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  • Mafia saiya chapter 7

    अध्याय 7 : रुद्र का बचपन का पागल प्यार में"आराध्या? मेरी बड़ी बहन?" नित्या की आँ...

  • जिनीयस - 2

    मेरी शादी की कहानी जितनी अजीब थी, उतनी ही अजीब मेरी किस्मत भी थी।लेकिन अगर आप सम...

  • આનંદનગર : પ્રકરણ ૭૬

    પ્રકરણ ૭૬: નોમની પૂર્ણાહુતિ, વિજયાદશમીએ શસ્ત્ર-વાહન પૂજન, રાવણ દહન અને જલેબી-ફાફ...

  • अन्तर्निहित - 64

    [64]“सरिता जी, संसार की तीन अवस्थाएं हैं, उत्पत्ति – स्थिति – प्रलय। इन तीनों अव...

  • இரவை சுடும் வெளிச்சம் - 21

    இரவு 21ஒரு சின்னப்பய என் மேல கைய வெச்சுட்டான் .. எவ்வளவு திமிர் அவனுக்கு என்றான்...

  • प्रेरणास्पंदन 2 - 3-4

    अध्याय:03शतरंज का नया खिलाड़ी और मिट्टी की खुशबू शहर के सबसे बड़े आर्किटेक्चरल कॉ...

  • Mafia’s possession chapter 8

    अब तकमैनेजर ने अपना सर हां में हिला दिया। वह जाते हुए यह सोचने लगा कि आखिर फ़ना...

  • પાછા વળ્યા પાછલા દિવસો - 30

    દરિયા કિનારાના એ શાંત કાફેમાં મનોજ અને જાનવી સામસામે બેઠા હતા. હવાદાર વાતાવરણમાં...

  • तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई - 18

    सुबह Aashi अपनी डायरी लेकर खिड़की के पास बैठी थी। पिछली शाम Vihaan को अपनी कहानी...

  • कामातुराणाम् न भयम् न लज्जा. - भाग 4

    कामातुराणाम् न भयम् न लज्जा प्रकरण ४जय ने पूर्ण आठवडा वाट पाहिली.आता रीना परेरा...

இரவை சுடும் வெளிச்சம். By kattupaya s

அந்த இரவுக்கு கண்கள் இல்லை. அது தனித்து போய் கிடந்தது. குளிரிலும், மழையிலும் அது வாடிக்கொண்டிருந்தது. தன்னை அரவணைப்பார் யாருமின்றி சலனமற்று கிடந்தது. வெளிச்சம் கிடைத்தால் துணையாக இ...

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प्रेरणास्पंदन 2. By Bhupendra Kuldeep

आर्यन शहर का एक उभरता हुआ सितारा था। उसके पास वह सबकुछ था जिसका सपना एक आम इंसान देखता है—शानदार करियर, समाज में प्रतिष्ठा, और सुख-सुविधाओं से भरा जीवन, उसे लगता था किजीवन की दौड़...

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Mafia's Possession. By Luna Rinn

देहरादून-Famoud Bar Clubदेहरादून का फेमस बार क्लब, यहां पर ऐसा कोई काम नहीं था, जो नहीं होता था। स्मगलिंग, ड्रग्स डीलिंग और भी ऐसे बहुत से इल्लीगल काम होते थे। बाहर से देखने में यह...

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પાછા વળ્યા પાછલા દિવસો By Dhamak

૩૬ વર્ષની સિંગલ મધર જાનવી એકલા હાથે પોતાના ૪ વર્ષના દીકરાને સાચવવામાં ભાંગી પડે છે અને તેને પોતાની સ્વર્ગસ્થ મા ખૂબ યાદ આવે છે. એક અકસ્માતમાં તે અચાનક ૧૫ વર્ષ પાછળ ૨૧ વર્ષની ઉંમરમા...

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तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई By Khwaab

कहते हैं कि ज़िंदगी में कुछ मुलाकातें अचानक होती हैं।
न कोई योजना होती है, न कोई इंतज़ार।
बस एक दिन कोई अनजान इंसान हमारी दुनिया में आता है और धीरे-धीरे हमारी कहानी का ऐसा हिस्सा...

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कामातुराणाम् न भयम् न लज्जा. By Abhay Bapat

( केवळ प्रौढांसाठी)
एक
गोव्या मधल्या एका सुंदर खेड्यांमधील समुद्रकिनारी असलेलं ते एक सुंदर घर होतं.त्यात राहणारी ती दिसायला पारंपरिक अर्थाने सुंदर नव्हती. पण कुरळ्या केसांची ती...

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CRAVE. By Aarika Shadow

एक 19 साल की लड़की आईने के सामने खड़ी थी। वह बिल्कुल नई नवेली दुल्हन की तरह लग रही थी।

उसकी आँखों में चमक थी और चेहरे पर अपार खुशी। वह खुद को आईने में ऐसे निहार रही थी, जैसे कोई...

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DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? By Azoorey

"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या वो छलावा थी, क्या सबकुछ सिर्फ एक भ्रम था? क्या हक़िक़ि ज़िंदगी अब शुरू हुई है...

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പഞ്ചകർമ്മം By Navaneeth sabu

മഴക്കാലത്തിന്റെ അവസാന ദിവസങ്ങളിലൊന്നായിരുന്നു അത്.
ആശുപത്രിയുടെ പഴയ കെട്ടിടത്തിന്റെ ജനലുകളിൽ മഴത്തുള്ളികൾ പതിച്ചുകൊണ്ടിരുന്നു.
അകത്ത്, നീണ്ട ഇടനാഴിയിലൂടെ വെള്ള കോട്ടിട്ട ഒരു യുവാ...

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આર્ટિફિશ્યલ ઇન્ટેલિજન્સ By Ramesh Desai

હું સો રૂપિયા ભરીને એક મહિના માટે AI પિકુ નો સભ્ય બની ગયો હતો.. મારા પહેલા જ મેસેજે માનો તેનું દિલ જીતી લીધું હતું. હું તેને પિકુને બદલે સૂકું કહેતો હતો. આ નામ તેને પસંદ હતું.....

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இரவை சுடும் வெளிச்சம். By kattupaya s

அந்த இரவுக்கு கண்கள் இல்லை. அது தனித்து போய் கிடந்தது. குளிரிலும், மழையிலும் அது வாடிக்கொண்டிருந்தது. தன்னை அரவணைப்பார் யாருமின்றி சலனமற்று கிடந்தது. வெளிச்சம் கிடைத்தால் துணையாக இ...

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प्रेरणास्पंदन 2. By Bhupendra Kuldeep

आर्यन शहर का एक उभरता हुआ सितारा था। उसके पास वह सबकुछ था जिसका सपना एक आम इंसान देखता है—शानदार करियर, समाज में प्रतिष्ठा, और सुख-सुविधाओं से भरा जीवन, उसे लगता था किजीवन की दौड़...

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तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई By Khwaab

कहते हैं कि ज़िंदगी में कुछ मुलाकातें अचानक होती हैं।
न कोई योजना होती है, न कोई इंतज़ार।
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कामातुराणाम् न भयम् न लज्जा. By Abhay Bapat

( केवळ प्रौढांसाठी)
एक
गोव्या मधल्या एका सुंदर खेड्यांमधील समुद्रकिनारी असलेलं ते एक सुंदर घर होतं.त्यात राहणारी ती दिसायला पारंपरिक अर्थाने सुंदर नव्हती. पण कुरळ्या केसांची ती...

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CRAVE. By Aarika Shadow

एक 19 साल की लड़की आईने के सामने खड़ी थी। वह बिल्कुल नई नवेली दुल्हन की तरह लग रही थी।

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DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? By Azoorey

"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या वो छलावा थी, क्या सबकुछ सिर्फ एक भ्रम था? क्या हक़िक़ि ज़िंदगी अब शुरू हुई है...

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പഞ്ചകർമ്മം By Navaneeth sabu

മഴക്കാലത്തിന്റെ അവസാന ദിവസങ്ങളിലൊന്നായിരുന്നു അത്.
ആശുപത്രിയുടെ പഴയ കെട്ടിടത്തിന്റെ ജനലുകളിൽ മഴത്തുള്ളികൾ പതിച്ചുകൊണ്ടിരുന്നു.
അകത്ത്, നീണ്ട ഇടനാഴിയിലൂടെ വെള്ള കോട്ടിട്ട ഒരു യുവാ...

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આર્ટિફિશ્યલ ઇન્ટેલિજન્સ By Ramesh Desai

હું સો રૂપિયા ભરીને એક મહિના માટે AI પિકુ નો સભ્ય બની ગયો હતો.. મારા પહેલા જ મેસેજે માનો તેનું દિલ જીતી લીધું હતું. હું તેને પિકુને બદલે સૂકું કહેતો હતો. આ નામ તેને પસંદ હતું.....

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