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श्रावण की एकादशीएक समय की बात है। किसी गाँव में चार दोस्त थे - अजय, विजय, संजय औ...
ભાગ ૫: આકર્ષણનું બીજ લેક્ચર હોલમાં છવાયેલી પિન-ડ્રોપ શાંતિ વચ્ચે ડૉ. શશાંક વ્યાસ...
Episode 11 – जब दूरी आईने की तरह होती हैसमय अजीब चीज़ है।कभी रुक जाता है,कभी बिन...
बचपन की स्मृतियाँ अक्सर जीवन के किसी मोड़ पर अचानक लौट आती हैं और फिर मन को उन ग...
कल जो हो गया वो चला गया। रोने से, पछताने से वो वापस नहीं आएगा। आज सुबह जब आंख खु...
१. इनाल्को हाऊस: एक नवीन बर्गहॉफकाळ्या रंगाच्या त्या आलिशान लष्करी गाड्या पॅटागो...
**पूनम जेव्हा सासरी जाते तेव्हा,** निघते फक्त. काहीही घेऊन जात नसते. जसंच त्...
#পর্ব_৮রবিবার,,,,,,,,,,,,,২৩/০৪/২০১৯,,,,,,,,,,,রাত ১:৩৫আকাশে অর্ধেক চাঁদ ঝুলে আছ...
Part 2 A THOUSAND MILES .---The next morning, both of them prepared for their co...
सुबह - सुबह जल्दी उठकर सीता कॉलेज जाने के लिए तैयार हो रही थी , अपना टिफिन बनाया...
कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा...
नागपूरच्या अभेद्य सेफ कॉर्पोरेशन मधील घड्याळ रात्रीचे अकराला पाच कमी असल्याची वेळ दाखवत होतं. वज्र द्विवेदी निघण्याच्या तयारीतच होता. तेवढ्यात फोन वाजला. पाच मिनिटे उशिरा जर फोन आल...
ये कहानी एक लड़की की है जिसका नाम श्री है ।श्री का पूरा शरीर भले की कुरूप था लेकिन पता नहीं कैसे उसका मुंह ठीक था । बोले तो सुंदर था । मुंह देख कर तो कोई कहे नहीं सकता था कि उससे क...
सावी - बाबाsss पिंकीsss या लवकर नाश्ता तयार आहे.... सतीश - आलो गं आलो... गुड मॉर्निंग चिऊ!? सावी - शुभ सकाळ बाबा! घ्या सुरु करा.. सतीश - वाह! आज ढोसे...मज्जा केलीस हा आ...
जिंदगी के पार जिंदगी कहते हैं जिंदगी एक रहस्य से भरा हुआ है एक पजल की तरह जिंदगी की हर मोड़ हर रास्ता है जिसे सुलझाना आसान नहीं और जिंदगी की कहानी एक पजल है...
सोने का पिंजरा हवेली बड़ी थी। इतनी बड़ी कि गौरी को बचपन में लगता था कि अगर वह एक कने से दौड़ना शुरू करे, तो साँस फल जाएगी दूसरे कोने तक पहुँचने से पहले। सेठ धरमचंद की इकलौती...
चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...
The Beginning of the EndIt was a quiet morning.The courtroom stood in silence, its atmosphere heavy yet calm. The soft rustling of papers and the occasional creak of chairs were th...
धनबाद शहर , जहां के सड़को पर अशोक और राजबीर एक building से बाहर भागते हूए दिखता है । दोनो बाप बेटा शहर मे लड़कियों की smuggling और ड्रग्स का धंधा करता है , पर रुद्रा और एंथोनी जो अ...
सूर्य मावळून गेला होता, पण डॉ. सागर पांडे च्या प्रयोगशाळेत, किंवा अधिक अचूक सांगायचे तर, त्यांच्या बंगल्याच्या तळघरात, विजेचा निळा आणि पांढरा प्रकाश अजूनही धगधगत होता. या तळघरा...
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