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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Biography in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures....Read More


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  • सम्राट् राजेंद्र चोल प्रथम

    दक्षिण भारत में उदय होनेवाले राजवंशों में चोल राजवंश का प्रमुख स्थान है। इस वंश...

  • प्रफुल्ल कथा - 17

    मुझे अपने पितामह पंडित भानुप्रताप राम त्रिपाठी और पिताजी आचार्य प्रतापादित्य की...

  • श्री विभीषणजी

    सकृदेव प्रपन्नाय तवास्मीति च याचते। अभयं सर्वभूतेभ्यो ददाम्येतद् व्रतं मम॥* शरणा...

असमर्थों का बल समर्थ रामदास - भाग 21 By ՏᎪᎠᎻᎪᏙᏆ ՏOΝᎪᎡᏦᎪᎡ ⸙

दासबोध ग्रंथ – अल्प परिचयमन, बुद्धि और शक्ति (शारीरिक सामर्थ्य ) का महत्त्व जानकर समर्थ रामदास ने तत्कालीन समाज को क्रियाशीलता का मंत्र दिया। आजीवन समाज को एकसंघ और कर्मनिष्ठ बनाने...

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टेगोर साक्षात्कार By Yashvant Kothari

मैं अपने परिवेश के प्रति बहुत ही सतर्क रहता हूं ! -रवीन्द्रनाथ टेगौर . . सर्व श्री बनारसीदास चतुर्वेदी, सुदर्शन, चंद्रगुप्त विद्यालंकार तथा श्रीमती सत्यवती देवी ने रवींद्रनाथ ठाकुर...

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महावीर लचित बड़फूकन - पार्ट - 4 By Mohan Dhama

राजदूत ने दिल्ली लौट कर सारी बातें औरंगजेब को बता दीं। वह क्रोधाग्नि से जल उठा। उसने निश्चय किया कि वह घमंडी असमियों को सबक सिखायेगा । औरंगजेब बहुत धूर्त व कपटी राजा था। उस समय शिव...

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 ए.पी.जे. अब्दुल कलाम By संदीप सिंह (ईशू)

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथी पर विशेष... आज हम देशवासियों के बेहद प्रिय #भारत_रत्न, #मिसाइलमैन व #जनप्रिय_राष्ट्रपति स्व. एपीजे अब्दुल कलाम जी को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नम...

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सम्राट् राजेंद्र चोल प्रथम By Mohan Dhama

दक्षिण भारत में उदय होनेवाले राजवंशों में चोल राजवंश का प्रमुख स्थान है। इस वंश का उदय नवीं शताब्दी में हुआ तथा इसके अंतर्गत एक विशाल साम्राज्य की स्थापना हुई। इस वंश के पराक्रमी श...

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प्रफुल्ल कथा - 17 By Prafulla Kumar Tripathi

मुझे अपने पितामह पंडित भानुप्रताप राम त्रिपाठी और पिताजी आचार्य प्रतापादित्य की तरह डायरी लिखने का शौक था |वे डायरियाँ स्वांतः सुखाय के लिए लिखते थे | इन दिनों जब अपनी आत्मकथा लिख...

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श्री विभीषणजी By Renu

सकृदेव प्रपन्नाय तवास्मीति च याचते। अभयं सर्वभूतेभ्यो ददाम्येतद् व्रतं मम॥* शरणागति के ज्वलन्त उदाहरण श्रीविभीषण जी हैं। ये राक्षस वंश में उत्पन्न होकर भी वैष्णवाग्रगण्य बने । पुलस...

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अशी केली मात By Amit Redkar

अशी केली मात मुंबई, भारताची आर्थिक राजधानी, आणि महाराष्ट्रची राजधानी, म्हणजे एक स्वप्ननगरी अश्या या मायानगरीत सर्व जाती धर्माचे लोक वेगवेगळ्या प्रांतातून आपले स्वप्न पूर्ण करण्यासा...

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भूली बिसरी खट्टी मीठी यादें30 By Kishanlal Sharma

1974इस वर्ष में दो महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से यह साल याद हैपहला इस साल रेलवे की हड़ताल हुई थी।इस हड़ताल की subghat काफी समय पहले ही शुरू हो गयी थी।रेलवे में 2 मान्यता प्राप्त यूनियन...

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श्री प्रह्लादजी By Renu

स उत्तमश्लोकपदारविन्दयोनिषेवयाकिञ्चनसङ्गलब्धया । तन्वन् परां निर्वृतिमात्मनो मुहुदुःसङ्गदीनान्यमनःशमं व्यधात्॥ (श्रीमद्भा० ७।४।४२) दैत्यराज हिरण्यकशिपु के चार पुत्र थे। उनमें प्रह्...

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रामदास हनुमान By Arun

राम दूत और रुद्र के अवतार, हनुमान को प्रणाम, जो समूचे ब्रह्मांड के आकार के हो सकते थे जिनके पास अद्भुत शक्तियाँ थीं, जो शानदार कारनामे कर सकते थे, जिनके पास अविश्‍वसनीय बल था, और ज...

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गगन--तुम ही तुम हो मेरे जीवन मे - 16 By Kishanlal Sharma

सन1974 में पत्नी गर्भवती हो गयी थी।मैने उसे लेडी लॉयल अस्पताल में दिखाया था।आगरा में औरतों के लिए वो अच्छा अस्पताल माना जाता था।फिर जैसा अस्पताल समय देते हम दिखाने के लिए जाते थे।उ...

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हम्मीर देव चौहान By Mohan Dhama

हम्मीर देव चौहान रणथम्भौर के अंतिम चौहान राजा थे। उन्हें मुसलिम कालक्रमों और शाब्दिक साहित्य में हमीर देव के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने रणथम्भौर पर 1282 से 1301 तक राज्य किय...

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पेशवा बाजीराव बल्लाल भट्ट By Mohan Dhama

बाजीराव बल्लाल का जन्म 18 अगस्त, 1700 ई. में पेशवा बालाजी विश्वनाथ के यहाँ हुआ था। वे उनके ज्येष्ठ पुत्र थे। 1720 ई. में बालाजी विश्वनाथ के निधन के पश्चात 19 वर्ष की आयु में उन्हें...

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ડૉ. મોતીબાઈ કાપડિયા By Tr. Mrs. Snehal Jani

ધારાવાહિક:- આપણાં મહાનુભાવો ભાગ:- 29મહાનુભાવ:- ડૉ. મોતીબાઈ કાપડિયાલેખિકા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાનીએક જમાનામાં જ્યારે ડૉક્ટરો વિશે બહુ ઓછી ચર્ચા થતી હતી એ સમયમાં મહિલા ડૉક્ટરો વિશે...

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Gita Saar By Dr Darshita Babubhai Shah

Gita saar Hey Arjuna! Do you worry Sheed for nothing? Who are you afraid of? Who can kill you in this world? The soul is immortal, it is neither born nor dies. Hey Arjuna! What has...

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Mirror Image Man Of Hindustan By Piyush Goel

These are the Lines which always Motivate Piyush Goelमैथिलीशरण गुप्तनर न निराश करो मन को नर न निराश करो मन को कुछ काम करो, कुछ काम करो जग में रहकर कुछ नाम करोRobert FrostThe woods...

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कैसे कितने सांप मिले कैसे कितनी सीढ़ियां By Prafulla Kumar Tripathi

मेरे पाठकों , मैं इस समय अपनी उम्र की सत्तरवीं सीढ़ी पर पहुँच चुका हूँ | अब सब कुछ समेटने का समय आ चला है तो उन सभी का शुक्रिया अदा करना भी अपना धर्म बनता है जिन कुछ लोगों ने मुझे स...

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मायबापाची सेवा By Ankush Shingade

मायबापाच्या सेवेतून परिणामकारक निष्पत्ती मायबाप देवच असतात. ते आपल्याला जन्माला घालतात. म्हणूनच आपल्याला जग बघता येतं. त्यांनी जर जन्मच दिला नाहीतर आपल्याला जगही पाहता येणार नाही आ...

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नमन शत शत नमन By Prafulla Kumar Tripathi

nआज हम जिस मुकाम पर पहुँच चुके हैं उस मुकाम तक पहुंचने में जाने अनजाने कितने संगी साथियों का"ज्ञात-अज्ञात "योगदान रहा है ।"ज्ञात-अज्ञात "विशेषण मैनें जान बूझकर इसलिए जोड़ा है क्यों...

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बाप.. - 1 By DARK

गरिबी तशी पाचवीलाच पुंजलेली.अशिक्षित जोडपं बाप दारूच्या गुत्त्यावर काम करायचा आई लोकांच्या शेतात मोलमजुरी करायची.मुलाच्या हव्यासापायी एक एक करत तीन मुली होऊन दिल्या अन चौथा मुलगा झ...

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मेरे माथे का चंदन By Prafulla Kumar Tripathi

कोई क्यों लिखता है ? अगर वह नहीं लिखता तो क्या हो जाता ? या कि , लिखना उसका व्यसन है ,शौक है ,अनिवार्यता है , प्रतिबद्धता है ,उसकी उँगलियों , उसके विचार या भावनाओं की खुजली है ? ये...

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हनुमान : एक अद्‌भुत व्यक्तित्व By ՏᎪᎠᎻᎪᏙᏆ ՏOΝᎪᎡᏦᎪᎡ ⸙

हनुमान भारतीय चेतना के एक अद्‌भुत पात्र हैं या यूँ कह लीजिए कि एक विलक्षण नायक हैं। विशाल ग्रंथ ‘रामचरितमानस’ में कई चरित्र हैं। श्रीराम के साथ-साथ उनके पिता दशरथ जी हैं, तो उनके ग...

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श्री गरुड़जी By Renu

प्रजापति दक्षकी तेरह कन्याएँ महर्षि कश्यपसे ब्याही गयी थीं, इनमेंसे कद्रू और विनता पुत्र-कामनासे बड़े अनुरागपूर्वक पतिकी सेवा करने लगीं। सेवासे सन्तुष्ट महर्षि कश्यपने जब दोनोंको म...

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महाराणा कुंभा By Mohan Dhama

महाराणा कुंभा सन् 1433 से 1468 तक मेवाड़ के राजा थे। महाराणा कुंभा का भारत के राजाओं में बहुत ऊँचा स्थान है। उनसे पूर्व राजपूत केवल अपनी स्वतंत्रता की जहाँ-तहाँ रक्षा कर सके थे, कु...

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جومٹانے سے مٹ نہیں سکتی، اسے اردو زبان کہتے ہیں By MUHAMMED ABUSAIF SIDDIQUI

جومٹانے سے مٹ نہیں سکتی،  اسے اردو زبان کہتے ہیں 9 / نومبر تاریخ ہندوستان کا وہ سال ہے جس میں جشن عالمی یوم اردو ہوکر منایا جاتا ہے، ہم نے ہمارے بڑوں سے سنا ہیں ،  وہ کہتے ہے کہ ۹/...

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असमर्थों का बल समर्थ रामदास - भाग 21 By ՏᎪᎠᎻᎪᏙᏆ ՏOΝᎪᎡᏦᎪᎡ ⸙

दासबोध ग्रंथ – अल्प परिचयमन, बुद्धि और शक्ति (शारीरिक सामर्थ्य ) का महत्त्व जानकर समर्थ रामदास ने तत्कालीन समाज को क्रियाशीलता का मंत्र दिया। आजीवन समाज को एकसंघ और कर्मनिष्ठ बनाने...

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टेगोर साक्षात्कार By Yashvant Kothari

मैं अपने परिवेश के प्रति बहुत ही सतर्क रहता हूं ! -रवीन्द्रनाथ टेगौर . . सर्व श्री बनारसीदास चतुर्वेदी, सुदर्शन, चंद्रगुप्त विद्यालंकार तथा श्रीमती सत्यवती देवी ने रवींद्रनाथ ठाकुर...

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महावीर लचित बड़फूकन - पार्ट - 4 By Mohan Dhama

राजदूत ने दिल्ली लौट कर सारी बातें औरंगजेब को बता दीं। वह क्रोधाग्नि से जल उठा। उसने निश्चय किया कि वह घमंडी असमियों को सबक सिखायेगा । औरंगजेब बहुत धूर्त व कपटी राजा था। उस समय शिव...

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 ए.पी.जे. अब्दुल कलाम By संदीप सिंह (ईशू)

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथी पर विशेष... आज हम देशवासियों के बेहद प्रिय #भारत_रत्न, #मिसाइलमैन व #जनप्रिय_राष्ट्रपति स्व. एपीजे अब्दुल कलाम जी को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नम...

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सम्राट् राजेंद्र चोल प्रथम By Mohan Dhama

दक्षिण भारत में उदय होनेवाले राजवंशों में चोल राजवंश का प्रमुख स्थान है। इस वंश का उदय नवीं शताब्दी में हुआ तथा इसके अंतर्गत एक विशाल साम्राज्य की स्थापना हुई। इस वंश के पराक्रमी श...

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प्रफुल्ल कथा - 17 By Prafulla Kumar Tripathi

मुझे अपने पितामह पंडित भानुप्रताप राम त्रिपाठी और पिताजी आचार्य प्रतापादित्य की तरह डायरी लिखने का शौक था |वे डायरियाँ स्वांतः सुखाय के लिए लिखते थे | इन दिनों जब अपनी आत्मकथा लिख...

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श्री विभीषणजी By Renu

सकृदेव प्रपन्नाय तवास्मीति च याचते। अभयं सर्वभूतेभ्यो ददाम्येतद् व्रतं मम॥* शरणागति के ज्वलन्त उदाहरण श्रीविभीषण जी हैं। ये राक्षस वंश में उत्पन्न होकर भी वैष्णवाग्रगण्य बने । पुलस...

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अशी केली मात By Amit Redkar

अशी केली मात मुंबई, भारताची आर्थिक राजधानी, आणि महाराष्ट्रची राजधानी, म्हणजे एक स्वप्ननगरी अश्या या मायानगरीत सर्व जाती धर्माचे लोक वेगवेगळ्या प्रांतातून आपले स्वप्न पूर्ण करण्यासा...

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भूली बिसरी खट्टी मीठी यादें30 By Kishanlal Sharma

1974इस वर्ष में दो महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से यह साल याद हैपहला इस साल रेलवे की हड़ताल हुई थी।इस हड़ताल की subghat काफी समय पहले ही शुरू हो गयी थी।रेलवे में 2 मान्यता प्राप्त यूनियन...

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स उत्तमश्लोकपदारविन्दयोनिषेवयाकिञ्चनसङ्गलब्धया । तन्वन् परां निर्वृतिमात्मनो मुहुदुःसङ्गदीनान्यमनःशमं व्यधात्॥ (श्रीमद्भा० ७।४।४२) दैत्यराज हिरण्यकशिपु के चार पुत्र थे। उनमें प्रह्...

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रामदास हनुमान By Arun

राम दूत और रुद्र के अवतार, हनुमान को प्रणाम, जो समूचे ब्रह्मांड के आकार के हो सकते थे जिनके पास अद्भुत शक्तियाँ थीं, जो शानदार कारनामे कर सकते थे, जिनके पास अविश्‍वसनीय बल था, और ज...

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गगन--तुम ही तुम हो मेरे जीवन मे - 16 By Kishanlal Sharma

सन1974 में पत्नी गर्भवती हो गयी थी।मैने उसे लेडी लॉयल अस्पताल में दिखाया था।आगरा में औरतों के लिए वो अच्छा अस्पताल माना जाता था।फिर जैसा अस्पताल समय देते हम दिखाने के लिए जाते थे।उ...

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हम्मीर देव चौहान By Mohan Dhama

हम्मीर देव चौहान रणथम्भौर के अंतिम चौहान राजा थे। उन्हें मुसलिम कालक्रमों और शाब्दिक साहित्य में हमीर देव के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने रणथम्भौर पर 1282 से 1301 तक राज्य किय...

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पेशवा बाजीराव बल्लाल भट्ट By Mohan Dhama

बाजीराव बल्लाल का जन्म 18 अगस्त, 1700 ई. में पेशवा बालाजी विश्वनाथ के यहाँ हुआ था। वे उनके ज्येष्ठ पुत्र थे। 1720 ई. में बालाजी विश्वनाथ के निधन के पश्चात 19 वर्ष की आयु में उन्हें...

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ડૉ. મોતીબાઈ કાપડિયા By Tr. Mrs. Snehal Jani

ધારાવાહિક:- આપણાં મહાનુભાવો ભાગ:- 29મહાનુભાવ:- ડૉ. મોતીબાઈ કાપડિયાલેખિકા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાનીએક જમાનામાં જ્યારે ડૉક્ટરો વિશે બહુ ઓછી ચર્ચા થતી હતી એ સમયમાં મહિલા ડૉક્ટરો વિશે...

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These are the Lines which always Motivate Piyush Goelमैथिलीशरण गुप्तनर न निराश करो मन को नर न निराश करो मन को कुछ काम करो, कुछ काम करो जग में रहकर कुछ नाम करोRobert FrostThe woods...

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कैसे कितने सांप मिले कैसे कितनी सीढ़ियां By Prafulla Kumar Tripathi

मेरे पाठकों , मैं इस समय अपनी उम्र की सत्तरवीं सीढ़ी पर पहुँच चुका हूँ | अब सब कुछ समेटने का समय आ चला है तो उन सभी का शुक्रिया अदा करना भी अपना धर्म बनता है जिन कुछ लोगों ने मुझे स...

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मायबापाची सेवा By Ankush Shingade

मायबापाच्या सेवेतून परिणामकारक निष्पत्ती मायबाप देवच असतात. ते आपल्याला जन्माला घालतात. म्हणूनच आपल्याला जग बघता येतं. त्यांनी जर जन्मच दिला नाहीतर आपल्याला जगही पाहता येणार नाही आ...

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नमन शत शत नमन By Prafulla Kumar Tripathi

nआज हम जिस मुकाम पर पहुँच चुके हैं उस मुकाम तक पहुंचने में जाने अनजाने कितने संगी साथियों का"ज्ञात-अज्ञात "योगदान रहा है ।"ज्ञात-अज्ञात "विशेषण मैनें जान बूझकर इसलिए जोड़ा है क्यों...

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बाप.. - 1 By DARK

गरिबी तशी पाचवीलाच पुंजलेली.अशिक्षित जोडपं बाप दारूच्या गुत्त्यावर काम करायचा आई लोकांच्या शेतात मोलमजुरी करायची.मुलाच्या हव्यासापायी एक एक करत तीन मुली होऊन दिल्या अन चौथा मुलगा झ...

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कोई क्यों लिखता है ? अगर वह नहीं लिखता तो क्या हो जाता ? या कि , लिखना उसका व्यसन है ,शौक है ,अनिवार्यता है , प्रतिबद्धता है ,उसकी उँगलियों , उसके विचार या भावनाओं की खुजली है ? ये...

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हनुमान : एक अद्‌भुत व्यक्तित्व By ՏᎪᎠᎻᎪᏙᏆ ՏOΝᎪᎡᏦᎪᎡ ⸙

हनुमान भारतीय चेतना के एक अद्‌भुत पात्र हैं या यूँ कह लीजिए कि एक विलक्षण नायक हैं। विशाल ग्रंथ ‘रामचरितमानस’ में कई चरित्र हैं। श्रीराम के साथ-साथ उनके पिता दशरथ जी हैं, तो उनके ग...

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श्री गरुड़जी By Renu

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महाराणा कुंभा By Mohan Dhama

महाराणा कुंभा सन् 1433 से 1468 तक मेवाड़ के राजा थे। महाराणा कुंभा का भारत के राजाओं में बहुत ऊँचा स्थान है। उनसे पूर्व राजपूत केवल अपनी स्वतंत्रता की जहाँ-तहाँ रक्षा कर सके थे, कु...

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جومٹانے سے مٹ نہیں سکتی، اسے اردو زبان کہتے ہیں By MUHAMMED ABUSAIF SIDDIQUI

جومٹانے سے مٹ نہیں سکتی،  اسے اردو زبان کہتے ہیں 9 / نومبر تاریخ ہندوستان کا وہ سال ہے جس میں جشن عالمی یوم اردو ہوکر منایا جاتا ہے، ہم نے ہمارے بڑوں سے سنا ہیں ،  وہ کہتے ہے کہ ۹/...

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