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    دل کی باتیں لبوں تک پہنچیں تو قیامت آ جائے گی۔ ہونٹوں پر خفیہ باتیں آئیں تو قیام...

  • हीर... - 2

    अंकिता.. अजीत से बात करने के बाद फटाफट से तैयार हुयी और बिल्कुल ठीक समय पर उससे...

  • कोकणी हिसका

    कोकणी हिसका कॅम्पस इंटर्व्यूसाठी जॉर्डन खुराना केटा सप्लायर्स कंपनीचे मॅनेजिंग ड...

  • लागा चुनरी में दाग़--भाग(२८)

    फिर डाक्टर सतीश राय ने दीवान साहब की मोटर के नजदीक जाकर भागीरथ जी की जाँच की और...

  • भुतिया एक्स्प्रेस अनलिमिटेड कहाणीया - 45

    Ep 45साई का महिमा. 1 ................. साल 2000 चालीस वर्ष के जनार्दन वल्कु जोशी...

  • Shyambabu And SeX - 20

    20 पिटाई   मगर फिर उन्हें समझाते हुए बोला,  “हर इंसान की अपनी समझ है और वेश्यावृ...

  • આત્મજા - ભાગ 8

    આત્મજા ભાગ 8" ઓહ..! તો તેના શુભ આગમનથી તું કરોડોની મિલકતની માલકીન બની તેથી તને ક...

  • वस्तू स्वस्त व्हाव्यात?

    वस्तू स्वस्त व्हाव्यात? सध्याचा काळ पाहिल्यास बऱ्याच वस्तू ह्या महाग झालेल्या आह...

  • நினைக்காத நேரமேது - 46

    நினைவு-46 தாத்தாவின் கேள்வி சத்யானந்தனை திகைக்க வைத்தது. ‘தொழிலை அப்படியே விட்டு...

  • कंचन मृग - 45. शीघ्रता करो अन्यथा

    45. शीघ्रता करो अन्यथा- उदयसिंह , देवा और कुँवर लक्ष्मण राणा अश्वारोहियों का पीछ...

એક હતી કાનન... By RAHUL VORA

પોતાની મસ્તીમાં કાવ્ય પંક્તિઓ ગણગણી રહેલી કાનનની સાથે ચાલતો મનન શબ્દો પકડવા પ્રયત્ન કરી રહ્યો હતો. અચાનક કાનન અટકી.અવળી ફરી.
“હવે આપણી યાત્રા અહીં પૂરી થાય છે.મારી શરૂ થાય છે.”
શ...

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मैं तो ओढ चुनरिया By Sneh Goswami

कोई भूखा मंदिर इस उम्मीद में जाय कि उसे एक दो लड्डू या बूंदी मिल जाय तो रात आराम से निकल जाएगी और वहाँ से मिले मक्खन मलाई का दोना तो जो हालत उस भूख के मारे बंदे की होगी , बिल्कुल व...

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फागुन के मौसम By शिखा श्रीवास्तव

राघव और तारा, बचपन के पक्के दोस्त जिनकी दोस्ती का आधार बनी गेम पार्लर में खेली जाने वाली वीडियो गेम्स जिसके वो दोनों ही दीवाने थे। बचपन बीता और खेल की जगह ली कैरियर के प्रति उनकी च...

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द्वारावती By Vrajesh Shashikant Dave

उस क्षण जो उद्विग्न मन से भरे थे उस में एक था अरबी समुद्र, दूसरा था पिछली रात्रि का चन्द्र और तीसरा था एक युवक।

समुद्र इतना अशांत था कि वह अपने अस्तित्व को समाप्त कर देना चाहता...

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नक़ल या अक्ल By Swati

शाम का समय है, सूरज डूबने के लिए तैयार प्रतीत हो रहा है, उत्तरप्रदेश के मालपुरा गॉंव में खेतों की मुँडेर पर किशन और सोमेश बैठे हैं । किशन तो आराम से ढलते सूरज की तरफ देख रहा है तो...

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स्वयंवधू By Sayant

मैंने सुना था कि ज़िंदगी सभी को मौका देती है, यहाँ तक कि उसे भी जो इसके लायक नहीं होते। मैंने सोचा कि मेरे पास भी एक मौका है, लेकिन यह मेरा भ्रम था, वो आज मिटने वाला था...

"...

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फादर्स डे By Praful Shah

सोमवार, 29/11/1999

पिनकोडः 412801, श्रीवाल, खंडाला, जिला सातारा, महाराष्ट्र।

करीबी रेल्वे स्टेशनः दौन्दाज, 23.6 किलोमीटर।

करीबी हवाई अड्डाः हडपसर, 40.5 किलोमीटर।

आबादीः...

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उन्हीं रास्तों से गुज़रते हुए By Neerja Hemendra

मुझे अपना यह नया उपन्यास " उन्हीं रास्तों से गुज़रते हुए " पाठकों को समर्पित करते हुए अत्यन्त प्रसन्नता हो रही है। मेरे इस उपन्यास का कथ्य यद्यपि समकालीन न होते हुए अब से लग...

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पथरीले कंटीले रास्ते By Sneh Goswami

दोपहर के तीन बज रहे थे। सूर्य का तेज मध्यम हो चला था। पर सड़कों पर अभी लोगों का आना जाना न के बराबर है। कोई कोई व्यक्ति किसी मजबूरी के चलते ही बाहर निकलने की हिम्मत दिखा पा रहा था।...

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વિશ્વાસ અને શ્રદ્ધા By NupuR Bhagyesh Gajjar

" તારી પાસે શું નથી, શ્રદ્ધા ? કેમ તું આમ રઘવાઈ થાય છે ? કેમ આટલી ચિંતા કરે છે અને શું ચાલી રહ્યું છે તારા જીવન માં ! કંઈક કહીશ તો કોઈને ખબર પડશે ને ? કહ્યા વિના કેવી રીતે તું...

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એક હતી કાનન... By RAHUL VORA

પોતાની મસ્તીમાં કાવ્ય પંક્તિઓ ગણગણી રહેલી કાનનની સાથે ચાલતો મનન શબ્દો પકડવા પ્રયત્ન કરી રહ્યો હતો. અચાનક કાનન અટકી.અવળી ફરી.
“હવે આપણી યાત્રા અહીં પૂરી થાય છે.મારી શરૂ થાય છે.”
શ...

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मैं तो ओढ चुनरिया By Sneh Goswami

कोई भूखा मंदिर इस उम्मीद में जाय कि उसे एक दो लड्डू या बूंदी मिल जाय तो रात आराम से निकल जाएगी और वहाँ से मिले मक्खन मलाई का दोना तो जो हालत उस भूख के मारे बंदे की होगी , बिल्कुल व...

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फागुन के मौसम By शिखा श्रीवास्तव

राघव और तारा, बचपन के पक्के दोस्त जिनकी दोस्ती का आधार बनी गेम पार्लर में खेली जाने वाली वीडियो गेम्स जिसके वो दोनों ही दीवाने थे। बचपन बीता और खेल की जगह ली कैरियर के प्रति उनकी च...

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समुद्र इतना अशांत था कि वह अपने अस्तित्व को समाप्त कर देना चाहता...

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नक़ल या अक्ल By Swati

शाम का समय है, सूरज डूबने के लिए तैयार प्रतीत हो रहा है, उत्तरप्रदेश के मालपुरा गॉंव में खेतों की मुँडेर पर किशन और सोमेश बैठे हैं । किशन तो आराम से ढलते सूरज की तरफ देख रहा है तो...

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स्वयंवधू By Sayant

मैंने सुना था कि ज़िंदगी सभी को मौका देती है, यहाँ तक कि उसे भी जो इसके लायक नहीं होते। मैंने सोचा कि मेरे पास भी एक मौका है, लेकिन यह मेरा भ्रम था, वो आज मिटने वाला था...

"...

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फादर्स डे By Praful Shah

सोमवार, 29/11/1999

पिनकोडः 412801, श्रीवाल, खंडाला, जिला सातारा, महाराष्ट्र।

करीबी रेल्वे स्टेशनः दौन्दाज, 23.6 किलोमीटर।

करीबी हवाई अड्डाः हडपसर, 40.5 किलोमीटर।

आबादीः...

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मुझे अपना यह नया उपन्यास " उन्हीं रास्तों से गुज़रते हुए " पाठकों को समर्पित करते हुए अत्यन्त प्रसन्नता हो रही है। मेरे इस उपन्यास का कथ्य यद्यपि समकालीन न होते हुए अब से लग...

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दोपहर के तीन बज रहे थे। सूर्य का तेज मध्यम हो चला था। पर सड़कों पर अभी लोगों का आना जाना न के बराबर है। कोई कोई व्यक्ति किसी मजबूरी के चलते ही बाहर निकलने की हिम्मत दिखा पा रहा था।...

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વિશ્વાસ અને શ્રદ્ધા By NupuR Bhagyesh Gajjar

" તારી પાસે શું નથી, શ્રદ્ધા ? કેમ તું આમ રઘવાઈ થાય છે ? કેમ આટલી ચિંતા કરે છે અને શું ચાલી રહ્યું છે તારા જીવન માં ! કંઈક કહીશ તો કોઈને ખબર પડશે ને ? કહ્યા વિના કેવી રીતે તું...

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