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The Things we never Became By prachi Gurjar

THE DAY EVERYTHING CRACKED

CHAPTER 1

THE RESULT

The list came out at ten in the morning, and by ten fifteen, Anaya Sharma already knew her name was not on it.

She did n...

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કુંવારો જેઠ By Vir jadeja

આખામાં ગામ મા જ્યારે પણ કોઈના લગનની શરણાઈ વાગતી, ત્યારે સુરજપર ગામના નાથુજીના ડેલામાં એક લાંબો નિસાસો નંખાતો. નાથુજીના ત્રણ દીકરા. મોટો જગાભાઈ (જગદીશ), વચલો ભગો (ભગવાન) અને નાનો દિ...

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बंद लिफाफा By Digant J Patel

रात के ठीक 11:57 बजे थे।
मुंबई शहर बारिश में डूबा हुआ था।

अनिकेत अपनी कार पार्क करके अपार्टमेंट की ओर बढ़ रहा था। जैसे ही उसने मुख्य दरवाज़ा खोला, उसकी नज़र ज़मीन पर पड़े एक सफ...

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में और मेरे अहसास By Dr Darshita Babubhai Shah

में और मेरे अहसास भाग-१ *** ईश्क में तेरे जोगन बन गई lआज राधा जोगन बन गई ll *** गरघर कीदीवार केकर्णहोतेकोई घरखड़ाना होता ll *** काटे नहीं कटता एक पल यहां lकैसे कटेगी एक उम्र भला यहा...

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स्वर्ग का दरवाजा By Author Pawan Singh

अक्सर आपके मन में एक सवाल आता होगा कि आख़िर में क्षत्रिय में क्यों पैदा हुआ? या ब्राह्मण परिवार में क्यों पैदा हुआ उसका आख़िर मुझे क्या फ़ायदा?

इससे तो अच्छा मैं किसी भी जाति म...

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कवी कलश: स्वराज्यनिष्ठ महाकवी By Shivraj Bhokare

हे पुस्तक 'कवी कलश' यांच्या जीवनप्रवासावर, उपलब्ध समकालीन ऐतिहासिक दस्तऐवज आणि आधुनिक संशोधकांच्या निष्कर्षांवर आधारित लिहिलेले ऐतिहासिक चरित्र आहे. या ग्रंथाचा उद्देश इतिह...

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Muhabbat Ek Sabaq By Afariya Faruqui

“शिफ़ा शिफ़ा....”,अनस सहन में खड़ा उसको आवाज़ कम दे रहा था और चि़ल्ला ज़्यादा रहा था।“क्या मुसीबत है, कभी तो चैन से खाना खाने दिया करो। हर वक़्त सर पर नाज़िल रहते हो”वह बड़बड़ाती ह...

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तिजोरी By Abhay Bapat

नागपूरच्या अभेद्य सेफ कॉर्पोरेशन मधील घड्याळ रात्रीचे अकराला पाच कमी असल्याची वेळ दाखवत होतं. वज्र द्विवेदी निघण्याच्या तयारीतच होता. तेवढ्यात फोन वाजला. पाच मिनिटे उशिरा जर फोन आल...

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सुरक्षा का अनोखा विचार By Md Siddiqui

यह एक काल्पनिक कहानी है। इसका उद्देश्य केवल एक तकनीकी विचार और नागरिक सुरक्षा से जुड़े संभावित समाधान को कहानी के माध्यम से प्रस्तुत करना है। कहानी में वर्णित पात्र घटनाएँ और संवाद...

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टाईम पॅराडॉक्स By Dr Phynicks

सूर्य मावळून गेला होता, पण डॉ. सागर पांडे च्या प्रयोगशाळेत, किंवा अधिक अचूक सांगायचे तर, त्यांच्या बंगल्याच्या तळघरात, विजेचा निळा आणि पांढरा प्रकाश अजूनही धगधगत होता.

या तळघरा...

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में और मेरे अहसास भाग-१ *** ईश्क में तेरे जोगन बन गई lआज राधा जोगन बन गई ll *** गरघर कीदीवार केकर्णहोतेकोई घरखड़ाना होता ll *** काटे नहीं कटता एक पल यहां lकैसे कटेगी एक उम्र भला यहा...

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कवी कलश: स्वराज्यनिष्ठ महाकवी By Shivraj Bhokare

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या तळघरा...

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