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माता-पिता-बच्चो का व्यवहार - 1 By Disha Jain

संपादकीयकिस जन्म में बच्चे नहीं हुए? माता-पिता के बगैर किसका अस्तित्व संभव है? सभी भगवान माँ के पेट से ही जन्मे थे! इस प्रकार माता-पिता और बच्चों का व्यवहार अनादि अनंत है। यह व्यवह...

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माँ का ख़त By सीमा

मोनू एक बस में सफ़र कर रहा था तो जब वह बस से उतरकर मोनू ने अपनी जेब में हाथ डाला ही था कि चौंक गया, उसकी जेब कट चुकी थी । उस समय मोनू के पैरों तले से जमीं किसकी गयी व सीने पर मानों...

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हलधर नाग By DINESH KUMAR KEER

साहिब-दिल्ही आने तक के पैसे नही है कृपया पुरुस्कार डाक से भिजवा दो! हलधर नाग - जिसके नाम के आगे कभी श्री नही लगाया गया, 3 जोड़ी कपड़े ,एक टूटी रबड़ की चप्पल एक बिन कमानी का चश्मा और ज...

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छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा केवट By सीमा

छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा केवट जिनके नाम पर बसा है बिलासपुर शहर…   छत्तीसगढ़ में बिलासा एक देवी के रुप में देखी जाती हैं । कहते हैं कि उनके ही नाम पर बिलासपुर शहर का...

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સમય છે? નો ટાઈમ રિવાઇન્ડ By Sagar Mardiya

સમય છે? નો ટાઇમ રીવાઈન્ડ સાચ્ચે જ, સમય કિંમતી, મુલ્યવાન છે?!....આવું કોઈને પણ પૂછવામાં આવે તો જવાબ ‘હા’ જ મળે, યુ નો. જો હા હોય તો સમયની કિંમત કેટલી? શું તમને સમયની કિંમત ખબર છે? સ...

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गणेशजी की कहानी By सीमा

एक बार गणेश जी महाराज एक सेठ जी के खेत में से जा रहे थे तो उन्होंने बारह दाने अनाज के तोड़ लिए। फिर गणेश जी के मन में पछतावा हुआ कि मैंने तो सेठ जी के यहां चोरी कर ली । तो गणेश जी...

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रामानंद सागर By ᴀʙнιsнᴇκ κᴀsнʏᴀᴘ

25 जनवरी, 1987 को ‘रामायण’ के पहले एपिसोड के प्रसारण के साथ ही भारतीय टेलीविजन हमेशा-हमेशा के लिए बदल गया। कुछ ही सप्ताह में पूरा देश इस सीरीज के आकर्षण में बँध गया। ‘रामायण’ के प्...

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आचरण By सीमा

शहर से विवाह करके आई आराध्या जबसे अपने ससुराल एक गांव में आई तबसे देख रही थी घर में उसकी बुजुर्ग दादी सास का अपमान होता हुआ... घर में उसके पति रमेश के अलावा उसकी सास और दादी सास थी...

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मैं कौन हूँ ? - 2 By Disha Jain

यदि यह संसार आपको पुसाता (जंचता) हो तो आगे कुछ भी समझने की जरूरत नहीं है और यदि यह संसार आपको परेशान करता हो तो अध्यात्म जानने की जरूरत है। अध्यात्म में 'स्वरूप' को जानने क...

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गंगा दशमी By सीमा

*श्री यमुना जी एवं श्री गंगा जी का उत्सव मनाया जाता है. श्री यमुना जी ने कृपा कर अपनी बहन गंगा का प्रभु के साथ शुभ मिलन कराया एवं जल - विहार के निमित गंगाजी ने भी प्रभु मिलन का आनं...

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हवामहल By DINESH KUMAR KEER

हवा महल भारतीय राज्य राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक राजसी- महल है। इसे सन 1799 ई. में राजस्थान जयपुर बड़ी चौपड़ पर महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने बनवाया था और इसे किसी 'राजमुकुट...

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पानी का गिलास By सीमा

  एक सरकारी कार्यालय में लंबी लाइन लगी हुई थी। खिड़की पर जो क्लर्क बैठा हुआ था, वह बहुत ही तेज मिजाज़ का था और सभी से उच्चे स्वर में बात कर रहा था। उस समय भी एक महिला को डांटत...

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અનુભૂતિ - 4 By Dr Darshita Babubhai Shah

કંઈ કેટલાંય વર્ષોથી ડાયરીમાં છુપાવેલું એક ગુલાબ આજ ફરી છાનું છાનું મારી ભીતર મહેક્યું !   ~ ખ્યાતિ શાહ   યાદગીરી રૂપે સાચવી રાખેલ ગુલાબ કે કોઈ પણ પ્રકારની વસ્તુ જ્યારે નજ...

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संस्कार By सीमा

एक घर मे तीन भाई और एक बहन थी । बड़ा और मझला पढ़ने मे बहुत होशियार थे। उनके माँ - बाप उन चारों से बेहद स्नेह करते थे मगर छोटे बेटे से थोड़ा परेशान से थे। बड़ा बेटा पढ़़ - लिखकर कम्...

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सेठ व भिखारी की कहानी By सीमा

एक था भिखारी ! रेल सफ़र में भीख़ माँगने के दौरान एक सूट बूट पहने सेठ जी उसे दिखे। उसने सोचा कि यह व्यक्ति बहुत अमीर लगता है, इससे भीख़ माँगने पर यह मुझे जरूर अच्छे पैसे देगा। वह उस से...

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पाप-पुण्य - 2 By Disha Jain

पाप-पुण्य की न मिले कहीं भी ऐसी परिभाषाप्रश्नकर्ता : पाप और पुण्य, वे भला क्या हैं?दादाश्री : पाप और पुण्य का अर्थ क्या है? क्या करें तो पुण्य होगा? पुण्य-पाप का उत्पादन कहाँ से हो...

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मेरे अजनबी हमसफ़र - भाग 2 By DINESH KUMAR KEER

मेरे अजनबी हमसफ़र (भाग-2) जिंदगी की राह में सिलसिले कुछ अजीब रहे ,अनजान रास्ते ,अनजाने से मोड़, अजनबी हमसफ़र, अजनबी सी दौड़, अनकहे रिश्ते, अनकही सी होड़, सफर तो फर्ज़ के दरवाजे पे जाके स...

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पहल By सीमा

फोन की घंटी बज रही है, फोन उठाते ही अगली ओर से आवाज आती है, "ये सब क्या सुन रही हूं, माॅं। आप लोग विनीता की शादी करने जा रहे हैं।’’ "तो इसमें हर्ज ही क्या है, ये तेरे प...

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एक ऐसा समझौता By DINESH KUMAR KEER

बडी उम्र की कुँवारी लड़कियाँ घर बैठी हैं अगर अभी भी माँ-बाप नहीं जागे तो स्थितियाँ और विस्फोटक हो सकती हैं। हमारा समाज आज बच्चों के विवाह को लेकर इतना सजग हो गया है कि आपस में रिश्...

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જનરેશન ગેપ : કોણ જવાબદાર? By Megha Mehta

આજના ૨૧મી સદીનાયુગમાં જ્યારે પૃથ્વી અને મંગળ વચ્ચેનું અંતર માત્ર થોડા જ દિવસોમાં ટેક્નોલોજી દ્વારા કાપી શકતો માનવપોતાના અંગત સંબંધોના લાગણીના અંતર કાપી શકતો નથી. જે આજના સમયમાં આપણ...

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सर्व दुखों से मुक्ति - 2 By Disha Jain

दुःख तो only wrong belief ही है। जिसको wrong belief है, वहाँ दुःख है। जिसको wrong belief नहीं, वहाँ दुःख ही नहीं है। —दादाश्री

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मातृत्व के रंग By DINESH KUMAR KEER

माँ : जिसके बिना हमारा अस्तित्व नहींमाँ एक मिश्री घुला शब्द है जिसकी व्याख्या नहीं हो सकती । वह एक ऐसी शख्सियत है जो हर कीमत पर संतान का साथ देती है। स्नेह और देखभाल का इससे बड़ा द...

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હારી ગયો By Nirmal Rathod

સમયનું ચક્ર મહાન છે, કારણ કે સમય વીતી જતા વાર નથી લાગતી અને સમય પાસે એટલો સમય નથી કે મારા માટે થોભી જાય. દુઃખ-સુખ માણસના જીવનના બે અગત્યના પાસા છે, પરંતુ કોઈના જીવનમાં સતત દુઃખનો પ...

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विश्व गुरु बनना है तो By Professor Nishant Kumar Saxena

विश्व गुरु बनना है तो (भाग - 1) लेखक : अ० प्रोफेसर निशान्त कुमार सक्सेना (M.B.A, M.A, NTA UGC NET)प्रकाशक: स्वामी विवेकानंद संस्कृति समितिपंजीकरण संख्या: SHA/08291/2020-2021कॉपीराइ...

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टेल ऑफ़ टू बिल्डिंग्स By S Sinha

                                                आलेख - टेल ऑफ़ टू बिल्डिंग्स    दुनिया भर में दो ऐसे कार्यालय भवन सह निवास  हैं जिनके नाम भर लेने से आसानी से पहचाने जा सकते  हैं  . ...

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मानव धर्म - 3 By Disha Jain

दादाजी बताते है कि, मानवता या ‘मानवधर्म’ की सबसे बड़ी परिभाषा ही यह है कि, अगर कोई तुम्हें दुःख दे और तुम्हें अच्छा ना लगे, तो दूसरों के साथ भी ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए, अगले जन्...

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ફૂલ (જન્મ થી અંત સુધી) By Chavda Girimalsinh Giri

મરકતાં હોય તો લાગે પરીનાં ફૂલો છેઅરે ! શિશુઓ છે ? કે જિંદગીનાં ફૂલો છેએ ઓળખાય ભલે નભમાં કોઈ પણ નામેજે ટમટમે છે તરલ, ચાંદનીનાં ફૂલો છેહો ખુલ્લી કે પછી અધખુલ્લી કે બિડાયેલી,તમારી આંખ...

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क्या यह सच नहीं By prabhat samir

डाॅ प्रभात समीर कल्याणी अपने घर का ताला खोलने ही जा रही थीं कि तभी उनका मोबाइल बज उठा। एक डरी, सहमी, धीमी आवाज़ सुनाई दी।  -‘मैडम, मैं अनीता.......मार डालेंगें......ये लो...

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आरक्षण By Vishnu Panday

‘आरक्षण’ शब्द और उसका अर्थ यद्दपि नया और अपरिचित नही है तो भी पिछले कुछ वर्षो से इसको लेकर समाज में जो बावेला मच रहा है , उससे तो ऐसा लगता है जैसे यह कोई नया और महत्त्वपूर्ण शब्द ह...

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વિચાર અભિવ્યક્તિ By Zalak Chaudhary

" જે છીનવાય છે સામ્રાજ્ય શબ્દોથી રમાય છે તે યુદ્ધ વિચારોથી,લડાય છે યુદ્ધ જે હથિયારો થી રણનીતિ રચાય છે મસ્તિશ્ક થી""વિચાર" અનંત વ્યાપી અવકાશ તેને રજૂ કરવો જેટલો અઘરો છે તેટલું જ અઘર...

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जब कोई अपने जन्मदिन पर मर जाये, कितना अज़ीब लगता है By S Sinha

                                         जब कोई अपने जन्मदिन पर मर जाये , कितना अज़ीब लगता है     2021 में हुए एक शोध के अनुसार दुनिया में प्रतिदिन 3,83,071 लोग जन्म  लेते हैं और 1,...

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गर्व से कहो हम भारतीय हैं By S Sinha

                                                            गर्व  से कहो हम भारतीय हैं  हमें भारतीय होने पर गर्व अनुभव करना चाहिए क्योंकि - 1 . हम विश्व के सबसे बड़े प्रजातंत्र हैं ...

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કાકાનું શ્રાદ્ધ By satpalsingh rathore

ગુમાનસિહજી અને એમનો પરિવાર આજે લોકડાઉનનો ગામડે આવ્યો તે પાછો શહેર તરફ વળી જ ન શક્યો.એક તો ઓછો પગાર એમાંય શહેરની લુટતી શાળાનાં તંત્રમાં તેમને ગામડે જ સ્થાયી થવા પર લાચાર કરી દીધાં.ગ...

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स्वर्ग की ओर By Dikshadixit

आज जब मैं अपने स्कूल से छुट्टी के बाद बाहर आई तो मेने देखा की आज पापा मुझे लेने नही आए हैं। पापा रोज मुझे लेने आते थे आज क्यू नही आए, मैं स्कूल के बाहर घंटो इंतजार करने लगी बहुत दे...

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शिवाजी महाराज की वह युद्ध पद्धति जिसने शक्तिशाली देशों को भी धूल चटाई By Praveen Kumrawat

गनिमी कावा का अर्थ इस प्रकार समझे 'गनिमी' यानी छिपकर और 'कावा' यानी आक्रमण 'गनिमी कावा' यानी छापामार युद्ध। 'गनिमी कावा' को 'शिव-सूत्र' के न...

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Unlocking Mental Serenity By Devanshi Kanani

"Breaking the Chains of Unhealthy Habits: How to Restore Mental Peace"In today's fast-paced world, maintaining good mental health has become more important than ever. With incr...

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राजस्थानी संस्कृति परम्परा और विरासत By दिनू

_राजस्थान की सांस्कृतिक दृष्टि से भारत के समृध्द प्रदेशो में गिना जाता है संस्कृति एक विशाल सागर है ढह इसके अंतर्गत गांव-गांव, ढाणी- ढाणी, चौपाल, चबूतरे महल – प्रसादों एवं घर – घर...

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Can India Outplay China By S Sinha

                                                    Can India Outplay China    A few days  ago  on 19th April 2023 , UNFP ( United Nation Population Fund ) released data on the wor...

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परमभागवत नाभादासजी By Praveen Kumrawat

जाको जो स्वरूप सो अनूप लै दिखाय दियो, कियो यों कवित्त पटमिहो मध्य लाल है। गुण पै अपार साधु कहै अक चार हो मैं।अर्थ विस्तार कविराज टकसाल है।।सुनि सन्तसभा झूमि रही अलि श्रेणी मानो धूम...

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नन्हे दीदी By Dikshadixit

ये बात उस वक्त की है जब हम ग्रेजुएट कर रहे थे, और पढ़ाई का बहुत दवाब हुआ करता था हमारे ऊपर हम बहुत परेशान से रहते थे। घर के लोगो से कुछ कहते तो लोग मुझे लेकर बहुत कुछ बोला करते थे...

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मौत के चितेरे यानी सूरियलोजिस्ट मूसा कच्छी By Neelam Kulshreshtha

नीलम कुलश्रेष्ठ उनके बचपन ने मौत को बेहद करीब से देखा था। यों तो उनके अब्बा हुज़ूर उनमें अकल आने से पूर्व ही दुनिया से कूच कर गये थे, लेकिन मूसा कच्छी ने इस मौत को अपनी अम्मी जान की...

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युद्ध कला - (The Art of War) भाग 15 By Praveen Kumrawat

13. गुप्तचरों का प्रयोगसुन त्सू के अनुसार एक लाख लोगों की सेना बनाकर उसेदूर-दराज के इलाकों में तैनात करने पर भारी आर्थिक क्षति होती है। इतनी बड़ी सेना का प्रतिदिन का खर्चा एक हजार...

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बालम हो परदेश में तो - 2 By Kishanlal Sharma

नई जगह जाने पर आदमी को या तो कम्पनी,सरकार की तरफ से मकान मिलता है या लेना पड़ता हैं।नाइ जगह जाने पर आदमी नए लोगो के सम्पर्क में आता है।इनमें औरते भी होती है।आदमी औरत के पति जल्दी आक...

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माता-पिता-बच्चो का व्यवहार - 1 By Disha Jain

संपादकीयकिस जन्म में बच्चे नहीं हुए? माता-पिता के बगैर किसका अस्तित्व संभव है? सभी भगवान माँ के पेट से ही जन्मे थे! इस प्रकार माता-पिता और बच्चों का व्यवहार अनादि अनंत है। यह व्यवह...

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माँ का ख़त By सीमा

मोनू एक बस में सफ़र कर रहा था तो जब वह बस से उतरकर मोनू ने अपनी जेब में हाथ डाला ही था कि चौंक गया, उसकी जेब कट चुकी थी । उस समय मोनू के पैरों तले से जमीं किसकी गयी व सीने पर मानों...

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हलधर नाग By DINESH KUMAR KEER

साहिब-दिल्ही आने तक के पैसे नही है कृपया पुरुस्कार डाक से भिजवा दो! हलधर नाग - जिसके नाम के आगे कभी श्री नही लगाया गया, 3 जोड़ी कपड़े ,एक टूटी रबड़ की चप्पल एक बिन कमानी का चश्मा और ज...

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छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा केवट By सीमा

छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा केवट जिनके नाम पर बसा है बिलासपुर शहर…   छत्तीसगढ़ में बिलासा एक देवी के रुप में देखी जाती हैं । कहते हैं कि उनके ही नाम पर बिलासपुर शहर का...

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સમય છે? નો ટાઈમ રિવાઇન્ડ By Sagar Mardiya

સમય છે? નો ટાઇમ રીવાઈન્ડ સાચ્ચે જ, સમય કિંમતી, મુલ્યવાન છે?!....આવું કોઈને પણ પૂછવામાં આવે તો જવાબ ‘હા’ જ મળે, યુ નો. જો હા હોય તો સમયની કિંમત કેટલી? શું તમને સમયની કિંમત ખબર છે? સ...

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गणेशजी की कहानी By सीमा

एक बार गणेश जी महाराज एक सेठ जी के खेत में से जा रहे थे तो उन्होंने बारह दाने अनाज के तोड़ लिए। फिर गणेश जी के मन में पछतावा हुआ कि मैंने तो सेठ जी के यहां चोरी कर ली । तो गणेश जी...

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रामानंद सागर By ᴀʙнιsнᴇκ κᴀsнʏᴀᴘ

25 जनवरी, 1987 को ‘रामायण’ के पहले एपिसोड के प्रसारण के साथ ही भारतीय टेलीविजन हमेशा-हमेशा के लिए बदल गया। कुछ ही सप्ताह में पूरा देश इस सीरीज के आकर्षण में बँध गया। ‘रामायण’ के प्...

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आचरण By सीमा

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मैं कौन हूँ ? - 2 By Disha Jain

यदि यह संसार आपको पुसाता (जंचता) हो तो आगे कुछ भी समझने की जरूरत नहीं है और यदि यह संसार आपको परेशान करता हो तो अध्यात्म जानने की जरूरत है। अध्यात्म में 'स्वरूप' को जानने क...

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गंगा दशमी By सीमा

*श्री यमुना जी एवं श्री गंगा जी का उत्सव मनाया जाता है. श्री यमुना जी ने कृपा कर अपनी बहन गंगा का प्रभु के साथ शुभ मिलन कराया एवं जल - विहार के निमित गंगाजी ने भी प्रभु मिलन का आनं...

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हवामहल By DINESH KUMAR KEER

हवा महल भारतीय राज्य राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक राजसी- महल है। इसे सन 1799 ई. में राजस्थान जयपुर बड़ी चौपड़ पर महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने बनवाया था और इसे किसी 'राजमुकुट...

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पानी का गिलास By सीमा

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અનુભૂતિ - 4 By Dr Darshita Babubhai Shah

કંઈ કેટલાંય વર્ષોથી ડાયરીમાં છુપાવેલું એક ગુલાબ આજ ફરી છાનું છાનું મારી ભીતર મહેક્યું !   ~ ખ્યાતિ શાહ   યાદગીરી રૂપે સાચવી રાખેલ ગુલાબ કે કોઈ પણ પ્રકારની વસ્તુ જ્યારે નજ...

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संस्कार By सीमा

एक घर मे तीन भाई और एक बहन थी । बड़ा और मझला पढ़ने मे बहुत होशियार थे। उनके माँ - बाप उन चारों से बेहद स्नेह करते थे मगर छोटे बेटे से थोड़ा परेशान से थे। बड़ा बेटा पढ़़ - लिखकर कम्...

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सेठ व भिखारी की कहानी By सीमा

एक था भिखारी ! रेल सफ़र में भीख़ माँगने के दौरान एक सूट बूट पहने सेठ जी उसे दिखे। उसने सोचा कि यह व्यक्ति बहुत अमीर लगता है, इससे भीख़ माँगने पर यह मुझे जरूर अच्छे पैसे देगा। वह उस से...

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पाप-पुण्य - 2 By Disha Jain

पाप-पुण्य की न मिले कहीं भी ऐसी परिभाषाप्रश्नकर्ता : पाप और पुण्य, वे भला क्या हैं?दादाश्री : पाप और पुण्य का अर्थ क्या है? क्या करें तो पुण्य होगा? पुण्य-पाप का उत्पादन कहाँ से हो...

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मेरे अजनबी हमसफ़र - भाग 2 By DINESH KUMAR KEER

मेरे अजनबी हमसफ़र (भाग-2) जिंदगी की राह में सिलसिले कुछ अजीब रहे ,अनजान रास्ते ,अनजाने से मोड़, अजनबी हमसफ़र, अजनबी सी दौड़, अनकहे रिश्ते, अनकही सी होड़, सफर तो फर्ज़ के दरवाजे पे जाके स...

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पहल By सीमा

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एक ऐसा समझौता By DINESH KUMAR KEER

बडी उम्र की कुँवारी लड़कियाँ घर बैठी हैं अगर अभी भी माँ-बाप नहीं जागे तो स्थितियाँ और विस्फोटक हो सकती हैं। हमारा समाज आज बच्चों के विवाह को लेकर इतना सजग हो गया है कि आपस में रिश्...

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જનરેશન ગેપ : કોણ જવાબદાર? By Megha Mehta

આજના ૨૧મી સદીનાયુગમાં જ્યારે પૃથ્વી અને મંગળ વચ્ચેનું અંતર માત્ર થોડા જ દિવસોમાં ટેક્નોલોજી દ્વારા કાપી શકતો માનવપોતાના અંગત સંબંધોના લાગણીના અંતર કાપી શકતો નથી. જે આજના સમયમાં આપણ...

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सर्व दुखों से मुक्ति - 2 By Disha Jain

दुःख तो only wrong belief ही है। जिसको wrong belief है, वहाँ दुःख है। जिसको wrong belief नहीं, वहाँ दुःख ही नहीं है। —दादाश्री

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मातृत्व के रंग By DINESH KUMAR KEER

माँ : जिसके बिना हमारा अस्तित्व नहींमाँ एक मिश्री घुला शब्द है जिसकी व्याख्या नहीं हो सकती । वह एक ऐसी शख्सियत है जो हर कीमत पर संतान का साथ देती है। स्नेह और देखभाल का इससे बड़ा द...

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હારી ગયો By Nirmal Rathod

સમયનું ચક્ર મહાન છે, કારણ કે સમય વીતી જતા વાર નથી લાગતી અને સમય પાસે એટલો સમય નથી કે મારા માટે થોભી જાય. દુઃખ-સુખ માણસના જીવનના બે અગત્યના પાસા છે, પરંતુ કોઈના જીવનમાં સતત દુઃખનો પ...

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विश्व गुरु बनना है तो By Professor Nishant Kumar Saxena

विश्व गुरु बनना है तो (भाग - 1) लेखक : अ० प्रोफेसर निशान्त कुमार सक्सेना (M.B.A, M.A, NTA UGC NET)प्रकाशक: स्वामी विवेकानंद संस्कृति समितिपंजीकरण संख्या: SHA/08291/2020-2021कॉपीराइ...

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टेल ऑफ़ टू बिल्डिंग्स By S Sinha

                                                आलेख - टेल ऑफ़ टू बिल्डिंग्स    दुनिया भर में दो ऐसे कार्यालय भवन सह निवास  हैं जिनके नाम भर लेने से आसानी से पहचाने जा सकते  हैं  . ...

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मानव धर्म - 3 By Disha Jain

दादाजी बताते है कि, मानवता या ‘मानवधर्म’ की सबसे बड़ी परिभाषा ही यह है कि, अगर कोई तुम्हें दुःख दे और तुम्हें अच्छा ना लगे, तो दूसरों के साथ भी ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए, अगले जन्...

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ફૂલ (જન્મ થી અંત સુધી) By Chavda Girimalsinh Giri

મરકતાં હોય તો લાગે પરીનાં ફૂલો છેઅરે ! શિશુઓ છે ? કે જિંદગીનાં ફૂલો છેએ ઓળખાય ભલે નભમાં કોઈ પણ નામેજે ટમટમે છે તરલ, ચાંદનીનાં ફૂલો છેહો ખુલ્લી કે પછી અધખુલ્લી કે બિડાયેલી,તમારી આંખ...

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क्या यह सच नहीं By prabhat samir

डाॅ प्रभात समीर कल्याणी अपने घर का ताला खोलने ही जा रही थीं कि तभी उनका मोबाइल बज उठा। एक डरी, सहमी, धीमी आवाज़ सुनाई दी।  -‘मैडम, मैं अनीता.......मार डालेंगें......ये लो...

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आरक्षण By Vishnu Panday

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વિચાર અભિવ્યક્તિ By Zalak Chaudhary

" જે છીનવાય છે સામ્રાજ્ય શબ્દોથી રમાય છે તે યુદ્ધ વિચારોથી,લડાય છે યુદ્ધ જે હથિયારો થી રણનીતિ રચાય છે મસ્તિશ્ક થી""વિચાર" અનંત વ્યાપી અવકાશ તેને રજૂ કરવો જેટલો અઘરો છે તેટલું જ અઘર...

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जब कोई अपने जन्मदिन पर मर जाये, कितना अज़ीब लगता है By S Sinha

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गर्व से कहो हम भारतीय हैं By S Sinha

                                                            गर्व  से कहो हम भारतीय हैं  हमें भारतीय होने पर गर्व अनुभव करना चाहिए क्योंकि - 1 . हम विश्व के सबसे बड़े प्रजातंत्र हैं ...

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કાકાનું શ્રાદ્ધ By satpalsingh rathore

ગુમાનસિહજી અને એમનો પરિવાર આજે લોકડાઉનનો ગામડે આવ્યો તે પાછો શહેર તરફ વળી જ ન શક્યો.એક તો ઓછો પગાર એમાંય શહેરની લુટતી શાળાનાં તંત્રમાં તેમને ગામડે જ સ્થાયી થવા પર લાચાર કરી દીધાં.ગ...

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स्वर्ग की ओर By Dikshadixit

आज जब मैं अपने स्कूल से छुट्टी के बाद बाहर आई तो मेने देखा की आज पापा मुझे लेने नही आए हैं। पापा रोज मुझे लेने आते थे आज क्यू नही आए, मैं स्कूल के बाहर घंटो इंतजार करने लगी बहुत दे...

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शिवाजी महाराज की वह युद्ध पद्धति जिसने शक्तिशाली देशों को भी धूल चटाई By Praveen Kumrawat

गनिमी कावा का अर्थ इस प्रकार समझे 'गनिमी' यानी छिपकर और 'कावा' यानी आक्रमण 'गनिमी कावा' यानी छापामार युद्ध। 'गनिमी कावा' को 'शिव-सूत्र' के न...

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Unlocking Mental Serenity By Devanshi Kanani

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राजस्थानी संस्कृति परम्परा और विरासत By दिनू

_राजस्थान की सांस्कृतिक दृष्टि से भारत के समृध्द प्रदेशो में गिना जाता है संस्कृति एक विशाल सागर है ढह इसके अंतर्गत गांव-गांव, ढाणी- ढाणी, चौपाल, चबूतरे महल – प्रसादों एवं घर – घर...

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Can India Outplay China By S Sinha

                                                    Can India Outplay China    A few days  ago  on 19th April 2023 , UNFP ( United Nation Population Fund ) released data on the wor...

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परमभागवत नाभादासजी By Praveen Kumrawat

जाको जो स्वरूप सो अनूप लै दिखाय दियो, कियो यों कवित्त पटमिहो मध्य लाल है। गुण पै अपार साधु कहै अक चार हो मैं।अर्थ विस्तार कविराज टकसाल है।।सुनि सन्तसभा झूमि रही अलि श्रेणी मानो धूम...

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नन्हे दीदी By Dikshadixit

ये बात उस वक्त की है जब हम ग्रेजुएट कर रहे थे, और पढ़ाई का बहुत दवाब हुआ करता था हमारे ऊपर हम बहुत परेशान से रहते थे। घर के लोगो से कुछ कहते तो लोग मुझे लेकर बहुत कुछ बोला करते थे...

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मौत के चितेरे यानी सूरियलोजिस्ट मूसा कच्छी By Neelam Kulshreshtha

नीलम कुलश्रेष्ठ उनके बचपन ने मौत को बेहद करीब से देखा था। यों तो उनके अब्बा हुज़ूर उनमें अकल आने से पूर्व ही दुनिया से कूच कर गये थे, लेकिन मूसा कच्छी ने इस मौत को अपनी अम्मी जान की...

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युद्ध कला - (The Art of War) भाग 15 By Praveen Kumrawat

13. गुप्तचरों का प्रयोगसुन त्सू के अनुसार एक लाख लोगों की सेना बनाकर उसेदूर-दराज के इलाकों में तैनात करने पर भारी आर्थिक क्षति होती है। इतनी बड़ी सेना का प्रतिदिन का खर्चा एक हजार...

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बालम हो परदेश में तो - 2 By Kishanlal Sharma

नई जगह जाने पर आदमी को या तो कम्पनी,सरकार की तरफ से मकान मिलता है या लेना पड़ता हैं।नाइ जगह जाने पर आदमी नए लोगो के सम्पर्क में आता है।इनमें औरते भी होती है।आदमी औरत के पति जल्दी आक...

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