timeless Journey of Love, Brotherhood, Unity, Sacrifice and RighteousnessThe Ramayana is not merely an ancient story. It is one of the great spiri...

Read Free

जप मंत्र का वास्तविक अर्थ क्या है? By yeash shah

_जप मंत्र का वास्तविक अर्थ क्या है?_ उत्तर : श्रीकृष्ण गीता में यह कहते है कि मंत्रों में जप मंत्र मेरा ही स्वरूप है। जप का अर्थ है नित्य अपने अंतर में किसी एक विशेष संकल्प को दोहर...

Read Free

क्या भाग्य सच में होता है? By Nitya Oswal

हाँ, भाग्य है; वह सच में है! भाग्य कैसे सच है यह जानने के लिए, आइए वास्तविक जीवन के कुछ उदाहरण देखते हैं, शुरुआत आपके 'खुद' के जीवन से करते हैं। भाग्य के वास्तविक जीवन के उ...

Read Free

रामायण हमें क्या सिखाती है? By Skp divine

रामायण हमें क्या सिखाती है?एक महान ग्रंथ, जो मनुष्य को प्रेम, मर्यादा और धर्म का मार्ग दिखाता हैरामायण केवल एक प्राचीन कथा नहीं है।यह भारतीय संस्कृति की उन महान आध्यात्मिक और साहित...

Read Free

The Story of Diwali By Annesha Banerjee

Diwali, the feast of lights , highlights the moment when millions of Hindus, Sikhs and Jains from all over the world celebrate the triumph of good over evil with distinctive tradit...

Read Free

सत्य की ज्ञान-यात्रा - अध्याय 1 By Chandni choudhary

सत्य की ज्ञान-यात्राअभ्यनव और गुरुदेव वाजदेव ऋषि की दार्शनिक कथावन की शांत गोद में गुरुदेव वाजदेव ऋषि अपनी कुटिया के बाहर ध्यानमग्न बैठे थे। संध्या का समय था। सूर्य धीरे-धीरे अस्ता...

Read Free

विष्णु परिवार: जीवन शैली - 4 By Shivam Kumar Pandey

हम सभी विष्णु सरनेम के लोग, सनातन धर्म के अनुयायी हैं, और और हम हिंदुओं से अलग नहीं बल्कि हम भी हिंदू हैं । किसी भी प्रकार से हम हिंदुओं से अलग नहीं हैं ।परिचयभारत एक प्राचीन और मह...

Read Free

લાલો 2 - પ્રકરણ 20 By Kamejaliya Dipak

"આ એ જ દાનવ છે જેના વિશે હમણાં કાલકેય વાત કરી રહ્યો હતો." "એનો અર્થ એ થયો કે આપણે પાતાળ લોકના સૌથી ભયાનક રાક્ષસનો સામનો કરવાનો છે.." "અહીંના એ અંધકારથી ભરેલા એ દાનવને ગુફાનો દરવાજો...

Read Free

REVENGE - 1 By SHAN

The first thing Riya Bennett noticed was the silence.Not the ordinary silence of a hospital corridor at midnight.This was different.The nurse standing in front of her had stopped b...

Read Free

కశ్యప మహర్షి By ch Pratap

  భారతీయ ఋషి పరంపరలో కొన్ని పేర్లు కాలాన్ని దాటి నిలిచిపోతాయి. వేదమంత్రాల్లో వినిపించి, ఉపనిషత్తుల్లో ప్రతిధ్వనించి, ఇతిహాస పురాణాల్లో విస్తరించి, తరతరాలకు ఆధ్యాత్మిక మార్గదర్శకత్వ...

Read Free

तीन समस्याएं, पीड़ा का कारण और निवारण। By yeash shah

समाज की तीन समस्याएं और पीड़ा का कारण।(अ) घर में लगातार बीमारी रहना और मेडिकल का खर्च।(ब) प्रगतिशील व्यवसाय या नौकरी का अचानक कम या बंद हो जाना।(क) रिश्तों में मनभेद और अलग हो जाने...

Read Free

गरीब किसान की मेहनत और राम की लगन By Tejpal Singh Meena

मोहन एक गरीब परिवार का सीधा वक्ति हैं वह उत्तर प्रदेश मुरादाबाद के एक छोटे से गांव अमरपुर में रहता है मोहन के परिवार में चार सदस्य रहते हैं उसकी पत्नी सरोज जो घर का सारा काम करती ह...

Read Free

श्रोत्रं यज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति(14) की व्याख्या "श्रोत्रंयज्ञेन कल्पताम्"यजुर्वेद--11/81भावार्थ--हमारे कान शुभ वचनों को ग्रहण करने वालेबनें।वेदों में प्रमाण--“हमारे कान शुभ/कल्याणकारी वचन सुनें और...

Read Free

मेरा काम हो गया - एक जागृति कथा By prem chand hembram

पुरुलिया जिले के रूकनी गाँव के समीप हारु कमार का घर था। मिट्टी की दीवारें, फूस की छत और बाँस का दरवाजा—बस यही उसकी गृहस्थी की पहचान थी।बात सन 1976 की है।हारु ने जब से होश सँभाला, त...

Read Free

शिक्षा स्मृति है, शास्त्र संकेत है, दृष्टि बोध है। By Vedanta Life Agyat Agyani

  शिक्षा स्मृति है, शास्त्र संकेत है, दृष्टि बोध है।जब मन कहता है—“कृष्ण ऐसे थे।”“बुद्ध ऐसे थे।”“राम ऐसे थे।”तो वह प्रायः इतिहास, स्मृति और किसी दूसरे के अनुभव को दोहरा रहा होता है...

Read Free

मैं हूँ - लेकिन कर्ता नहीं By Vedanta Life Agyat Agyani

  0 — कर्ता का अंत, होना शेष0 केवल शांति नहीं है।0 केवल विचारों का रुक जाना नहीं है।0 केवल ध्यान में बैठ जाना नहीं है।0 का मूल अर्थ है—कर्ताभाव का गिर जाना।मैं हूँ।बस हूँ।बाकी सब ह...

Read Free

ಬುಲೆಟ್ ಬಾಬಾ By Danger Writer

ರಾಜಸ್ಥಾನದ ಪಾಲಿಯಿಂದ ಜೋಧ್‌ಪುರಕ್ಕೆ ಸಾಗುವ ಎನ್‌ಹೆಚ್65 ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಹೆದ್ದಾರಿಯೆಂದರೆ ಹಗಲಿನಲ್ಲಿಯೂ ಮರಳುಗಾಡಿನ ತೀಕ್ಷ್ಣ ಬಿಸಿಲು ಮತ್ತು ಅಸಹನೀಯ ಶೂನ್ಯತೆಯಿಂದ ಕೂಡಿರುತ್ತಿತ್ತು. ಆದರೆ ಸೂರ್ಯ ಮುಳುಗಿ ಕತ್ತಲು ಆವರ...

Read Free