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नाते जन्मापलिकडचे By lekhani

"ए बैला! उठ पटकन, नाहीतर शाळेत जायला घाई घाई करशील!!"आईच्या ओरड्याने एक मुलगा आळस देऊन उठला. त्या ओरड्याचा खास काही फरक पडला नव्हता.

आळशी बैलाने काय केलं असेल. तो बेडरूम...

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నా నువ్వే By Vijayalaxmi Velamala

కీర్తి... త్వరగా లేవవే! ఎంతసేపు పడుకుంటావ్? క్లాస్‌కి టైమ్ అవుతుంది...“రాత్రి రెండు వరకు ఫోన్ చూడడం... పొద్దున ఏమో దున్నపోతులా పడుకోవడం... రోజూ ఇదే పని నీకు!” అని ప్రియ కీర్తిని లే...

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અધૂરા શ્વાસ By Ashish Dalal

સવારનો ખુશનુમા સમય હતો. ઘરમાં ગૂંજેલી શરણાઈઓની મધુર સુરાવલી હજુય જાણે હવામાં તરતી હતી, પણ રાતની રોનક અને ચહલપહલ હવે ધીમે ધીમે ઓસરી ચૂકી હતી. દીવાલો પર લટકતી દીવડાઓની લડીઓ ઝાંખી પડી...

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नाते डायरीशी ... By Dipak Ringe

रात्रीचे जवळपास साडेअकरा वाजले होते. मुंबईचा पाऊस आणि त्या जोरदार सरी, मुंबईचा पाऊस सुरू झाला की रात्र कधी संपते आणि सकाळ कधी होते, हे कळत नाही. रस्त्यावरच्या गाड्यांचे आवाज कमी झा...

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तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई By Khwaab

कहते हैं कि ज़िंदगी में कुछ मुलाकातें अचानक होती हैं।
न कोई योजना होती है, न कोई इंतज़ार।
बस एक दिन कोई अनजान इंसान हमारी दुनिया में आता है और धीरे-धीरे हमारी कहानी का ऐसा हिस्सा...

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આનંદનગર. By Rupen Patel

આનંદનગર એ માત્ર ઈંટ-સિમેન્ટથી બનેલી ચાર દીવાલો કે ફ્લેટોનું સરનામું નથી, પણ “મિની ભારત”નું જ્વલંત ઉદાહરણ છે. અહીં હિન્દુ, મુસ્લિમ, જૈન, શીખ, પારસી અને ખ્રિસ્તી પરિવારો છે. ગુજરાતી,...

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વૃશાલી (કર્ણ ની અર્ધાંગિની) By Vishakha Bhatt

સંધ્યા ધીમે ધીમે ઢળી રહી હતી. આકાશના અંતિમ કિરણો જાણે દિવસને વિદાય આપી રહ્યા હતા, પરંતુ રાધામાના હૃદયમાં શાંતિનો એક પણ કિરણ નહોતો.
તુલસીક્યારા પાસે દીપ પ્રગટાવવાનો સમય થઈ ગયો હતો....

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ज़िंदगी तू क्या नहीं देती By Priya

मेरा नाम अनन्या है। 27 साल की उम्र में मैंने जिंदगी का सबसे कड़वा सच देखा। जब सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं रहता।

पिछले महीने तक मेरे पास सब था। एक अच्छी नौकरी, एक शादी जिसे मैंने...

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बांसुरी की धुन By prem chand hembram

भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे।
देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी भी वैसी ही थी, जैसे आज़ादी की किरण पहाड़ों के उस पार कहीं रुक गई हो। पेट की आग, कर्ज क...

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कहानी एक लड़की की By Vishakha Pareek

28 साल की मीशा अपने काम से जाने की घर वालों से विदा लेकर अपनी कार में बैठी। उसने अपने परिवार वालों की तरफ एक हल्की मुस्कुराहट के साथ देखा... जैसे मानो वह उनसे कुछ कहना चाहती हो, पर...

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नाते जन्मापलिकडचे By lekhani

"ए बैला! उठ पटकन, नाहीतर शाळेत जायला घाई घाई करशील!!"आईच्या ओरड्याने एक मुलगा आळस देऊन उठला. त्या ओरड्याचा खास काही फरक पडला नव्हता.

आळशी बैलाने काय केलं असेल. तो बेडरूम...

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నా నువ్వే By Vijayalaxmi Velamala

కీర్తి... త్వరగా లేవవే! ఎంతసేపు పడుకుంటావ్? క్లాస్‌కి టైమ్ అవుతుంది...“రాత్రి రెండు వరకు ఫోన్ చూడడం... పొద్దున ఏమో దున్నపోతులా పడుకోవడం... రోజూ ఇదే పని నీకు!” అని ప్రియ కీర్తిని లే...

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અધૂરા શ્વાસ By Ashish Dalal

સવારનો ખુશનુમા સમય હતો. ઘરમાં ગૂંજેલી શરણાઈઓની મધુર સુરાવલી હજુય જાણે હવામાં તરતી હતી, પણ રાતની રોનક અને ચહલપહલ હવે ધીમે ધીમે ઓસરી ચૂકી હતી. દીવાલો પર લટકતી દીવડાઓની લડીઓ ઝાંખી પડી...

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नाते डायरीशी ... By Dipak Ringe

रात्रीचे जवळपास साडेअकरा वाजले होते. मुंबईचा पाऊस आणि त्या जोरदार सरी, मुंबईचा पाऊस सुरू झाला की रात्र कधी संपते आणि सकाळ कधी होते, हे कळत नाही. रस्त्यावरच्या गाड्यांचे आवाज कमी झा...

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तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई By Khwaab

कहते हैं कि ज़िंदगी में कुछ मुलाकातें अचानक होती हैं।
न कोई योजना होती है, न कोई इंतज़ार।
बस एक दिन कोई अनजान इंसान हमारी दुनिया में आता है और धीरे-धीरे हमारी कहानी का ऐसा हिस्सा...

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આનંદનગર. By Rupen Patel

આનંદનગર એ માત્ર ઈંટ-સિમેન્ટથી બનેલી ચાર દીવાલો કે ફ્લેટોનું સરનામું નથી, પણ “મિની ભારત”નું જ્વલંત ઉદાહરણ છે. અહીં હિન્દુ, મુસ્લિમ, જૈન, શીખ, પારસી અને ખ્રિસ્તી પરિવારો છે. ગુજરાતી,...

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વૃશાલી (કર્ણ ની અર્ધાંગિની) By Vishakha Bhatt

સંધ્યા ધીમે ધીમે ઢળી રહી હતી. આકાશના અંતિમ કિરણો જાણે દિવસને વિદાય આપી રહ્યા હતા, પરંતુ રાધામાના હૃદયમાં શાંતિનો એક પણ કિરણ નહોતો.
તુલસીક્યારા પાસે દીપ પ્રગટાવવાનો સમય થઈ ગયો હતો....

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ज़िंदगी तू क्या नहीं देती By Priya

मेरा नाम अनन्या है। 27 साल की उम्र में मैंने जिंदगी का सबसे कड़वा सच देखा। जब सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं रहता।

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बांसुरी की धुन By prem chand hembram

भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे।
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कहानी एक लड़की की By Vishakha Pareek

28 साल की मीशा अपने काम से जाने की घर वालों से विदा लेकर अपनी कार में बैठी। उसने अपने परिवार वालों की तरफ एक हल्की मुस्कुराहट के साथ देखा... जैसे मानो वह उनसे कुछ कहना चाहती हो, पर...

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