The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
जिंदगी की दूसरे किनारा पाठ 14और तभी मेघना वीर की तरफ गहरी आंखों से देखते हुए अपन...
Part 2March 2025 उस रात मैं बिल्कुल सो नहीं पाई। बार बार वही डायरी मेरे दिमाग मे...
{ चिखुरी } - १-वह नन्हीं सी जान सद...
शाम का समय था। घर के बाहर गली में बच्चों की आवाज़ें आ रही थीं, लेकिन रवीना के घर...
एपिसोड 3: डायरी का कड़वा सच और अलमारी का राज़ कबीर की मौत को तीन दिन बीत चुके थे...
Episode -16 (अहसास एक खामोशी) रिया ने मास्कमैन डॉक्टर की आंखों में देखते हुए कह...
Hello everyone!! Here's the next part of the series....So, in the last part...
কলকাতার মাঝামাঝি একটা পুরনো হোটেল—নাম “হোটেল অনির্বাণ”। বাইরে থেকে দেখলে খুব সাধ...
शहर उस रात अजीब तरह से शांत था।बारिश लगातार हो रही थी, लेकिन फिर भी ऐसा लग रह...
पौड़ी गढ़वाल से कोई बाईस किलोमीटर ऊपर, थलीसैंण ब्लॉक की एक पतली सी सड़क चीड़ के...
जिंदगी के पार जिंदगी कहते हैं जिंदगी एक रहस्य से भरा हुआ है एक पजल की तरह जिंदगी की हर मोड़ हर रास्ता है जिसे सुलझाना आसान नहीं और जिंदगी की कहानी एक पजल है...
कभी कभी ज़िंदगी हमें ऐसी चीज़ें दे देती है, जो हमने कभी माँगी भी नहीं होती… पर वही चीज़ें हमारी सोच और दिल दोनों बदल देती हैं। मैं राधा रानी, एक सीधी-सादी लड़की। मेरी ज़िंदगी बि...
सेठ रत्नाकर अपने समय के धनाढ्य व्यक्तियों में से थे। अच्छा खासा नाम था उनका। सब कुछ घर मे था, नौकर चाकर घर जायदाद घोड़े गाड़ियों के अंबार! और प्रभु महादेव जी की अपार कृपा थी कि किस...
ये मेरी पहली लव स्टोरी होने वाली है इसलिए थोड़ी बहुत गलती हुई तो माफ़ करिएगा और फोलो भी कर लिजिए 100% फोलो बैंक मिलेगा।सुबह की हल्की धूप खिड़की के पर्दों से छनकर कमरे में फैल रही थ...
"प्यार, दोस्ती और अंतहीन सस्पेंस से बुनी एक ऐसी दास्तान, जहाँ हर कदम पर एक नया राज़ छिपा है। तीन दोस्त—अमन, कबीर और ज़ोया, जिनकी ज़िंदगी एक आलीशान कॉटेज में हमेशा के लिए बदल जा...
अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों का सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। रिया ने बहुत धीरे से अपनी पलकें झपकाई...
"Enough!!! You can't do anything in your life! You're shame for us! We should've never let you come in this world! You're nothing but a disgrace for us! Now lea...
पहली बारिश, पहला प्यार शाम धीरे-धीरे शहर पर उतर रही थी। आसमान बादलों से भरा था और बारिश की छोटी बूंदें खिड़कियों पर ऐसे गिर रही थीं जैसे कोई पुराना गीत चुपचाप बज रहा हो। र...
कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वाण छोड़ने को आतुर हो जाते हैं मा...
बारिश इतनी तेज़ थी कि सड़कें धुंधली पड़ चुकी थीं…लाल जोड़े में लिपटी एक लड़की नंगे पाँव भाग रही थी…उसकी पायल बार-बार टूटे रास्तों में अटक रही थी… सांसें बिखर चुकी थीं… आँखों में डर...
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser