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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Anything in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. T...Read More


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आदिवासी समाज जीवनशैली और नई पीढ़ी । By Dr. Ashmi Chaudhari

आज 21 वी शताब्दी चल रही है , और शताब्दी के साथ साथ लोग भी बदल गए हैं । यहां तक कि अपने समाज के बारे में भूल रहें हैं । पूरी दुनिया में कही सारी जाति हैं, धर्मों हैं , मंदिर है लोग...

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When all Doors Closes By Yash Bansal

If you are reading this right now, you have undoubtedly come to a point when, despite your best efforts, you are unable to see a brighter side. You want to scream at the top of you...

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नवयुग निर्माण में हमारे सपने By Sudhir Srivastava

आलेखनवयुग-निर्माण में हमारे सपने************ हमारे सपने, हमारे विचार हमारी सोच और नव निर्माण। यही है प्रगति का सोपान। युग कहीं से बन कर नहीं आता है,युग का निर्माण उस समय के लोगों क...

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Beauty Would Have Been Beautiful You By Aanchal Singh

If beauty would have been timeThen you would have been enternityIf beauty would have been distance then you would have been infinity If beauty would have life Then you would hve be...

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नयी संसद By ABHAY SINGH

थेम्स के किनारे इस खूबसूरत भवन में ब्रिटिश पार्लियामेंट बैठती है। कोई 900 साल पुराना ये भवन कई बार पुनर्निर्माण किया गया। वर्तमान स्वरूप में कोई 500 साल से है। हाल में गोथिक आर्किट...

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આપણી સંસ્કૃતિ આપણી પરંપરા By પરમાર ક્રિપાલ સિંહ

જીવનનો આવો પણ રાગ હતોપાંચ છ દાયકા પહેલા નુ ગામડું ️પાં ચ છ દાયકા પૂર્વે ગામમાં રેડિયો ભાગ્યે જ જોવા મળતો. સાયકલ પણ નહિ, દવાખાના માટે બીજે ગામ ચાલીને જવું પડતું. ઘંટી અને કરિયાણાની...

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एजेंडा By Kishanlal Sharma

जाति तोड़ो समाज जोड़ोहर भारतीय जाति के खिलाफ है और वह जाति की बात नही करता।फिर जाति की बात कौन करता है?जाति की बात करते है हमारे राजनेता।जब वे सत्ता में होते है तब उन्हें अपना धर्म औ...

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निज कंट्री उन्नति अहे, सब उन्नति के मूल By ABHAY SINGH

निज भाषा उन्नति अहे, सब उन्नति के मूल .. भारतेंदु हरिश्चन्द्र ने लिखा था, डेढ़ सौ साल पहले। तब वो बन्द दुनिया थी। ये दुनिया आगे आने वाले वक्त में खुलने वाली थी, ग्लोबलाइज होने वाली...

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धर्म और राजनीति By ABHAY SINGH

सांझ का झुटपुटा हो चला था।सत्संग चल रहा था। शिष्यों और श्रद्धालुओं की उस छोटी सी भीड़ के बीच ऊंचे आसन से, धर्मगुरु जीवन की शिक्षा दे रहे थे।प्रश्नोत्तरी का दौर चल ही रहा था कि धरती...

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આંતરરાષ્ટ્રીય સાંકેતિક ભાષા દિવસ By Tr. Mrs. Snehal Jani

લેખ:- આંતરરાષ્ટ્રીય સાંકેતિક ભાષા દિવસ લેખિકા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાની જરા કલ્પના કરો! તમે ઘણું બધું બોલી રહ્યાં છો, પણ સામેવાળી વ્યક્તિ સમજી જ નથી શકતી કે તમે શું બોલી રહ્યાં છો...

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वैश्विक बदलाव में हिंदी की भूमिका By Sudhir Srivastava

हिंदी दिवस पर विशेषआलेखवैश्विक बदलाव में हिंदी की भूमिका ******** आज जब हमारे देश भारत का वैश्विक स्तर पर झंडा बुलंद हो रहा है, हाल ही में संपन्न हुए जी-20 के सफल और सार्थक आयोजन न...

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अनोखे रहस्य - 3 By Kartik Arya

शिव का त्रिशुल, तीसरी आंख और नंदी – का क्या है रहस्य? तीसरी आंख का मतलब है कि आपका बोध जीवन के द्वैत से परे चला गया है। तब आप जीवन को सिर्फ उस रूप में नहीं देखते जो आपके जीवित रहने...

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चर्मयोगी By Ankush Shingade

मनोगत हरळ्या हा चांभार समाजातील पहिला संत होवून गेला,जो संत रविदासाच्या जन्माच्या चारशे वर्षापुर्वी जन्मला.त्यांनीही कवने रचली.पण वचनभंडाराला आग लावून त्यातील काही साहित्य समाप्त क...

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माळीण ते गोसेखुर्द By Ankush Shingade

माळीण ते गोसेखुर्द ही कादंबरी काल्पनिक असून या कादंबरीचा वास्तविक जीवनाशी काहीही संबंध नाही याची नोंद घ्यावी हळूहळू काळ सरकत चालला होता.विजयाला तिचे गेलेले दिवस आठवत होते. ती आता म...

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किस्से चोरीचे - भाग 7 By Pralhad K Dudhal

किस्से चोरीचे अगदी दोन हजार चार सालापर्यंत पुणे जिल्ह्याच्या ग्रामीण भागात मोबाईल सेवा पोहोचलेली नव्हती.शहरांत खाजगी कंपन्यानी मोबाईल सेवा देणे सुरु केले असले तरी ती खूप महागडी होत...

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અમી અને શિવાંશ By Divya Modh

"જાણે  રે  સૌ  દુઃખ, વીરમાત તણા, વ્યથા વીરપિતા તણી સમજે રે હર કોઈ, બલિદાન વીરવધુ તણા, કેમ નવ સમજે રે કોઈ"?   અમીએ પરિવાર વિરુદ્ધ જઈને શિવાંશ સાથે લગ્ન કર્યા હતા . લગ્નના એક  વર્ષમા...

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कैदी - 11 - आखिरी भाग By Singh Pams

और जब एन जी ओ वाली दीदी ने कहा कि तुमने तुम ने मुझे ये तो पूछा ही नहीं की आज आदालत में क्या फैसला सुनाया तो सानव ने कहा दीदीदी इसमे पूछने बाली कौनस बाबा वोमुझे आपका चेहरा देखकर ही...

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वेळ.. By Vishakha Rushikesh More

वेळ ही अशी आहे कि कधी कोणावर कशी येईल आणि कोणत्या परिस्थिती मध्ये येईल काहीच सांगता येत नाही. म्हणून वेळेला महत्व दया कारण ही एकदा हातातून निघून गेली तर आपण काहीच करू शकत नाही. कार...

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बदलते परिवेश में रक्षाबंधन By Sudhir Srivastava

आलेख बदलते दौर में रक्षाबंधन******************** रक्षाबंधन यानी रक्षा का बंधन। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को हर वर्ष इस पर्व को मनाया जाता है। रक्षाबंधन मनाने के कारणों क...

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भूली बिसरी यादें By Rakesh Rakesh

बारात घर से निकलने के लिए पूरी तरह तैयार थी लेकिन बिना दूल्हे के घर से बारात कैसे निकाले इस बात की चिंता दूल्हे के पिता छत्रपाल को छोड़कर सबको थी।और छत्रपाल को दूल्हे को ढूंढने से...

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अमेरिका कितना अच्छा या कितना बुरा ! By S Sinha

अमेरिका कितना अच्छा या कितना बुरा  !   आजकल हमारी नयी पीढ़ी के लिए अमेरिका एक ड्रीम डेस्टिनेशन है  . अक्सर युवा अमेरिका जाने के अवसर की तलाश में  रहते हैं  . कुछ तो अपनी मेरिट के बल...

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कंप्यूटर साक्षात्कार By Yashvant Kothari

  कम्प्यूटर साक्षात्कार            यशवन्त कोठारी   सम्पूर्ण राष्ट्र दो धाराआंे मंे बंट गया है। मुख्य धारा के पास कम्प्यूटर है, दूसरी धारा कम्प्यूटर प्राप्त करने की कोशिश कर रही है...

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The art of Problem Solving By atul nalavade

Introduction The Art of problem solving In a world teeming with complexities, rife with challenges, and buzzing with opportunities, the skill that separates the extraordinary from...

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Explanatory of English Month Name By Chandni Virani Vasoya

1. January The month of January holds significant importance in both the Julian and Gregorian calendars, as it marks the beginning of the year. It is the first month of the year an...

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आदिवासी जीवनशैली - 2 By Dr. Ashmi Chaudhari

आधुनिक समय में लोग आदिवासी जीवनशैली के बारे भूलते जा रहे हैं। आज लोग जितना आगे जा रहे हैं उतना उनकी भाषा, संस्कृति , रीति रिवाज , उनका खानपान सब कुछ भूलते जा रहे हैं । कुछ लोग आदिव...

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नाम जप साधना - भाग 1 By Charu Mittal

आज के अधिकांश लोग किसी न किसी संत या धर्म संस्थाओं से जुड़े हैं। यहाँ तक कि बहुत लोगों ने संतों से दीक्षा भी ले रखी है। परंतु देखने में आया है कि भजन करनेवालों की संख्या बहुत कम है।...

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शल्य चिकित्सक महर्षि सुश्रुत By Renu

शल्य चिकित्सा के पितामह और 'सुश्रुत संहिता' के प्रणेता आचार्य सुश्रुत का जन्म छठी शताब्दी ईसा पूर्व में काशी में हुआ था। इन्होंने धन्वन्तरि से शिक्षा प्राप्त की। सुश्रुत सं...

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किस्से मैत्रीचे By Pralhad K Dudhal

#मैत्रीचे_भन्नाट_किस्से तसा मी लहानपणापासून एकलकोंडा होतो.मित्रांच्या गर्दीत मी फारसा रमत नव्हतो तरी जोडलेल्या मोजक्या मित्रांच्या आठवणी या निमित्ताने निश्चितच सांगायला आवडतील.......

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महाराजा रणजीत सिंह और कोहिनूर हीरा By Praveen Kumrawat

संसार के महान सेनानायकों में महाराजा रणजीत सिंह की गणना की जाती है। एक साधारण सरदार परिवार में पैदा होकर अपने बाहुबल से उन्होंने एक विस्तृत सिक्ख साम्राज्य की स्थापना की। महाराजा र...

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क्या है विक्रम संवत का मतलब ? By Renu

हिंदू पंचाग में हर चैत्र माह में नववर्ष की शुरुआत होती है। चैत्र महीने के पहले दिन से यानी सूर्य की पहली किरण से हिंदू नव वर्ष शुरु हो जाता है। ब्रह्मपुराण की मान्यता के मुताबिक इस...

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जिंदगी के रंग हजार - 2 By Kishanlal Sharma

नाइफ्री की रेवड़ी और विकास कर्नाटक के कांग्रेसी विधायको में विकास निधि को लेकर असन्तोष है।चुनाव के समय पार्टी द्वारा किये गए पांच फ्री के वादों को पूरा करने की वजह से सरकार के पास ध...

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आदिवासी समाज जीवनशैली और नई पीढ़ी । By Dr. Ashmi Chaudhari

आज 21 वी शताब्दी चल रही है , और शताब्दी के साथ साथ लोग भी बदल गए हैं । यहां तक कि अपने समाज के बारे में भूल रहें हैं । पूरी दुनिया में कही सारी जाति हैं, धर्मों हैं , मंदिर है लोग...

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नवयुग निर्माण में हमारे सपने By Sudhir Srivastava

आलेखनवयुग-निर्माण में हमारे सपने************ हमारे सपने, हमारे विचार हमारी सोच और नव निर्माण। यही है प्रगति का सोपान। युग कहीं से बन कर नहीं आता है,युग का निर्माण उस समय के लोगों क...

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थेम्स के किनारे इस खूबसूरत भवन में ब्रिटिश पार्लियामेंट बैठती है। कोई 900 साल पुराना ये भवन कई बार पुनर्निर्माण किया गया। वर्तमान स्वरूप में कोई 500 साल से है। हाल में गोथिक आर्किट...

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निज कंट्री उन्नति अहे, सब उन्नति के मूल By ABHAY SINGH

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धर्म और राजनीति By ABHAY SINGH

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આંતરરાષ્ટ્રીય સાંકેતિક ભાષા દિવસ By Tr. Mrs. Snehal Jani

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हिंदी दिवस पर विशेषआलेखवैश्विक बदलाव में हिंदी की भूमिका ******** आज जब हमारे देश भारत का वैश्विक स्तर पर झंडा बुलंद हो रहा है, हाल ही में संपन्न हुए जी-20 के सफल और सार्थक आयोजन न...

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मनोगत हरळ्या हा चांभार समाजातील पहिला संत होवून गेला,जो संत रविदासाच्या जन्माच्या चारशे वर्षापुर्वी जन्मला.त्यांनीही कवने रचली.पण वचनभंडाराला आग लावून त्यातील काही साहित्य समाप्त क...

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माळीण ते गोसेखुर्द ही कादंबरी काल्पनिक असून या कादंबरीचा वास्तविक जीवनाशी काहीही संबंध नाही याची नोंद घ्यावी हळूहळू काळ सरकत चालला होता.विजयाला तिचे गेलेले दिवस आठवत होते. ती आता म...

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किस्से चोरीचे अगदी दोन हजार चार सालापर्यंत पुणे जिल्ह्याच्या ग्रामीण भागात मोबाईल सेवा पोहोचलेली नव्हती.शहरांत खाजगी कंपन्यानी मोबाईल सेवा देणे सुरु केले असले तरी ती खूप महागडी होत...

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वेळ ही अशी आहे कि कधी कोणावर कशी येईल आणि कोणत्या परिस्थिती मध्ये येईल काहीच सांगता येत नाही. म्हणून वेळेला महत्व दया कारण ही एकदा हातातून निघून गेली तर आपण काहीच करू शकत नाही. कार...

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कंप्यूटर साक्षात्कार By Yashvant Kothari

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आदिवासी जीवनशैली - 2 By Dr. Ashmi Chaudhari

आधुनिक समय में लोग आदिवासी जीवनशैली के बारे भूलते जा रहे हैं। आज लोग जितना आगे जा रहे हैं उतना उनकी भाषा, संस्कृति , रीति रिवाज , उनका खानपान सब कुछ भूलते जा रहे हैं । कुछ लोग आदिव...

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शल्य चिकित्सक महर्षि सुश्रुत By Renu

शल्य चिकित्सा के पितामह और 'सुश्रुत संहिता' के प्रणेता आचार्य सुश्रुत का जन्म छठी शताब्दी ईसा पूर्व में काशी में हुआ था। इन्होंने धन्वन्तरि से शिक्षा प्राप्त की। सुश्रुत सं...

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महाराजा रणजीत सिंह और कोहिनूर हीरा By Praveen Kumrawat

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