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गरीब के बहते आंसु. By prem chand hembram

उस समय की बात है, जब झारखंड बिहार से अलग नहीं हुआ था। गांवों में गरीबी और बेरोजगारी का ऐसा आलम था कि पेट की आग बुझाने के लिए लोग अपनी मिट्टी छोड़कर सैकड़ों मील दूर परदेस जाने को मज...

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द्वितिय महायुद्ध By Siddhesh Chaudhari

महायुद्धाची पहिली ठिणगी आणि 'व्हर्सायचा तह'

२८ जून १९१९. फ्रान्सची राजधानी पॅरिसपासून काही अंतरावर असलेला 'व्हर्साय'चा (Versailles) भव्य राजवाडा आज एका ऐतिहासिक...

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ध्रुव की तारा By Anamika

सूरज की गुनगुनी धूप में सामान से भरी पिकअप वैन नई सोसाइटी के गेट पर आकर रुकी। आज से सात साल की तारा की दुनिया बदलने वाली थी।
​"अरे विजय! वक्त पर पहुँच गया यार," तारा के पा...

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My Devil Love - First Meeting By trisha

It was Aarohi's first day at college and she was already late. With books in her hands and dreams in her eyes, she was running fast in the long corridor of Royal College. This...

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घुमक्कड़ जिज्ञासा By Dharmendra Kumar

"नमस्कार दोस्तों! स्वागत है, आप सभी का "मातृभारती" के एक बेहद अनोखे और आपके होश उड़ा देने वाले सफ़र में।मैं हूँ, आपका दोस्त..."धर्मेंद्र कुमार"......अपने यात्रा...

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परम अंशः कलियुग का अंतिम महायुद्ध. By Gyan Roshani

प्रस्तावना: तमस का साम्राज्य और अदृश्य आशाकलयुग का वातावरण: सन 4,28,126 ईस्वीसन 4,28,126 ईस्वी का यह भयानक काल-चक्र संपूर्ण ब्रह्मांड का सबसे खौफनाक, क्रूर और घिनौना दौर बन चुका था...

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પાછા વળ્યા પાછલા દિવસો By Dhamak

૩૬ વર્ષની સિંગલ મધર જાનવી એકલા હાથે પોતાના ૪ વર્ષના દીકરાને સાચવવામાં ભાંગી પડે છે અને તેને પોતાની સ્વર્ગસ્થ મા ખૂબ યાદ આવે છે. એક અકસ્માતમાં તે અચાનક ૧૫ વર્ષ પાછળ ૨૧ વર્ષની ઉંમરમા...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 By Sonam Brijwasi

रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके बालों में अब सफेदी की हल्की लकीरें आ चुकी थीं। चेहरे की चमक पहले जैसी नहीं रही थी।
उम्र लगभग चालीस...

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આનંદનગર. By Rupen Patel

આનંદનગર એ માત્ર ઈંટ-સિમેન્ટથી બનેલી ચાર દીવાલો કે ફ્લેટોનું સરનામું નથી, પણ “મિની ભારત”નું જ્વલંત ઉદાહરણ છે. અહીં હિન્દુ, મુસ્લિમ, જૈન, શીખ, પારસી અને ખ્રિસ્તી પરિવારો છે. ગુજરાતી,...

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मौत का डर By Irfan ayan Khan

[दृश्य 1]
स्थान: घर का आंगन / हॉल
समय: शाम का वक्त

सूरज ढल रहा है और आसमान में हल्की लाली छाई हुई है। घर के अंदर हवा में एक सुकून और अपनापन घुला हुआ है।
आंगन में पाँच साल का...

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गरीब के बहते आंसु. By prem chand hembram

उस समय की बात है, जब झारखंड बिहार से अलग नहीं हुआ था। गांवों में गरीबी और बेरोजगारी का ऐसा आलम था कि पेट की आग बुझाने के लिए लोग अपनी मिट्टी छोड़कर सैकड़ों मील दूर परदेस जाने को मज...

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द्वितिय महायुद्ध By Siddhesh Chaudhari

महायुद्धाची पहिली ठिणगी आणि 'व्हर्सायचा तह'

२८ जून १९१९. फ्रान्सची राजधानी पॅरिसपासून काही अंतरावर असलेला 'व्हर्साय'चा (Versailles) भव्य राजवाडा आज एका ऐतिहासिक...

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ध्रुव की तारा By Anamika

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​"अरे विजय! वक्त पर पहुँच गया यार," तारा के पा...

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My Devil Love - First Meeting By trisha

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घुमक्कड़ जिज्ञासा By Dharmendra Kumar

"नमस्कार दोस्तों! स्वागत है, आप सभी का "मातृभारती" के एक बेहद अनोखे और आपके होश उड़ा देने वाले सफ़र में।मैं हूँ, आपका दोस्त..."धर्मेंद्र कुमार"......अपने यात्रा...

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परम अंशः कलियुग का अंतिम महायुद्ध. By Gyan Roshani

प्रस्तावना: तमस का साम्राज्य और अदृश्य आशाकलयुग का वातावरण: सन 4,28,126 ईस्वीसन 4,28,126 ईस्वी का यह भयानक काल-चक्र संपूर्ण ब्रह्मांड का सबसे खौफनाक, क्रूर और घिनौना दौर बन चुका था...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 By Sonam Brijwasi

रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके बालों में अब सफेदी की हल्की लकीरें आ चुकी थीं। चेहरे की चमक पहले जैसी नहीं रही थी।
उम्र लगभग चालीस...

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આનંદનગર. By Rupen Patel

આનંદનગર એ માત્ર ઈંટ-સિમેન્ટથી બનેલી ચાર દીવાલો કે ફ્લેટોનું સરનામું નથી, પણ “મિની ભારત”નું જ્વલંત ઉદાહરણ છે. અહીં હિન્દુ, મુસ્લિમ, જૈન, શીખ, પારસી અને ખ્રિસ્તી પરિવારો છે. ગુજરાતી,...

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मौत का डर By Irfan ayan Khan

[दृश्य 1]
स्थान: घर का आंगन / हॉल
समय: शाम का वक्त

सूरज ढल रहा है और आसमान में हल्की लाली छाई हुई है। घर के अंदर हवा में एक सुकून और अपनापन घुला हुआ है।
आंगन में पाँच साल का...

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