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‘कलमजीवी निराला’ बाद में ‘गीत गाने दो मुझे’ नाम से प्रकाशित हुआ। जो बच्चे नाटक...
(If you came directly to this without finishing the Omniverse chapter, you won&#...
भूल-97 नेहरू ने अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटा भारतीय संविधान ने 10 मई, 1951 क...
মার্কস বাই সিন–৬হোটেলের পঁচিশ তলার পেন্টহাউস স্যুইট।কাচের দেওয়ালজোড়া জানালায়...
Pushpa Movie Review (Hindi)फिल्म का नाम: Pushpa: The Riseनिर्देशक: Sukumarस्टार...
अब पुलिस लीलावती निलेश और जय को आतंकवादी तांत्रिक समझ रहे थे । वहीं पूरा भारत उन...
అతను చిన్నప్పుడే అర్థం చేసుకున్నాడు—జీవితం అందరికీ ఒకేలా మొదలవదు ఒకేలా ఉండదు అని...
........................रोहित एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।उन्होंने संसार से पूरी त...
ತ್ಯಾಗ, ಕರ್ಮ ಮತ್ತು ಕಲಿಯುಗದ ವಾಸ್ತವ - ಬಿ.ಎಸ್. ಷಡಾಕ್ಷರಿ ಸ್ವಾಮಿ - ಶಶಿಯ ಯೋಚನಾ ತಾತ್ಪರ್...
ప్రొద్దున ఎండ కాస్త ప్రశాంతంగా ఉన్నా, రుద్రకోట శివార్లలోకి అడుగుపెట్టగానే వాతావర...
मुंबई की उस रात में उमस नहीं, एक दम घोटने वाली खामोशी थी. उपनगर की एक तंग गली के आखिरी छोर पर स्थित उस जर्जर इमारत का कमरा नंबर सत्रह, किसी जिंदा कब्र जैसा लग रहा था. घडी की सुइयां...
एक भयानक खोज दिल्ली की पुरानी लाइब्रेरी, जहां धूल से भरे शेल्फ़ और पन्नों की हल्की महक थी, रिया का पसंदीदा ठिकाना था। 22 साल की रिया, इतिहास की छात्रा थी, और उसे लगता था कि हर पुर...
रात इतनी गहरी थी कि चाँद की रौशनी भी शायद डर के छिप रही थी। बारिश की बूंदें पत्थरों पर जोर से गिर रही थीं, और हर तरफ सिर्फ अंधेरा था।यह कहानी है २२ साल के आरव की, जो कुछ ही समय पहल...
मुंबई की रातें— जो कभी हज़ारों सपनों की धड़कन हुआ करती थीं, वे अब अविन अविनाशी चौहान के लिए किसी रोमांच से नहीं, बल्कि एक खामोश मजबूरी से भरी थीं। यह नवंबर की उमस भरी रात थी; मरीन...
खामोश पेंटिंग की पहली साँस पुरानी गली की वह कला-दुकान हमेशा की तरह उस शाम भी आधी अँधेरे में डूबी हुई थी। बाहर बारिश की हल्की बूँदें पत्थरों से टकरा रही थीं और अंदर हवा में पुरान...
एक बार की बात है—निलेश, जय और पार्थ देर रात निलेश के घर पर पार्टी कर रहे थे। पार्टी खत्म होने के बाद जय और पार्थ अपने-अपने घर के लिए निकल पड़े। जय तो अपने घर पहुँच गया, लेकिन पार्थ...
આ વાર્તા અદ્વિક નામના એક લેખકની છે. જેણે જીવનમાં માત્ર નિષ્ફળતા અને અસંતોષ જ અનુભવ્યો હતો. તેનું મન શૂન્ય હતું. જાણે કે હજારો વર્ષોથી ઉજ્જડ રણ હોય. એક સાંજે જ્યારે તે પોતાના જૂના પ...
" નાથુ ચા મંગાવ." ઘેલાણી એ પોલીસ સ્ટેશનમાં પ્રવેશતાં જ નાથુ ને કહ્યું અને પછી પોતાની કેબીનમાં જતાં રહ્યાં. " સર મને ખબર જ હતી કે તમે આવશો એટલે પહેલાથી જ ચા માટે કહી...
कुछ प्रेम कहानियाँ ज़मीन पर शुरू होकर आसमान में बिखर जाती हैं। कुछ, मौत के बाद भी नहीं मिटती है । ये कहानी है एक ऐसे प्यार की, जो अधूरा रह गया… और एक ऐसी रूह की, जो अब अधूरी नही...
उस सड़क के बारे में गांव के बुजुर्ग कहते थे कि सूरज ढलने के बाद वह रास्ता किसी और ही दुनिया में चला जाता है। जो वहां गया वह लौटा जरूर है पर पहले जैसा कभी नहीं रहा। उसी सड़क पर उस र...
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