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मकान का पिछला बरामदा छोटा था। ढके हुए कूलर। पुराने एसी के आउटडोर यूनिट। टूटे गमल...
अध्याय: 8_________________________________________दृश्य: अगला दिन , सुबह , श्रद्...
आर्यन अपने कमरे मेंजब से आर्यन के पिता से मिल कर लौटे थे तब से कार्तिक चुप चाप क...
शहद की गुड़िया - प्रकरण -14 " यहीं से हमारी पक...
उस दिन जब चित्र ने सबके सामने पहली बार आवाज़ उठाई थी…घर कुछ पल के लिए शांत जरूर...
पटना सेंट्रल कोर्ट का रूम एक उफान भरे समंदर सा लग रहा था। जज सुरेश बाबू की भारी...
अब तक आपने पढ़ा "Good morning श्री दी।" श्री हां इस लड़की का नाम श्री ह...
विष बना अमृतवधिकों के हर प्रहार से प्रह्लाद बच गये। उन पर किसी भी अस्त्र-शस्त्र...
खतरनाक शुहागरातअध्याय 1: वादाहवा में गुलाब की पंखुड़ियाँ बिखरी हुई थीं और मंदिर...
अध्याय 5 कुछ रिश्ते दिल में रह जाते हैंपिछले अध्याय में राधा ने अर्जुन को सच बता...
रमकलिया, जी हाँ, यही तो नाम था उस लड़की का। सोलह वर्ष की रमकलिया अपने माँ–बाप की इकलौती संतान थी। उसके माँ-बाप उसका बहुत ही ख्याल रखते थे और उसकी हर माँग पूरी करते थे। अरे यहाँ तक...
सुबह का समय था, और एक बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनी की कार्यलय की हलचल धीरे-धीरे शुरू हो चुकी थी। ऑफिस की इमारत चमचमाती थी, लेकिन उसके अंदर कर्मचारियों की ज़िंदगी उतनी ही जटिल और संघर्षप...
“शंकर चाचा, ज़ल्दी से दरवाज़ा खोलिए!” बाहर से कोई इंसान के चिल्लाने की आवाज़ आई। आवाज़ के साथ कोई आँगन का दरवाज़ा धड़धड़ाने लगा, जो पूरी तरह से जंग खाए बैठा था और पक्की दीवार पर टिका हुआ...
आज खुद को किसी की जुबान से सुना एक नन्ही सी परी ओर इतने बड़े बड़े शब्दों में सिमटी हुई कुछ तो गुजर रहा होगा जिन्दगी में उसके जो खेलने कूदने खिलकर हंसने की उम्र में डिप्रेशन,एंजायटी...
यहाँ हमने पहले बुज़ुर्गो के आशिष नाम से novel मतलब motivational कहानियाँ लिखी थी, अभी कहानियाँ पुरानी हैँ, अनसुनी हैँ, सीखने बहुत मिलता हैँ *!! कठिनाईयां !!* ~~~~~~~~~~~~~~~~...
प्रिया के घर के सामने वाले खाली घर में महीनों से सन्नाटा पसरा था। उस घर के आँगन में धूल से नहाये हुए पत्ते, हवा के साथ यहाँ से वहाँ उड़ते नज़र आते थे। जगह-जगह पत्तों के छोटे-छोटे ढ...
में अकसर सोचती थी की अगर हम कोई अच्छा काम करे तो हमारे माता पिता एवम् परिवार वालो की कीर्ति तो बढ़ेंगी ही पर उन शिक्षको और दोस्तो का क्या जिसने भी हमारी सफलता में अमूल्य योगदान दिय...
एक बड़ा सा बंग्लो जिसके entrance gate पर एक बड़ा सा बोर्ड लगा हुआ था, जिसके ऊपर बड़े बड़े अक्षरों में "Oberoi Villa" लिखा हुआ था। उस Bungalow के entrance gate से लेकर main...
अपना पुरा ब्रम्हांड चक्राकार रुप में घुमता रहता है। उसकी घुमने की प्रक्रिया बहुत ही धीरे से चलती रहती है। कभी-कभी व्यक्ति जीवन के सफर में पिसते हुए ऐसे निर्णायक मोड पर आकर रुकता है...
~आरंभ~पतझड़ के दिन अभी अभी खत्म हुए थे, अब मौसम का सफर बसंत ऋतु की सुगंध सेमहकती हवाओं की रवानगी की और बढ़ रहा था | यह कहानी भी कई सौ साल पहले इन्हीं दिनों शुरू हुई थी | यह वह समय...
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