Best Spiritual Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Spiritual Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


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  • નિલક્રિષ્ના - ભાગ 40

    દૈત્યો સમુદ્રકને પ્રસન્ન કરવા સમુદ્ર કિનારે પહોંચ્યા. જપ, તપ, શ્રુતિ આદી વગેરેથી...

  • भक्त प्रह्लाद - 18

    अत्याचार की पराकाष्ठाआश्रम के लगभग सभी छात्र प्रह्लाद की राह पर चल पड़े थे। इन छ...

  • बच्चों से प्रेम या धोखा ?

      बच्चों से प्रेम या धोखा ?यह ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर लगभग हर कोई “हाँ” में दे...

प्रकाश की ओर बढ़ो। By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति--(45)की व्याख्या उद्वयं तमसस्परि ज्योतिष्पश्यन्तउत्तरे।ऋग्वेद- 1/115/1भाव--अन्धकार से ऊपर उठकर प्रकाश की ओर बढ़ो।यहाँ जो मन्त्र उद्धृत किया है, वह वास्तव में अत्यन्त...

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નિલક્રિષ્ના - ભાગ 40 By કૃષ્ણપ્રિયા

દૈત્યો સમુદ્રકને પ્રસન્ન કરવા સમુદ્ર કિનારે પહોંચ્યા. જપ, તપ, શ્રુતિ આદી વગેરેથી એનું મન પ્રસન્ન કર્યું. પૃથ્વી પર આવીને તપ કરવું એ દૈત્યો માટે શક્ય ન હતું. કેમ કે, એને દેવતાનો ભય...

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महाभारत की कहानी - भाग 220 By Ashoke Ghosh

महाभारत की कहानी - भाग-२२४ कृष्ण वर्णित कामगीता   प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने महाकाव्य महाभारत रचना किया। इस पुस्तक में उन्होंने कुरु वंश के प्रसार, गांधारी की धर्मपरायणता...

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जल-छाया By Makvana Bhavek

जल-छायाहिमालय की गोद में बसा कुमाऊँ का छोटा सा गाँव धारकोट, जहाँ सुबह की हवा में देवदार की खुशबू घुली रहती थी और शाम ढलते ही पहाड़ों पर एक अजीब सा सन्नाटा उतर आता था। यहाँ के लोग म...

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ઇસ્લામિક સ્ટોરી - 6 By Amir Ali Daredia

ઈસ્લામિક સ્ટોરી                          6     સિપાહીની સાથે બોલાચાલી થવાથી બની ઈસરાઈલે મુસા પાસે મદદ માંગી.પણ સિપાહીએ મુસા કંઈ મદદ કરે તે પહેલા બની ઇસરાયલની પીઠ પર એક જોરદાર ચાબુક...

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মহাভারতের কাহিনি – পর্ব 221 By Ashoke Ghosh

মহাভারতের কাহিনি – পর্ব-২২১ ভীষ্ম বর্ণিত ব্রাহ্মণ ও রাক্ষসের কাহিনি   প্রাককথন কৃষ্ণদ্বৈপায়ন বেদব্যাস মহাভারত নামক মহাগ্রন্থ রচনা করেছিলেন। তিনি এই গ্রন্থে কুরুবংশের বিস্তার, গান্ধ...

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अन्दर से उत्साह उत्पन्न करो By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (65) की व्याख्या "उत्सं दुहन्ति"ऋगुवेद --9/112/1भावार्थ --अन्दर से उत्साह उत्पन्न करो। उत्सं दुहन्ति” (ऋग्वेद 9.112.1)इसका अर्थ समझने के लिए शब्दों और प्रसंग दोनों...

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भक्त प्रह्लाद - 18 By Siya Kashyap

अत्याचार की पराकाष्ठाआश्रम के लगभग सभी छात्र प्रह्लाद की राह पर चल पड़े थे। इन छात्रों ने प्रह्लाद के बताए हुए भागवत धर्म को अपना लिया था और उसका यथावत् पालन करने लगे थे। जब आश्रम...

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अन्दर से विश्वास उत्पन्न करो By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद  सूक्ति-- (64)की व्याख्या "विश्वासं धेहि"ऋगुवेद --10/48/5भावार्थ --मन में विश्वास स्थापित करो। ऋग्वेद 10/48/5 — पूरा मंत्रमंत्र (संस्कृत):विश्वासं धेहि मे मनो यथा त्वं मघवन्...

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श्रापित एक प्रेम कहानी - 72 By CHIRANJIT TEWARY

वामन देवता के पैर बिल्कुल छौटे छोटे थे। जिसे दैखकर राजा बली हैरान होकर कहने लगे। " हे वामन देवता आपके अपने लिए मात्र तीन पैर जमीन मांगना जिसे सुनकर मुझे बड़ा आश्चर्य लगा क्योकी आपक...

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मन को स्थिर रखकर सत्य को जानना By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (63)की व्याख्या "धियं धारय"ऋगुवेद --8/1/5भावार्थ -- मन को स्थिर रखो।मंत्र:“धियं धारय” — ऋग्वेद 8.1.5 शब्दार्थ--धियं (धियः) = बुद्धि, मन, विचारशक्ति।धारय = ध...

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हार मत मानो By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (62) की व्याख्या "न मृष्यसे"ऋगुवेद --1/116/2हार मत मानो। सामना करो।“न मृष्यसे” (ऋग्वेद 1/116/2) का अर्थ थोड़ा सूक्ष्म है, इसलिए इसे सही संदर्भ में समझना ज़रूरी है।श...

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मी नास्तिक आणि वेदांताचा ब्रह्मन् - भाग 1 By Gajagamini

मी कोण?हा वेदान्तामधला “मी कोण?” हा प्रश्न नाहीये. हा प्रश्न लेखकाबद्दल आहे, तो माझ्याबद्दल आहे. “मी नास्तिक आणि वेदांताचा ब्रह्म ' हे शीर्षक वाचकाला कोड्यात पाडतं. एका बाजूला...

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व्याख्या ऋगुवेद की By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति--(61) की व्याख्या "बलं धेहि"ऋगुवेद --4/9/6भाव--शक्ति प्रदान करो।ऋग्वेद मण्डल 4, सूक्त 9, मन्त्र 6 का “बलं धेहि” पद अत्यन्त सारगर्भित है। मूल मन्त्र (ऋग्वेद 4/9/6)बलं...

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દીકરી ના પિતા - 2 By Samragni

મારા પિતા મારા જીવનના સૌથી મહત્વપૂર્ણ અને પ્રેરણાદાયક વ્યક્તિ છે. તેઓ માત્ર મારા પિતા જ નથી, પરંતુ મારા માટે માર્ગદર્શક, મિત્ર અને પ્રેરણાસ્ત્રોત પણ છે. તેમના જીવનમાં જવાબદારીનું ખ...

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बच्चों से प्रेम या धोखा ? By prem chand hembram

  बच्चों से प्रेम या धोखा ?यह ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर लगभग हर कोई “हाँ” में देता है।लेकिन यदि हम वास्तव में अपने बच्चों से प्रेम करते हैं,तो फिर क्यों आए दिन हमारे ही बच्चे किसी...

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शक्ति धारण करो By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-(60) की व्याख्या "श्रेष्ठ यश:"ऋगुवेद --4/33/11भावार्थ --श्रेष्ठ यश प्राप्त करो। ऋग्वेद 4/33/11 में “श्रेष्ठ यश:” का भाव वास्तव में मनुष्य को उच्च जीवन-मूल्यों की ओर प...

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શાશ્વત સુખનું શોધન! By Dada Bhagwan

અનાદિ અને અનંત એવા આ સંસારમાં જીવમાત્ર નિરંતર સુખને શોધે છે. કીડીને સાકરના ટુકડામાં સુખ લાગે છે. ફૂદાને મીણબત્તીના પ્રકાશમાં સુખ લાગે છે. ભૂખ્યા પ્રાણીને ખાવાનું મળતાં સુખ લાગે છે....

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આપણા શક્તિપીઠ - 37 - અવંતિ શક્તિપીઠ - ઉજ્જૈન - મધ્યપ્રદેશ By Jaypandya Pandyajay

આદરણીય શક્તિપીઠો, દેવીની શાશ્વત હાજરીના પવિત્ર સ્થળો.હવે, ઉજ્જૈનમાં સ્થિત અવંતિ શક્તિપીઠ (પ્રાચીન રીતે અવંતિ તરીકે ઓળખાતું) એ સ્થાન માનવામાં આવે છે જ્યાં દેવી સતીનો કોણી (અથવા કેટલ...

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प्रकाश की ओर बढ़ो। By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति--(45)की व्याख्या उद्वयं तमसस्परि ज्योतिष्पश्यन्तउत्तरे।ऋग्वेद- 1/115/1भाव--अन्धकार से ऊपर उठकर प्रकाश की ओर बढ़ो।यहाँ जो मन्त्र उद्धृत किया है, वह वास्तव में अत्यन्त...

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નિલક્રિષ્ના - ભાગ 40 By કૃષ્ણપ્રિયા

દૈત્યો સમુદ્રકને પ્રસન્ન કરવા સમુદ્ર કિનારે પહોંચ્યા. જપ, તપ, શ્રુતિ આદી વગેરેથી એનું મન પ્રસન્ન કર્યું. પૃથ્વી પર આવીને તપ કરવું એ દૈત્યો માટે શક્ય ન હતું. કેમ કે, એને દેવતાનો ભય...

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महाभारत की कहानी - भाग 220 By Ashoke Ghosh

महाभारत की कहानी - भाग-२२४ कृष्ण वर्णित कामगीता   प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने महाकाव्य महाभारत रचना किया। इस पुस्तक में उन्होंने कुरु वंश के प्रसार, गांधारी की धर्मपरायणता...

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जल-छाया By Makvana Bhavek

जल-छायाहिमालय की गोद में बसा कुमाऊँ का छोटा सा गाँव धारकोट, जहाँ सुबह की हवा में देवदार की खुशबू घुली रहती थी और शाम ढलते ही पहाड़ों पर एक अजीब सा सन्नाटा उतर आता था। यहाँ के लोग म...

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ઇસ્લામિક સ્ટોરી - 6 By Amir Ali Daredia

ઈસ્લામિક સ્ટોરી                          6     સિપાહીની સાથે બોલાચાલી થવાથી બની ઈસરાઈલે મુસા પાસે મદદ માંગી.પણ સિપાહીએ મુસા કંઈ મદદ કરે તે પહેલા બની ઇસરાયલની પીઠ પર એક જોરદાર ચાબુક...

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মহাভারতের কাহিনি – পর্ব 221 By Ashoke Ghosh

মহাভারতের কাহিনি – পর্ব-২২১ ভীষ্ম বর্ণিত ব্রাহ্মণ ও রাক্ষসের কাহিনি   প্রাককথন কৃষ্ণদ্বৈপায়ন বেদব্যাস মহাভারত নামক মহাগ্রন্থ রচনা করেছিলেন। তিনি এই গ্রন্থে কুরুবংশের বিস্তার, গান্ধ...

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अन्दर से उत्साह उत्पन्न करो By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (65) की व्याख्या "उत्सं दुहन्ति"ऋगुवेद --9/112/1भावार्थ --अन्दर से उत्साह उत्पन्न करो। उत्सं दुहन्ति” (ऋग्वेद 9.112.1)इसका अर्थ समझने के लिए शब्दों और प्रसंग दोनों...

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भक्त प्रह्लाद - 18 By Siya Kashyap

अत्याचार की पराकाष्ठाआश्रम के लगभग सभी छात्र प्रह्लाद की राह पर चल पड़े थे। इन छात्रों ने प्रह्लाद के बताए हुए भागवत धर्म को अपना लिया था और उसका यथावत् पालन करने लगे थे। जब आश्रम...

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अन्दर से विश्वास उत्पन्न करो By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद  सूक्ति-- (64)की व्याख्या "विश्वासं धेहि"ऋगुवेद --10/48/5भावार्थ --मन में विश्वास स्थापित करो। ऋग्वेद 10/48/5 — पूरा मंत्रमंत्र (संस्कृत):विश्वासं धेहि मे मनो यथा त्वं मघवन्...

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श्रापित एक प्रेम कहानी - 72 By CHIRANJIT TEWARY

वामन देवता के पैर बिल्कुल छौटे छोटे थे। जिसे दैखकर राजा बली हैरान होकर कहने लगे। " हे वामन देवता आपके अपने लिए मात्र तीन पैर जमीन मांगना जिसे सुनकर मुझे बड़ा आश्चर्य लगा क्योकी आपक...

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मन को स्थिर रखकर सत्य को जानना By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (63)की व्याख्या "धियं धारय"ऋगुवेद --8/1/5भावार्थ -- मन को स्थिर रखो।मंत्र:“धियं धारय” — ऋग्वेद 8.1.5 शब्दार्थ--धियं (धियः) = बुद्धि, मन, विचारशक्ति।धारय = ध...

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हार मत मानो By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (62) की व्याख्या "न मृष्यसे"ऋगुवेद --1/116/2हार मत मानो। सामना करो।“न मृष्यसे” (ऋग्वेद 1/116/2) का अर्थ थोड़ा सूक्ष्म है, इसलिए इसे सही संदर्भ में समझना ज़रूरी है।श...

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मी नास्तिक आणि वेदांताचा ब्रह्मन् - भाग 1 By Gajagamini

मी कोण?हा वेदान्तामधला “मी कोण?” हा प्रश्न नाहीये. हा प्रश्न लेखकाबद्दल आहे, तो माझ्याबद्दल आहे. “मी नास्तिक आणि वेदांताचा ब्रह्म ' हे शीर्षक वाचकाला कोड्यात पाडतं. एका बाजूला...

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व्याख्या ऋगुवेद की By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति--(61) की व्याख्या "बलं धेहि"ऋगुवेद --4/9/6भाव--शक्ति प्रदान करो।ऋग्वेद मण्डल 4, सूक्त 9, मन्त्र 6 का “बलं धेहि” पद अत्यन्त सारगर्भित है। मूल मन्त्र (ऋग्वेद 4/9/6)बलं...

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દીકરી ના પિતા - 2 By Samragni

મારા પિતા મારા જીવનના સૌથી મહત્વપૂર્ણ અને પ્રેરણાદાયક વ્યક્તિ છે. તેઓ માત્ર મારા પિતા જ નથી, પરંતુ મારા માટે માર્ગદર્શક, મિત્ર અને પ્રેરણાસ્ત્રોત પણ છે. તેમના જીવનમાં જવાબદારીનું ખ...

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बच्चों से प्रेम या धोखा ? By prem chand hembram

  बच्चों से प्रेम या धोखा ?यह ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर लगभग हर कोई “हाँ” में देता है।लेकिन यदि हम वास्तव में अपने बच्चों से प्रेम करते हैं,तो फिर क्यों आए दिन हमारे ही बच्चे किसी...

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शक्ति धारण करो By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-(60) की व्याख्या "श्रेष्ठ यश:"ऋगुवेद --4/33/11भावार्थ --श्रेष्ठ यश प्राप्त करो। ऋग्वेद 4/33/11 में “श्रेष्ठ यश:” का भाव वास्तव में मनुष्य को उच्च जीवन-मूल्यों की ओर प...

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શાશ્વત સુખનું શોધન! By Dada Bhagwan

અનાદિ અને અનંત એવા આ સંસારમાં જીવમાત્ર નિરંતર સુખને શોધે છે. કીડીને સાકરના ટુકડામાં સુખ લાગે છે. ફૂદાને મીણબત્તીના પ્રકાશમાં સુખ લાગે છે. ભૂખ્યા પ્રાણીને ખાવાનું મળતાં સુખ લાગે છે....

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આપણા શક્તિપીઠ - 37 - અવંતિ શક્તિપીઠ - ઉજ્જૈન - મધ્યપ્રદેશ By Jaypandya Pandyajay

આદરણીય શક્તિપીઠો, દેવીની શાશ્વત હાજરીના પવિત્ર સ્થળો.હવે, ઉજ્જૈનમાં સ્થિત અવંતિ શક્તિપીઠ (પ્રાચીન રીતે અવંતિ તરીકે ઓળખાતું) એ સ્થાન માનવામાં આવે છે જ્યાં દેવી સતીનો કોણી (અથવા કેટલ...

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