Best Horror Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Horror Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultu...Read More


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  • અવાવરુ વાવનો અતીત - 5

    પ્રકરણ ૫: મુક્તિ અને મહાઆરતીતલવાર અને હાર ગઢના રાજવી સંગ્રહાલયમાં અને તેમના સાચા...

  • पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 2

    उस रात के बाद सब कुछ बदल गया था…सिद्धिका अपने ठिकाने पर लौट चुकी थी…लेकिन इस बार...

  • काली रात - 1

    नंदनगढ का सूरज हमेशा की तरह ढल रहा था, लेकिन आज की शाम कुछ अलग थी. सूरज की किरणे...

अधूरी किताब - सीजन 2 - एपिसोड 1 By kajal jha

अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताबवाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डूब जा...

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रूहानी इश्क एक खौफनाक मोहब्बत - एपिसोड 7 By kajal jha

अध्याय 7: दरवाज़े के उस पारअंधेरा इतना घना था कि आर्या को अपने ही हाथ दिखाई नहीं दे रहे थे। लेकिन इस बार यह अंधेरा पहले जैसा डरावना नहीं लग रहा था… यह बुला रहा था।जिस दरवाज़े को वह...

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અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી - પ્રકરણ - 74 By Dakshesh Inamdar

અનોખી સફર પ્રકરણ -74           સોહમે ઓડિયો કોલ કાપી પછી તરત વીડિયોકોલ કર્યો..વિશ્વાની ઉત્તેજના વધી ગયેલી..જેવો કોલ આવ્યો એણે તરતજ એક્સેપ્ટ કર્યો…મોબાઈલનાં સ્ક્રીન ઉપર સોહમ દેખાયો.....

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उसका शिकार By Akshay Yadav

उसका शिकारलेखन: कुमार (भयकथासूर)हर्षदा और रवि की शादी को मुश्किल से तीन महीने हुए थे। दोनों की मुलाकात एक इवेंट पार्टी में हुई थी। रवि पेशे से एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी का मालिक था...

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परेतनी की शादी - 2 By Sapna Badh

 मैं खाने के मामले में बड़ा ही शातीर था। जब मै खाना खाने बैठता था तो चार पांच लोगों का खाना मै अकेले खा जाता था।इसलिए आमतौर पर लोग मुझे अपने घर खाना खाने पर बुलाने से कतराते थे। मा...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 18 By kajal jha

एपिसोड 20: अंधेरे का पुनर्जन्मशहर की बेचैनीमंदिर से लौटने के बाद रोहन को लगा कि सब खत्म हो गया है। लेकिन शहर में अजीब घटनाएँ और भी तेज़ी से फैलने लगीं। लोग रात को चीखें सुनने लगे,...

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विलक्षण - 1 By Balkrishna Rane

विलक्षण १ जानेवारी २०२५जानेवारीचा महिना हवेत खुप गारवा होता. रात्रीचा एक वाजले  होते.अमावस्या असल्याने सभोवताली काळोख होता.अश्या वेळी गोव्यावरून एक कार मुंबईच्या दिशेने हायवेवरून ज...

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अमावस्या की काली रात एक खोफ या श्राप - 2 By RAAHULL SHARMA

अगली सुबह सूरज की पहली किरण के साथ ही कृष्ण और रश्मि के बीच एक नई चर्चा शुरू हुई—हनीमून की प्लानिंग।कृष्ण ने बेड पर ढेर सारे ट्रैवल ब्राउशर्स फैलाते हुए कहा, "रश्मि, पापा कह रहे थे...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 17 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 17: भूले हुए बच्चेबारिश की बूंदें खिड़की के शीशों से टकरा रही थीं।लेकिन अनन्या का ध्यान अब बाहर नहीं था।उसकी निगाहें कमरे में खड़े उन बच्चों पर...

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The Ring-Return of karma - 1 By Deepak sharma

द रिंग - रिटर्न ऑफ कर्माकहते हैं...कुछ आत्माएँ मरने के बाद भी शांति नहीं पातीं।वे इंतज़ार करती हैं...उस दिन का...जब उनका अधूरा हिसाब पूरा हो सके।सिल्वर सिटी से बहुत दूर...घने जंगलो...

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અવાવરુ વાવનો અતીત - 5 By Ashoksinh jadeja

પ્રકરણ ૫: મુક્તિ અને મહાઆરતીતલવાર અને હાર ગઢના રાજવી સંગ્રહાલયમાં અને તેમના સાચા વારસદારોને સુપ્રત કર્યા પછી, આખા પંથકમાં આર્યનનું નામ વિજયના નાદની જેમ ગુંજવા લાગ્યું હતું. જે વાવ...

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तेरहवा द्वार - 9 By InkImagination

भाग 9हवेली का असली श्राप“मैं तुम्हारे साथ घर आ गया…”उस बच्चे की मुस्कान देखते ही आरव की साँस रुक गई।पूरा कमरा काले पानी से भरा हुआ था। दीवारों पर बने हाथों के निशान धीरे-धीरे नीचे...

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Ghost hunters - 20 By Rishav raj

पेड़ की दरार एक झटके में पूरी तरह फट गई और उसके भीतर कैद वह विकृत आकृति भारी आवाज के साथ बाहर आ गिरी जमीन पर गिरते ही उसके शरीर से काली धुंध निकलने लगी और आसपास की हवा अचानक जम सी...

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વિરાજ પેલેસ - પ્રકરણ 3 By its MD

ગઈકાલના એ અજીબ પવનના અનુભવ પછી પણ મારું મન માનવા તૈયાર નહોતું. બીજા દિવસે સવારે હું જેવી ઓફિસ આવી, એટલે દાદાએ મને જોઈને જ કહી દીધું, "દીકરા, હવે તો તારી જીદ છોડ. આ મહેલ સાંજ પછી આપ...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 2 By Sonam Brijwasi

उस रात के बाद सब कुछ बदल गया था…सिद्धिका अपने ठिकाने पर लौट चुकी थी…लेकिन इस बार वो शांत नहीं थी। उसकी कलाई अब भी जल रही थी…जहाँ कृष्णा के लाल धागे का स्पर्श हुआ था।वो गुस्से में च...

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ಅನಿರ್ಬಾನ್ 000 By Danger Writer

ಮಂಗಳೂರಿನ ಬಂದರಿನಲ್ಲಿ ಅಂದು ಸುರಿಯುತ್ತಿದ್ದ ಮಳೆ ಕೇವಲ ನೀರಾಗಿರಲಿಲ್ಲ; ಅದು ಕಪ್ಪು ಶಾಯಿಯಂತೆ  ಹರಿಯುತ್ತಿತ್ತು. ನಗರದ ಪ್ರತಿಷ್ಠಿತ ಉದ್ಯಮಿ ರಘುರಾಮ್ ತನ್ನ ಗೋದಾಮಿನಲ್ಲಿ ಸತ್ತು ಬಿದ್ದಿದ್ದ. ಅವನ ಎದೆಯ ಮೇಲೆ ರಕ್ತ...

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रात का सन्नाटा - 2 By Sandhya Devi

रात के लगभग ग्यारह बजे थे। गाँव के बाहर बने बड़े से मैरिज गार्डन में शादी का शोर अब धीरे-धीरे कम होने लगा था। रोशनी से जगमगाता मैदान, तेज़ संगीत और लोगों की भीड़ अब खत्म होने की ओर...

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भूतिया कुआ देखने का सफर - भाग 5 By Tejendragodara

मेरा पूरा शरीर डर के मारे कांपने लगा था। मेरे माथे से पसीने की बूंदें टपक रही थीं। मैंने बहुत डरते-डरते अपने हाथ में पकड़ी टॉर्च की कमजोर पड़ रही रोशनी को ऊपर छत की तरफ घुमाया। जो...

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রাতের শেষ ট্রেন By Mohan Manna

তখন রাত্রি ১১টা ৪৫। গোপাল যখন বালিচক স্টেশনে পৌঁছাল, প্ল্যাটফর্ম প্রায় সম্পূর্ণ ফাঁকা। চারপাশে এমন নিস্তব্ধতা যেন বহুক্ষণ কোনো মানুষের পায়ের শব্দ শোনা যায়নি। শুধু স্টেশনের বাইরে কো...

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অতনুর ডায়েরি: শেষ নাইট শিফট By Mohan Manna

আমি অতনু সেনগুপ্ত। আমার বাড়ি মেদিনীপুরের এক প্রত্যন্ত গ্রামে। আজ আমি যে ঘটনাটা বলতে যাচ্ছি, সেটা যদি আমার নিজের সাথে না ঘটত, তাহলে হয়তো আমিও বিশ্বাস করতাম না। কলেজ শেষ হওয়ার কয়...

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काली रात - 1 By Raj Bhande

नंदनगढ का सूरज हमेशा की तरह ढल रहा था, लेकिन आज की शाम कुछ अलग थी. सूरज की किरणें जैसे हवेली की दीवारों से टकराकर वापस लौट रही थीं, मानो वे भी अंदर जाने से डरती हों.आर्यन ने अपनी प...

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अधूरी किताब - सीजन 2 - एपिसोड 1 By kajal jha

अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताबवाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डूब जा...

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रूहानी इश्क एक खौफनाक मोहब्बत - एपिसोड 7 By kajal jha

अध्याय 7: दरवाज़े के उस पारअंधेरा इतना घना था कि आर्या को अपने ही हाथ दिखाई नहीं दे रहे थे। लेकिन इस बार यह अंधेरा पहले जैसा डरावना नहीं लग रहा था… यह बुला रहा था।जिस दरवाज़े को वह...

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અનોખી સફર પ્રકરણ -74           સોહમે ઓડિયો કોલ કાપી પછી તરત વીડિયોકોલ કર્યો..વિશ્વાની ઉત્તેજના વધી ગયેલી..જેવો કોલ આવ્યો એણે તરતજ એક્સેપ્ટ કર્યો…મોબાઈલનાં સ્ક્રીન ઉપર સોહમ દેખાયો.....

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परेतनी की शादी - 2 By Sapna Badh

 मैं खाने के मामले में बड़ा ही शातीर था। जब मै खाना खाने बैठता था तो चार पांच लोगों का खाना मै अकेले खा जाता था।इसलिए आमतौर पर लोग मुझे अपने घर खाना खाने पर बुलाने से कतराते थे। मा...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 18 By kajal jha

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विलक्षण - 1 By Balkrishna Rane

विलक्षण १ जानेवारी २०२५जानेवारीचा महिना हवेत खुप गारवा होता. रात्रीचा एक वाजले  होते.अमावस्या असल्याने सभोवताली काळोख होता.अश्या वेळी गोव्यावरून एक कार मुंबईच्या दिशेने हायवेवरून ज...

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अमावस्या की काली रात एक खोफ या श्राप - 2 By RAAHULL SHARMA

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 17 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 17: भूले हुए बच्चेबारिश की बूंदें खिड़की के शीशों से टकरा रही थीं।लेकिन अनन्या का ध्यान अब बाहर नहीं था।उसकी निगाहें कमरे में खड़े उन बच्चों पर...

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द रिंग - रिटर्न ऑफ कर्माकहते हैं...कुछ आत्माएँ मरने के बाद भी शांति नहीं पातीं।वे इंतज़ार करती हैं...उस दिन का...जब उनका अधूरा हिसाब पूरा हो सके।सिल्वर सिटी से बहुत दूर...घने जंगलो...

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भाग 9हवेली का असली श्राप“मैं तुम्हारे साथ घर आ गया…”उस बच्चे की मुस्कान देखते ही आरव की साँस रुक गई।पूरा कमरा काले पानी से भरा हुआ था। दीवारों पर बने हाथों के निशान धीरे-धीरे नीचे...

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Ghost hunters - 20 By Rishav raj

पेड़ की दरार एक झटके में पूरी तरह फट गई और उसके भीतर कैद वह विकृत आकृति भारी आवाज के साथ बाहर आ गिरी जमीन पर गिरते ही उसके शरीर से काली धुंध निकलने लगी और आसपास की हवा अचानक जम सी...

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ગઈકાલના એ અજીબ પવનના અનુભવ પછી પણ મારું મન માનવા તૈયાર નહોતું. બીજા દિવસે સવારે હું જેવી ઓફિસ આવી, એટલે દાદાએ મને જોઈને જ કહી દીધું, "દીકરા, હવે તો તારી જીદ છોડ. આ મહેલ સાંજ પછી આપ...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 2 By Sonam Brijwasi

उस रात के बाद सब कुछ बदल गया था…सिद्धिका अपने ठिकाने पर लौट चुकी थी…लेकिन इस बार वो शांत नहीं थी। उसकी कलाई अब भी जल रही थी…जहाँ कृष्णा के लाल धागे का स्पर्श हुआ था।वो गुस्से में च...

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रात के लगभग ग्यारह बजे थे। गाँव के बाहर बने बड़े से मैरिज गार्डन में शादी का शोर अब धीरे-धीरे कम होने लगा था। रोशनी से जगमगाता मैदान, तेज़ संगीत और लोगों की भीड़ अब खत्म होने की ओर...

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भूतिया कुआ देखने का सफर - भाग 5 By Tejendragodara

मेरा पूरा शरीर डर के मारे कांपने लगा था। मेरे माथे से पसीने की बूंदें टपक रही थीं। मैंने बहुत डरते-डरते अपने हाथ में पकड़ी टॉर्च की कमजोर पड़ रही रोशनी को ऊपर छत की तरफ घुमाया। जो...

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তখন রাত্রি ১১টা ৪৫। গোপাল যখন বালিচক স্টেশনে পৌঁছাল, প্ল্যাটফর্ম প্রায় সম্পূর্ণ ফাঁকা। চারপাশে এমন নিস্তব্ধতা যেন বহুক্ষণ কোনো মানুষের পায়ের শব্দ শোনা যায়নি। শুধু স্টেশনের বাইরে কো...

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অতনুর ডায়েরি: শেষ নাইট শিফট By Mohan Manna

আমি অতনু সেনগুপ্ত। আমার বাড়ি মেদিনীপুরের এক প্রত্যন্ত গ্রামে। আজ আমি যে ঘটনাটা বলতে যাচ্ছি, সেটা যদি আমার নিজের সাথে না ঘটত, তাহলে হয়তো আমিও বিশ্বাস করতাম না। কলেজ শেষ হওয়ার কয়...

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काली रात - 1 By Raj Bhande

नंदनगढ का सूरज हमेशा की तरह ढल रहा था, लेकिन आज की शाम कुछ अलग थी. सूरज की किरणें जैसे हवेली की दीवारों से टकराकर वापस लौट रही थीं, मानो वे भी अंदर जाने से डरती हों.आर्यन ने अपनी प...

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