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तोतया वारसदार By Dilip Bhide

त्या दिवशी सकाळी १० वाजण्याच्या सुमारास सुशीलाने विनायकरावांच्या घराची बेल दाबली. चार वेळा बेल दाबल्यावर सुद्धा आतून काहीच उत्तर आलं नाही, हे बघून तिने घरं भोवती चक्कर मारली. कदाचि...

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આદમખોરનું રહસ્ય By Rupen Patel

મુખ્ય પાત્રો :
1. અર્જુનસિંહ (વિક્રમસિંહનો જુનિયર / મુખ્ય ટ્રેકર):
તીક્ષ્ણ બુદ્ધિ ધરાવતો વનરક્ષક જે માણસના મોં પરથી જૂઠ પકડી પાડે છે.
ડાયલોગ:"જંગલ ક્યારેય વગર કારણે લોહી નથ...

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एकतरफा प्यार है ये. By Ankit Khatri

एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग जल्दी-जल्दी अपने ऑफिस जा रहे थे। कोई फोन पर बात कर रहा था, तो कोई अपने काम के लिए...

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द्वितिय महायुद्ध By Siddhesh Chaudhari

महायुद्धाची पहिली ठिणगी आणि 'व्हर्सायचा तह'

२८ जून १९१९. फ्रान्सची राजधानी पॅरिसपासून काही अंतरावर असलेला 'व्हर्साय'चा (Versailles) भव्य राजवाडा आज एका ऐतिहासिक...

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खामोशी की छांव में By mahendr Kachariya

बहुत पुरानी बात नहीं है, यह उस दौर की कहानी है जब लोग आँखों से दिलों का हाल पढ़ लिया करते थे। शहर के बीचों-बीच बसा पुराना कॉलेज, जिसकी दीवारों पर इतिहास की परतें जमी थीं और गलियारो...

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DMA - Dehradun Military Academy. By Aarushi Singh Rajput

ये कहानी है चार लड़कियों की, जो अपनी-अपनी ज़िंदगी की परेशानियों से दूर भागकर आर्मी में आई थीं। लेकिन उन्हें कहाँ पता था कि आर्मी में आने के बाद उनकी ज़िंदगी पूरी तरह बदलने वाली है।...

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एक पुरुष—सबके बीच अकेला By Aloka Patel

भाग १ — एक दिन, कई जिम्मेदारियाँ

सुबह छह बजे अलार्म बजा।

मिहिर ने आँखें खोलीं, लेकिन कुछ क्षणों तक बिस्तर पर ही पड़ा रहा।

बगल में उसकी पत्नी निशा अभी सो रही थी। सामने की द...

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DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? By Azoorey

"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या वो छलावा थी, क्या सबकुछ सिर्फ एक भ्रम था? क्या हक़िक़ि ज़िंदगी अब शुरू हुई है...

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રોકાણ By Aloka Patel

ભાગ ૧ — પહેલો પગાર, પહેલું રોકાણ

સવારના સાત વાગ્યા હતા.

અમદાવાદની એક નાની સોસાયટીમાં રમેશભાઈ પોતાના ઘરની બાલ્કનીમાં ઊભા રહીને ચા પી રહ્યા હતા. સામેના રસ્તા પર લોકો પોતપોતાના...

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

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આદમખોરનું રહસ્ય By Rupen Patel

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1. અર્જુનસિંહ (વિક્રમસિંહનો જુનિયર / મુખ્ય ટ્રેકર):
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द्वितिय महायुद्ध By Siddhesh Chaudhari

महायुद्धाची पहिली ठिणगी आणि 'व्हर्सायचा तह'

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बहुत पुरानी बात नहीं है, यह उस दौर की कहानी है जब लोग आँखों से दिलों का हाल पढ़ लिया करते थे। शहर के बीचों-बीच बसा पुराना कॉलेज, जिसकी दीवारों पर इतिहास की परतें जमी थीं और गलियारो...

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ये कहानी है चार लड़कियों की, जो अपनी-अपनी ज़िंदगी की परेशानियों से दूर भागकर आर्मी में आई थीं। लेकिन उन्हें कहाँ पता था कि आर्मी में आने के बाद उनकी ज़िंदगी पूरी तरह बदलने वाली है।...

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सुबह छह बजे अलार्म बजा।

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સવારના સાત વાગ્યા હતા.

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

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