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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Anything in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. T...Read More


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Early Ramadan donation campaign for Free Palestine By Khandaker Sakib Farhad

In the Muslim nations or anywhere there is Muslims Jakat is the most respected and precious thing for their entire community. Everybody finds their need and responsibility to perfo...

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तेरा होने लगा हूँ By DINESH KUMAR KEER

1.सीखा ही नहीं हमने डरना कभी गैरों से डर लगता है हमको तो इस शहर में भी अपनों सेकोई काट दे पर मेरे डर हमको नहीं अब उनकाहमने तो है सीखा उड़ाना भी परकटे परिंदों सेलगी डेस मेरे दिल को...

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अगर तुम साथ हो By DINESH KUMAR KEER

1.मेरी खामोशी का शोर वो बड़ी जोर से सुनता है।जो बात मैं कहता नहीउसको वो ज्यादा गौर से सुनता है।।देर है पर अंधेर नहीऐसी कोई रात नही जिसकी सवेर नही।हां कभी कभी रात का दर्द ऐ अफसानावो...

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अश्विनीकुमार By Renu

अश्विनीकुमार सूर्य के औरस पुत्र, दो वैदिक देवताओं को कहा जाता है। ये कल्याणकारी देवता हैं। इनका स्वरूप युगल रूप में था। अश्विनीकुमार 'पूषन' के पिता और 'उषा' के भाई...

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वो रात वो सपना क्यू? By Sakshi Rai

एक ऐसा दिन। पीला गेहरा आसमान धुंधला धुंधला सा दिखाई पड़ता। ऐसा मालूम होता जैसे हर जगह अंधेरा छाया हो हलका हल्का साथ में पीलापन था। ना दिन मालूम होता ना रात पर इतना पक्का था की दिन...

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अनकहे शब्द By DINESH KUMAR KEER

1.कुछ भी नहीं मिला सफर में मैं फिर भी चलता रहूंगा। माना सफर पूरा धूप का सही मैं फिर भी जलता रहूंगा।। 2.यही दुख है तुम्हारा कि तू सावली है न दोस्त। पर दिल से किसी पर तू बावली है न द...

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दिल की धड़कन By DINESH KUMAR KEER

1.ख्वाहिश थी ताऊम्र उसे अपना बनाकर रखने की। मगर एक उंचे मकान वाले ने मेरी खुशियाँ खरीद ली।। 2.दस्तक मेरे दिल पर आप जो देने लगे हो ...कहीं ना कहीं मेरा चैन चुराने लगे हो ...आता है आ...

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रिश्तों का सफर By DINESH KUMAR KEER

1.जिसने किया है कत्ल मेरे इस दिल का, वो कोई और नहीं दोस्त बल्कि प्यार था हमारा।। 2.यह मोहब्बत है ठगों की बस्ती,एक पल में बदल देती है हस्ती,आशिक़ रहते है इश्क़ में बैचेन,इश्क़ जाता...

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કામ જીવન ને લગતી વિશેષ વાતો.. By yeash shah

(2) ફોરપ્લે ,ઇન્ટરકોર્સ અને આફટર પ્લે .. આ ત્રણ ક્રમ માં સેક્સ કરવાથી.. સંતોષ અને સુખ વધે છે. (4) શરીર ને સુખ ,મન ને પ્રેમ અને આત્મા ને તૃપ્તિ ત્રણેય સંભોગ આપી શકે.. તમે કોને મહત્વ...

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ज़िन्दगी के रंग By DINESH KUMAR KEER

1.जब भी तेरी याद आती है उदास कर जाती हैं। न जाने क्यों तेरे बिना ज़िंदगी काटी नहीं जाती हैं।।2.भूल क्या हुई खबर नहीं दोष क्या है पता नहीं, हर कोई नाराज़ है मुझसे कौन है जो खफा नहीं...

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भक्त लालाजी By Renu

भक्त लालाजी (जन्म- संवत 1853, गुजरात; मृत्यु- संवत 1918) भगवान के अनन्य भक्त थे। उन्हें नरसी मेहता का अवतार माना जाता है। इनका मन ईश्वर की भक्ति और साधु सेवा में बहुत रमता था।भक्त...

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केशव भट्ट By Renu

केशव भट्ट काश्‍मीरी का नाम चैतन्य महाप्रभु के तत्‍कालीन अनुयायियों और भक्‍तों की श्रेणी में श्रद्धापूर्वक लिया जाता है। वे भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त थे। चैतन्‍य की दिव्‍यता के प्...

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श्री नरसी मेहता By Renu

नरसी गुजराती भक्ति साहित्य के श्रेष्ठतम कवि थे। उनके कृतित्व और व्यक्तित्व की महत्ता के अनुरूप साहित्य के इतिहास ग्रंथों में "नरसिंह-मीरा-युग" नाम से एक स्वतंत्र काव्यकाल का निर्धा...

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आआइइ By DINESH KUMAR KEER

1.उसने कहा,"हृदय में जब पीड़ा उठे और आँसू सूख जाएँ..तब देखना..कविता बनेगी..।ऐसे लिखने बैठोगी.. तो नहीं लिख पाओगी..।तो अपने जीवन में भाव उत्पन्न करो..।पीड़ा लाओ..।आक्रोश जगाओ..।"मैं...

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श्री निम्बार्काचार्य जी By Renu

निम्बार्काचार्य 'वैष्णव सम्प्रदाय' के प्रवर्तक आचार्य के रूप में प्रख्यात हैं। यह ज्ञातव्य है कि वैष्णवों के प्रमुख चार सम्प्रदायों में 'निम्बार्क सम्प्रदाय' भी एक...

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हमराही - सच्चा साथी By DINESH KUMAR KEER

1.1)साथ हैं फिर भी दूर कितने हैं कितने प्यासे ये दो किनारे हैं2)बनके बादल जो मुझपे छाए हैं रेशमी ज़ुल्फ़ के ॲंधेरे हैं3)दें कहाॅं हम ख़िलाफ़ में अर्ज़ी क़ातिलाना तेरे इशारे हैं4)कु...

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महात्मा सरयूदास By Renu

महात्मा सरयूदास का जन्म संवत 1904 विक्रमी में गुजरात के पारडी नामक गांव में हुआ था। उनका जन्म-नाम 'भोगीलाल' था। बचपन में उन्हें अपने पड़ोसी बजा भगत का सत्संग मिला। इसका परि...

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छाह देते दरख्तों की जड़ों पर अतिक्रमण By Gunavathi Bendukurthi

मनुष्य समाज मे व्याप्त संस्कृति का निर्माण कर इसे सहेज कर रखता  है तथा इसे एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी तक सम्प्रेषित  भी करता  है।  किसी भी समाज की आत्मा वहां की  संस्कृति होती है | इसमे...

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भक्त बिल्‍वमंगल By Renu

दक्षिण प्रदेश में कृष्‍णवीणा नदी के तट पर एक ग्राम में रामदास नामक भगवद्भक्‍त ब्राह्मण निवास करते थे। उन्‍हीं के पुत्र का नाम 'बिल्‍वमंगल' था। पिता ने यथासाध्‍य पुत्र को धर...

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रघु केवट By Renu

रघु केवट पीपलीचटी ग्राम में मछलियाँ पकड़ने का कार्य किया करता था। पकड़ी हुई मछलियों को बेचकर वह परिवार का पालन-पोषण किया करता था। घर में स्‍त्री और बूढ़ी माता थी। पूर्व जन्‍म के पु...

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INS Imphal By S Mathan

எல்லா புகழும் என் தாய் தகப்பனுக்கே. Tamil Transcript Of The Video. INS Imphal | இந்தியாவின் கடற்படையில் இப்போது மூன்று ராணிகள்  | India’s First Indigenous Stealth Guided Missile De...

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सुविचार संग्रह By DINESH KUMAR KEER

1.कितने खुबसूरत हुआ करते थेबचपन के वो दिन,सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से,दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी...2.इधर उधर से रोज यूँ ना तोड़िए हमें,अगर खराब हैं तो फिर छोड़िये हमें...3.अब...

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भक्त सदन कसाई By Renu

सदन भगवान श्री जगन्नाथ जी के परम भक्त थे। इनको बचपन से ही भगवन्नाम-जप और हरि कीर्तन प्रिय था। भगवान का नाम तो इनकी जीभ पर सदा ही नाचता रहता था। ये जाति से कसाई थे, फिर भी इनका हृदय...

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अनमोल विचार By DINESH KUMAR KEER

1.जेठ आते ही... अच्छो-अच्छो का घूंघट निकल आता हैं... यू ही जेठ जी नहीं कहलाते हैं... 2.अगर पूछे कोई पहचान अपनी तो बता देना,हमारे नाम से तुम हो, तुम्हारे नाम से हम है।3.शिक्षा उसे क...

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महाराज मनु By Renu

मनि विनु पनि जिमि जल बिनु मीना।मम जीवन तिमि तुम्हहि अधीना—(श्रीरामचरितमानस)जब ब्रह्माजी ने सृष्टि के प्रारम्भ में देखा कि उनकी मानसिक सृष्टि नहीं बढ़ रही है, तब अपने शरीर से उन्हों...

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दिल की बातें By DINESH KUMAR KEER

1.जिस इंसान को, सच बोलने की आदत होती है। उस इंसान से लोग, सबसे ज्यादा नफरत करते हैं।। 2.अच्छे संस्कार और संस्कृति ही, हमारे जीवन को सभ्य और सराहनीय बनाते हैं। 3.अरसे बित गए, तेरे इ...

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आजादी का नया इतिहास By Sudhir Srivastava

आज़ादी का नया इतिहास************* आज जब देश दुनिया का वैश्विक स्वरूप बदलता दिखाई पड़ रहा है, तब हर संप्रभु राष्ट्र अपनी संपूर्ण क्षमता के साथ अपने अपने सामर्थ्य का भरपूर इस्तेमाल क...

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लेखक का सपना By DINESH KUMAR KEER

1. मिलो की दूरी उपस्तिथि तुम्हारीसर्वस्व तो समर्पित कर दिया है प्रेम मेंअब इस नश्वर तन का क्या मोल भला प्रेम में तन का मिलन तो औपचारिकता मात्र है मन से मन का मेल हुआ तो प्रेम हुआजब...

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Human Fertilisation By S Mathan

எல்லா புகழும் என் தாய் தகப்பனுக்கே. Tamil Transcript Of The Video. Human Fertilisation | Sperms | Ovum | விந்தணுக்கள் கருமுட்டை கருத்தரித்தல் 6000 ஆண்டுகளுக்கு முன்னால் இந்தியர்களு...

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मेरे एहसास By DINESH KUMAR KEER

1.मोहब्बत को, करीब से जाते हुए देखा है। जुदाई को, आंखों से बहते हुए देखा है।। 2.अच्छे व्यवहार का कोई आर्थिक मूल्य भले ही ना हो,लेकिन अच्छा व्यवहार करोड़ों दिलों को खरीदने की शक्ति...

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सपनों को पंख देती कलम By DINESH KUMAR KEER

1.अपने लिए भी कुछ समय निकालो, दुनिया ने तो सारा वक़्त छीन ही लेना है। 2.सरे - आम ​मुझे, यह शिकायत है ज़िन्दगी से​। क्यूँ मिलता नहीं, मिजाज़ मेरा किसी से।। 3.दर्द की तुरपाइयों की नज़ा...

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मेरे सपने मेरे अपने By DINESH KUMAR KEER

1.किसी का शुकून बनो, सिर दर्द तो कोई भी बन सकता है।2.मिलते रहना, किसी ना किसी बहाने से। रिश्ते मजबूत बनते है, दो पल साथ बिताने से।। 3.दर्द तब होती है, जब खुद को ठोकर लगती। वरना, दू...

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पुनर्जन्म की सच्ची घटनाएं By Vijay Nagar

दादा का पोते के रूप में जन्म (शंकर-पूजन तथा सनातन धर्म विरुद्ध दाह-संस्कार दोष के परिणाम)यह मार्च 1960 की बात है। हम मुजफ्फर नगर के गाँव में पुनर्जन्म सम्बन्धी घटनाओं की सत्यता का...

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मानवता जपूया By Ankush Shingade

मानवता जपुया अंकुश शिंगाडे ९३७३३५९४५० मानवता जपुया म्हणत सगळी जनमाणसं कामाला लागतात.कार्य करतात.सुरुवातीला त्यांचं कार्य सामाजिक असतं.परोपकार असतो.पण जसजसे दिवस जातात.तसतसा त्यांच्...

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मेरे अन्दर का लेखक By DINESH KUMAR KEER

1.आप किताबों में प्रकृति को चुनते हैं।पद्मश्री प्रकृति से किताबें चुनी है।।2.खामोशी छाई है समुंदर पर और क़तरे बहुत उछलते हैं। यह तो दुनिया की रस्म है 'दिनेश' जो अकड़ते हैं...

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भक्त श्री पूर्णजी By Renu

श्रीपूर्णजी की महिमा अपार है, कोई भी उसका वर्णन नहीं कर सकता है। आप उदयाचल और अस्ताचल –इन दो ऊँचे पर्वतके बीच बहनेवाली सबसे बड़ी (श्रेष्ठ) नदीके समीप पहाड़की गुफामें रहते थे। योगकी...

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लकडी शिवाय मकडी… By Pralhad K Dudhal

लकडी शिवाय मकडी... एका ठराविक वयानंतर त्यातल्या त्यात नोकरीतून रिटायरमेंटनंतरचे जीवन शांत निवांत असावे असे साधारणपणे प्रत्येकाला वाटते.आपणही निवृत्तीनंतर कसे जगायचे याबद्दल माझेही...

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नाम जप साधना - भाग 17 By Charu Mittal

नाम जप सम्बन्धी शंका समाधानजिज्ञासा- कौन सा नाम जपें ?समाधान- भगवद्भाव से अपनी रुचि के अनुसार किसी भी नाम का जप कर सकते हैं।जिज्ञासा- किस समय जप करना चाहिए?समाधान - जगने से लेकर सो...

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चांगल्या कामाची किंमत व्हावी By Ankush Shingade

चांगल्या कामाला किंमत नाही? "गुरुजी, आता तरी चपला घालाल काय?" पत्रकारानं एका गुरुजींना विचारलेला प्रश्न. त्या गुरुजींनी आपली पादत्राणे त्यागली होती. त्याचं कारणही तसंच होतं. ते होत...

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हॉस्टल लाइफ By Jay Piprotar

आंख पे पट्टीकुछ साल पहले की बात है, लगभग रात के 12:00 बजे का समय होगा और हमारे कॉलेज में रीडिंग वैकेशन चल रहा था, इस वजह से हॉस्टल में हम सिर्फ सौराष्ट्र वाले बच्चे ही बचे हुए थे,...

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રામ લલ્લા By Kkkk kk

રામ લલ્લા પધાર રહે હૈ અપને ઘર, ઉત્સવ કી તૈયારી કરો...22 ડિસેમ્બર, 1949 એટલે લગભગ પોણી સદી જૂની આ વાત છે. અયોધ્યામાં એક ભવ્ય રામકથાની પૂર્ણાહુતિનો દિવસ હતો. એ કથાના આયોજક મહંત દિગ્વ...

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અમારી નટખટ ટોળકી By Tr Mrs Snehal Rajan Jani

વાર્તા:- અમારી નટખટ ટોળકીરચયિતા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાની.કેવી મજા આવે ને જો અચાનક તમને તમારાં કોઈ મિત્ર કે સખી વર્ષો બાદ ફોન કરીને તમારાં ખબરઅંતર પૂછે!!! આટલું જ નહીં, આ ઘટનાના થ...

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जिंदगी के रंग हजार - 8 By Kishanlal Sharma

सन 1971 में मेरा रिश्ता तय हो गया था।रिश्ता तय का मतलब चट मंगनी पट ब्याह नही।आजकल तो हो जाता है।लेकिन मेरे साथ ऐसा नही हुआ।सितम्बर1971 में सगाई हुई और शादी जून1973 में हुई इसकी वजह...

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पूर्ण जनम ( एक इंतकाम ) - 1 By ....

एक शहर में बहुत ही खूबसूरत घर में एक लड़का ( जिसकी उम्र करीब 12 साल की थी) अपने कमरे में सो रहा था। वहाँ एक दम शांति सी थी तभी एक जोरदार आवाज आती है "अंश बेटा उठ जा , सुबह हो गई...

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Early Ramadan donation campaign for Free Palestine By Khandaker Sakib Farhad

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तेरा होने लगा हूँ By DINESH KUMAR KEER

1.सीखा ही नहीं हमने डरना कभी गैरों से डर लगता है हमको तो इस शहर में भी अपनों सेकोई काट दे पर मेरे डर हमको नहीं अब उनकाहमने तो है सीखा उड़ाना भी परकटे परिंदों सेलगी डेस मेरे दिल को...

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अगर तुम साथ हो By DINESH KUMAR KEER

1.मेरी खामोशी का शोर वो बड़ी जोर से सुनता है।जो बात मैं कहता नहीउसको वो ज्यादा गौर से सुनता है।।देर है पर अंधेर नहीऐसी कोई रात नही जिसकी सवेर नही।हां कभी कभी रात का दर्द ऐ अफसानावो...

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अश्विनीकुमार By Renu

अश्विनीकुमार सूर्य के औरस पुत्र, दो वैदिक देवताओं को कहा जाता है। ये कल्याणकारी देवता हैं। इनका स्वरूप युगल रूप में था। अश्विनीकुमार 'पूषन' के पिता और 'उषा' के भाई...

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वो रात वो सपना क्यू? By Sakshi Rai

एक ऐसा दिन। पीला गेहरा आसमान धुंधला धुंधला सा दिखाई पड़ता। ऐसा मालूम होता जैसे हर जगह अंधेरा छाया हो हलका हल्का साथ में पीलापन था। ना दिन मालूम होता ना रात पर इतना पक्का था की दिन...

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अनकहे शब्द By DINESH KUMAR KEER

1.कुछ भी नहीं मिला सफर में मैं फिर भी चलता रहूंगा। माना सफर पूरा धूप का सही मैं फिर भी जलता रहूंगा।। 2.यही दुख है तुम्हारा कि तू सावली है न दोस्त। पर दिल से किसी पर तू बावली है न द...

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दिल की धड़कन By DINESH KUMAR KEER

1.ख्वाहिश थी ताऊम्र उसे अपना बनाकर रखने की। मगर एक उंचे मकान वाले ने मेरी खुशियाँ खरीद ली।। 2.दस्तक मेरे दिल पर आप जो देने लगे हो ...कहीं ना कहीं मेरा चैन चुराने लगे हो ...आता है आ...

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1.जब भी तेरी याद आती है उदास कर जाती हैं। न जाने क्यों तेरे बिना ज़िंदगी काटी नहीं जाती हैं।।2.भूल क्या हुई खबर नहीं दोष क्या है पता नहीं, हर कोई नाराज़ है मुझसे कौन है जो खफा नहीं...

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भक्त सदन कसाई By Renu

सदन भगवान श्री जगन्नाथ जी के परम भक्त थे। इनको बचपन से ही भगवन्नाम-जप और हरि कीर्तन प्रिय था। भगवान का नाम तो इनकी जीभ पर सदा ही नाचता रहता था। ये जाति से कसाई थे, फिर भी इनका हृदय...

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1.जेठ आते ही... अच्छो-अच्छो का घूंघट निकल आता हैं... यू ही जेठ जी नहीं कहलाते हैं... 2.अगर पूछे कोई पहचान अपनी तो बता देना,हमारे नाम से तुम हो, तुम्हारे नाम से हम है।3.शिक्षा उसे क...

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महाराज मनु By Renu

मनि विनु पनि जिमि जल बिनु मीना।मम जीवन तिमि तुम्हहि अधीना—(श्रीरामचरितमानस)जब ब्रह्माजी ने सृष्टि के प्रारम्भ में देखा कि उनकी मानसिक सृष्टि नहीं बढ़ रही है, तब अपने शरीर से उन्हों...

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दिल की बातें By DINESH KUMAR KEER

1.जिस इंसान को, सच बोलने की आदत होती है। उस इंसान से लोग, सबसे ज्यादा नफरत करते हैं।। 2.अच्छे संस्कार और संस्कृति ही, हमारे जीवन को सभ्य और सराहनीय बनाते हैं। 3.अरसे बित गए, तेरे इ...

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लेखक का सपना By DINESH KUMAR KEER

1. मिलो की दूरी उपस्तिथि तुम्हारीसर्वस्व तो समर्पित कर दिया है प्रेम मेंअब इस नश्वर तन का क्या मोल भला प्रेम में तन का मिलन तो औपचारिकता मात्र है मन से मन का मेल हुआ तो प्रेम हुआजब...

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Human Fertilisation By S Mathan

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मेरे एहसास By DINESH KUMAR KEER

1.मोहब्बत को, करीब से जाते हुए देखा है। जुदाई को, आंखों से बहते हुए देखा है।। 2.अच्छे व्यवहार का कोई आर्थिक मूल्य भले ही ना हो,लेकिन अच्छा व्यवहार करोड़ों दिलों को खरीदने की शक्ति...

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1.अपने लिए भी कुछ समय निकालो, दुनिया ने तो सारा वक़्त छीन ही लेना है। 2.सरे - आम ​मुझे, यह शिकायत है ज़िन्दगी से​। क्यूँ मिलता नहीं, मिजाज़ मेरा किसी से।। 3.दर्द की तुरपाइयों की नज़ा...

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1.किसी का शुकून बनो, सिर दर्द तो कोई भी बन सकता है।2.मिलते रहना, किसी ना किसी बहाने से। रिश्ते मजबूत बनते है, दो पल साथ बिताने से।। 3.दर्द तब होती है, जब खुद को ठोकर लगती। वरना, दू...

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मानवता जपूया By Ankush Shingade

मानवता जपुया अंकुश शिंगाडे ९३७३३५९४५० मानवता जपुया म्हणत सगळी जनमाणसं कामाला लागतात.कार्य करतात.सुरुवातीला त्यांचं कार्य सामाजिक असतं.परोपकार असतो.पण जसजसे दिवस जातात.तसतसा त्यांच्...

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नाम जप साधना - भाग 17 By Charu Mittal

नाम जप सम्बन्धी शंका समाधानजिज्ञासा- कौन सा नाम जपें ?समाधान- भगवद्भाव से अपनी रुचि के अनुसार किसी भी नाम का जप कर सकते हैं।जिज्ञासा- किस समय जप करना चाहिए?समाधान - जगने से लेकर सो...

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चांगल्या कामाची किंमत व्हावी By Ankush Shingade

चांगल्या कामाला किंमत नाही? "गुरुजी, आता तरी चपला घालाल काय?" पत्रकारानं एका गुरुजींना विचारलेला प्रश्न. त्या गुरुजींनी आपली पादत्राणे त्यागली होती. त्याचं कारणही तसंच होतं. ते होत...

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हॉस्टल लाइफ By Jay Piprotar

आंख पे पट्टीकुछ साल पहले की बात है, लगभग रात के 12:00 बजे का समय होगा और हमारे कॉलेज में रीडिंग वैकेशन चल रहा था, इस वजह से हॉस्टल में हम सिर्फ सौराष्ट्र वाले बच्चे ही बचे हुए थे,...

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રામ લલ્લા By Kkkk kk

રામ લલ્લા પધાર રહે હૈ અપને ઘર, ઉત્સવ કી તૈયારી કરો...22 ડિસેમ્બર, 1949 એટલે લગભગ પોણી સદી જૂની આ વાત છે. અયોધ્યામાં એક ભવ્ય રામકથાની પૂર્ણાહુતિનો દિવસ હતો. એ કથાના આયોજક મહંત દિગ્વ...

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અમારી નટખટ ટોળકી By Tr Mrs Snehal Rajan Jani

વાર્તા:- અમારી નટખટ ટોળકીરચયિતા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાની.કેવી મજા આવે ને જો અચાનક તમને તમારાં કોઈ મિત્ર કે સખી વર્ષો બાદ ફોન કરીને તમારાં ખબરઅંતર પૂછે!!! આટલું જ નહીં, આ ઘટનાના થ...

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जिंदगी के रंग हजार - 8 By Kishanlal Sharma

सन 1971 में मेरा रिश्ता तय हो गया था।रिश्ता तय का मतलब चट मंगनी पट ब्याह नही।आजकल तो हो जाता है।लेकिन मेरे साथ ऐसा नही हुआ।सितम्बर1971 में सगाई हुई और शादी जून1973 में हुई इसकी वजह...

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पूर्ण जनम ( एक इंतकाम ) - 1 By ....

एक शहर में बहुत ही खूबसूरत घर में एक लड़का ( जिसकी उम्र करीब 12 साल की थी) अपने कमरे में सो रहा था। वहाँ एक दम शांति सी थी तभी एक जोरदार आवाज आती है "अंश बेटा उठ जा , सुबह हो गई...

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