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अधूरी किताब - सीजन 2 By kajal jha

अधूरी किताब – सीजन 2
एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब
वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डू...

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कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक By miss k

आज में बात करने वाली हुं एक लड़की के बारे में है थोड़ी सी नटखट , चुलबुली जिसे देख मन बस उसी के पास चला इतनी भोली शक्ल की कोई उससे नफ़रत न कर सके ।
हां, बहुत छोटी सी ही है सिर्फ ४...

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સાત સમંદર પાર By Jasmina Shah

સાત સમંદર પાર ભાગ-૧રાતના દશ વાગ્યા હતા…રાત જાણે દરેકને પોતાના ખોળામાં પોઢાડીને શાંત કરી દેવા મથી રહી હતી…દિવસે થોડી ગરમી પરંતુ રાત્રે તો ઠંડક જ પથરાઈ જતી હતી…ભાગ્યેજ રોડ ઉપર કોઈની...

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अमृत वाणी By Nitya Oswal

संत कबीर जी के इस दोहे को अक्सर लोग गलत समझ लेते हैं। वे सोचते हैं कि कबीर जी हमें डरा रहे हैं या जीवन से निराश कर रहे हैं कि “जब अंत में मिट्टी ही होना है, तो मेहनत क्यों करें?” ल...

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कालू की पहाड़ी By RAAHULL SHARMA

अभिशप्त रूह का तांडवदुनिया के नक्शे पर कुछ जगहें ऐसी होती हैं जिन्हें कुदरत ने शायद स्वर्ग का द्वार बनाने के लिए रचा था, लेकिन इंसानी फरेब और खून ने उन्हें नर्क का रास्ता बना दिया।...

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मंजिले By Neeraj Sharma

बात उन दिनों की है, एक मकान बना कर रहना, एक मिसाल और योग्यता थी। मकान अगर मंजिले हो, तो कया बात, बहुत अमीर समझे जाने वाला शक्श....." हाहाहा, "हसता हुँ, आपने पर.... ये दोगल...

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बर्बाद इश्क प्यार खेल नहीं By kajal jha

प्यार खेल नहीं
एपिसोड 1 — वह रात जब सब कुछ बिखर गया
मुंबई।
एक ऐसा शहर जो कभी सोता नहीं।
यहाँ दिन में भी भीड़ होती है और रात में भी। यहाँ की सड़कें कभी खाली नहीं होतीं, यहाँ की...

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तोतया वारसदार By Dilip Bhide

त्या दिवशी सकाळी १० वाजण्याच्या सुमारास सुशीलाने विनायकरावांच्या घराची बेल दाबली. चार वेळा बेल दाबल्यावर सुद्धा आतून काहीच उत्तर आलं नाही, हे बघून तिने घरं भोवती चक्कर मारली. कदाचि...

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తొలి పౌర్ణమి By sreelu

మనం భవిష్యత్తుని తరిమితే మనల్ని తరిమేదే గతం, ఇక్కడ గతం అంటే సమయం కాదు సందర్భం, మన మనస్సులో ఏదో ఒక మూలన నిలిచిపోయిన ఆలోచన మనల్ని ఎప్పుడూ వెంటాడుతూనే ఉంటుంది....

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फक्त तुझ्याच साठी By Reshma

रात्र...

मुंबईच्या चमचमणाऱ्या दिव्यांपासून दूर...

एक असा रस्ता होता, जिथे फक्त काळोखाचं राज्य होतं.

आकाशात काळे ढग जमा झाले होते.

पावसाचे छोटे छोटे थेंब काळ्या रस्त्याव...

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अधूरी किताब - सीजन 2 By kajal jha

अधूरी किताब – सीजन 2
एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब
वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डू...

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कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक By miss k

आज में बात करने वाली हुं एक लड़की के बारे में है थोड़ी सी नटखट , चुलबुली जिसे देख मन बस उसी के पास चला इतनी भोली शक्ल की कोई उससे नफ़रत न कर सके ।
हां, बहुत छोटी सी ही है सिर्फ ४...

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સાત સમંદર પાર By Jasmina Shah

સાત સમંદર પાર ભાગ-૧રાતના દશ વાગ્યા હતા…રાત જાણે દરેકને પોતાના ખોળામાં પોઢાડીને શાંત કરી દેવા મથી રહી હતી…દિવસે થોડી ગરમી પરંતુ રાત્રે તો ઠંડક જ પથરાઈ જતી હતી…ભાગ્યેજ રોડ ઉપર કોઈની...

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अमृत वाणी By Nitya Oswal

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कालू की पहाड़ी By RAAHULL SHARMA

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मंजिले By Neeraj Sharma

बात उन दिनों की है, एक मकान बना कर रहना, एक मिसाल और योग्यता थी। मकान अगर मंजिले हो, तो कया बात, बहुत अमीर समझे जाने वाला शक्श....." हाहाहा, "हसता हुँ, आपने पर.... ये दोगल...

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बर्बाद इश्क प्यार खेल नहीं By kajal jha

प्यार खेल नहीं
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मुंबई।
एक ऐसा शहर जो कभी सोता नहीं।
यहाँ दिन में भी भीड़ होती है और रात में भी। यहाँ की सड़कें कभी खाली नहीं होतीं, यहाँ की...

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तोतया वारसदार By Dilip Bhide

त्या दिवशी सकाळी १० वाजण्याच्या सुमारास सुशीलाने विनायकरावांच्या घराची बेल दाबली. चार वेळा बेल दाबल्यावर सुद्धा आतून काहीच उत्तर आलं नाही, हे बघून तिने घरं भोवती चक्कर मारली. कदाचि...

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తొలి పౌర్ణమి By sreelu

మనం భవిష్యత్తుని తరిమితే మనల్ని తరిమేదే గతం, ఇక్కడ గతం అంటే సమయం కాదు సందర్భం, మన మనస్సులో ఏదో ఒక మూలన నిలిచిపోయిన ఆలోచన మనల్ని ఎప్పుడూ వెంటాడుతూనే ఉంటుంది....

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फक्त तुझ्याच साठी By Reshma

रात्र...

मुंबईच्या चमचमणाऱ्या दिव्यांपासून दूर...

एक असा रस्ता होता, जिथे फक्त काळोखाचं राज्य होतं.

आकाशात काळे ढग जमा झाले होते.

पावसाचे छोटे छोटे थेंब काळ्या रस्त्याव...

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