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ભાગ - ૨: શણગારેલા પિંજરા અને મૌનનો ચિત્કારઅમદાવાદના પશ્ચિમ વિસ્તારમાં આવેલો વિદ...
12..தன்மகன் தன் கையை மீறி போக ஆரம்பித்து விட்டான் என்ற எண்ணமே சர்வேஸ்வரனின் அம்ம...
अमावस की काली रात थी और दूर पीपल के पेड़ की शाखाएं बिना हवा के ही धीरे धीरे हिल...
ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಆಕಾಶದಲ್ಲಿ ಅಂದು ಕಂಡ ಆ ಮಿಂಚುಗಳು ಪ್ರಕೃತಿಯ ಸಹಜ ವಿದ್ಯಮಾನವಾಗಿರಲಿಲ್ಲ. ಅವು ಯುಗ...
सुबह होने में दो घंटे बाकी थे। मीरा ने एक भी पल नहीं सोई।अर्जुन कमरे में था — फर...
"आहॆ अशी कोणती प्रार्थना , जी अपघात थांबवेल?"देव दरवेळी वाचवेलच असं नाही…पण आपणच...
अगली सुबह जब शहर की गलियों में लोग अपने काम के लिए निकल रहे थे, भूपेंद्र अपनी मर...
चलो दूर कहीं... 10रवि के अप्रत्याशित व्यवहार से प्रतीक्षा सकते में थी, उसे कुछ स...
पूर्वांचल के एक छोटे से गाँव में नंदिनी रहती थी—मिट्टी के घर, कच्ची गलियाँ और सप...
अनन्या ने बच्चियों को सहलाते हुए कहा, "आर्यन, शादी हो गई। कॉन्ट्रैक्ट खत्म। बच्च...
सुबह के साढ़े पांच बजे थे। शहर की भागदौड़ अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन भूपेंद्र के घर की रसोई से प्रेशर कुकर की पहली सीटी ने दिन के आगाज़ की घोषणा कर दी थी। खिड़की के बाहर हल्की ओस ज...
मध्य प्रदेश के रायसेन जिला में अवस्थित भीमबैठका शैलाश्रय (Bhimbetka Rock Shelters) भोपाल से लगभग 45 किमी दूर विंध्य पर्वत माला के दक्षिण में अवस्थित है। यह स्थान बलुआ पत्थर के चट्ट...
मजबूरी की शादीबारिश की वो रात भूला न जाने वाली थी। पटना की तंग गलियों में पानी की धाराएँ तेज़ी से बह रही थीं, सड़कें नदियों में बदल चुकी थीं। मानो आसमान भी अनन्या मिश्रा के आँसुओं...
આખો હૉલ તાળીઓથી ગુંજી ઉઠીઓ. બધાની નજર સ્ટેજ પર જ હતી. આજે તેની આત્મકથા લોકોનો હાથમાં હતી. તે આત્મકથા જેને તે અત્યાર સુધી દુનિયાથી છુપાવી રાખી હતી. કોઈને કહી નહોતી. તે આત્મકથા તેને...
लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन। समय: रात 11 बजे। लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...
त्या दिवशी सकाळी १० वाजण्याच्या सुमारास सुशीलाने विनायकरावांच्या घराची बेल दाबली. चार वेळा बेल दाबल्यावर सुद्धा आतून काहीच उत्तर आलं नाही, हे बघून तिने घरं भोवती चक्कर मारली. कदाचि...
15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे. मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...
में और मेरे अहसास भाग-१ *** ईश्क में तेरे जोगन बन गई lआज राधा जोगन बन गई ll *** गरघर कीदीवार केकर्णहोतेकोई घरखड़ाना होता ll *** काटे नहीं कटता एक पल यहां lकैसे कटेगी एक उम्र भला यहा...
दस वर्षीया पारुल दौड़ती जा रही है। नदी के किनारे-किनारे। रेत पैरों में चुभ रही है, मगर वह हँस रही है। बालों में दो चोटियाँ हैं, हरी फ्रॉक हवा में लहरा रही है। पैरों में...
આજના સમયમાં જે પ્રમાણે ટેકનોલોજીનો વિકાસ થઇ રહ્યો છે, તેટલી જ ઝડપથી માહિતીનું પણ આદાન પ્રદાન થઇ રહ્યું છે. એક સમયે એવો હતો કે, માહિતી સંતાડવી અને તેણે જાહેર થતી રોકવી ખુબ જ સહેલું...
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