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अग्निवंश शांत बैठा था. उसके सामने धूनी जल रही थी, पर आग की लपटें नहीं काँप रही थ...
दुसऱ्या दिवशी दुपारी मी मुंबई सोडली.ट्रेन हळूहळू स्टेशन सोडत होती. प्लॅटफॉर्म मा...
“मैं ये शादी नहीं कर सकती, माँ… प्लीज़ समझने की कोशिश करो!”आराध्या की आवाज़ काँप...
तभी कक्ष में स्वामी मुक्तानंद की आवाज गूंजी।जैसे स्वामी मुक्तानंद ने रोहित...
ঝরাপাতা পর্ব - ৬০অক্ষম আক্রোশে রনি বিছানায় একটা ঘুষি মারে, "কত সুখী ছিলাম সেদিন...
Forever, in Another LifetimeThe dream was always the same. Not a hazy, fragmente...
Chapter Eleven: Death Strikes again The final weeks of their degree program dwin...
TheLab Recap Suddenly, Ravien's felt a presence behind him, and before he co...
एक गलतीलेखक: विजय शर्मा एरीकहते हैं, इंसान की ज़िंदगी में सबसे महँगी चीज़ उसकी ए...
अध्याय 9 आखरी आदेश हवेली का वह भव्य दरबार अब किसी श्मशान की शांति ओढ़े हुए था। स...
मुंबई की रातें— जो कभी हज़ारों सपनों की धड़कन हुआ करती थीं, वे अब अविन अविनाशी चौहान के लिए किसी रोमांच से नहीं, बल्कि एक खामोश मजबूरी से भरी थीं। यह नवंबर की उमस भरी रात थी; मरीन...
खामोश पेंटिंग की पहली साँस पुरानी गली की वह कला-दुकान हमेशा की तरह उस शाम भी आधी अँधेरे में डूबी हुई थी। बाहर बारिश की हल्की बूँदें पत्थरों से टकरा रही थीं और अंदर हवा में पुरान...
एक भयानक खोज दिल्ली की पुरानी लाइब्रेरी, जहां धूल से भरे शेल्फ़ और पन्नों की हल्की महक थी, रिया का पसंदीदा ठिकाना था। 22 साल की रिया, इतिहास की छात्रा थी, और उसे लगता था कि हर पुर...
रात इतनी गहरी थी कि चाँद की रौशनी भी शायद डर के छिप रही थी। बारिश की बूंदें पत्थरों पर जोर से गिर रही थीं, और हर तरफ सिर्फ अंधेरा था।यह कहानी है २२ साल के आरव की, जो कुछ ही समय पहल...
एक बार की बात है—निलेश, जय और पार्थ देर रात निलेश के घर पर पार्टी कर रहे थे। पार्टी खत्म होने के बाद जय और पार्थ अपने-अपने घर के लिए निकल पड़े। जय तो अपने घर पहुँच गया, लेकिन पार्थ...
આ વાર્તા અદ્વિક નામના એક લેખકની છે. જેણે જીવનમાં માત્ર નિષ્ફળતા અને અસંતોષ જ અનુભવ્યો હતો. તેનું મન શૂન્ય હતું. જાણે કે હજારો વર્ષોથી ઉજ્જડ રણ હોય. એક સાંજે જ્યારે તે પોતાના જૂના પ...
" નાથુ ચા મંગાવ." ઘેલાણી એ પોલીસ સ્ટેશનમાં પ્રવેશતાં જ નાથુ ને કહ્યું અને પછી પોતાની કેબીનમાં જતાં રહ્યાં. " સર મને ખબર જ હતી કે તમે આવશો એટલે પહેલાથી જ ચા માટે કહી...
कुछ प्रेम कहानियाँ ज़मीन पर शुरू होकर आसमान में बिखर जाती हैं। कुछ, मौत के बाद भी नहीं मिटती है । ये कहानी है एक ऐसे प्यार की, जो अधूरा रह गया… और एक ऐसी रूह की, जो अब अधूरी नही...
उस सड़क के बारे में गांव के बुजुर्ग कहते थे कि सूरज ढलने के बाद वह रास्ता किसी और ही दुनिया में चला जाता है। जो वहां गया वह लौटा जरूर है पर पहले जैसा कभी नहीं रहा। उसी सड़क पर उस र...
हिमालय की ढलानों पर रात पूरी तरह उतर चुकी थी। देवदार के घने जंगल के बीच बने छोटे-से कैम्प में एक अलाव जल रहा था, जिसकी लपटें सबके चेहरों पर नारंगी रोशनी बिखेर रही थीं। ठंडी हवा तम्...
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