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प्यार की एक नई शुरुआत - 4 By Leela nagetiya

दरवाजे का हैंडल घूमा और जैसे ही रोहन ने कमरे के भीतर कदम रखा, वहाँ पसरा सन्नाटा उसकी आँखों में खटक गया. मायरा और आदित्य, दोनों ही बुत बने खडे थे—एकदम खामोश. रोहन की नजर पहले मायरा...

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अधूरी उड़ान - 2 By piyu bhuva

सीया फिरसे एक बार दुखी हो गयी, पर वो घर में क्लेश नही कॄीसी भी बात पर इसा नही चाहती थी। इसलिए वो hostel चली गयी।हॉस्टल में जाने के बाद भी कोरोना वायरस की बीमारी का खतरा तो था ही पर...

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अरबपति वारिस से गुमनाम लड़की तक - भाग 5 By Fictional world

सफ़ेद दीवारों और महँगे उपकरणों से सजा वीआईपी हॉस्पिटल रूम एक अजीब-सी खामोशी में डूबा हुआ था।बिस्तर पर बैठी सिंथिया बार-बार अपने हाथों को देख रही थी।"आख़िर... मेरे साथ हो क्या रहा ह...

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होटल का वेटर और उसकी प्रेम कहानी - 16 By kalpita

काम्या की आंखों में अब गुस्से के साथ एक ठंडी दृढ़ता थी—अपनी रिंग… वापस लेकर आते हैं।""मुझे नहीं पता वो कौन था… उसका शोरूम कहां है?"ऋतिक ने बिल्कुल भोलेपन से कंधे उचकाते हुए कहा।बस…...

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दीदार-ए-चाँद और इंतज़ार की रात By sukhvinder Singh Rai

रात के गहराते साये और आसमान से टूटकर लगातार बरसती मूसलाधार बूंदें शहर की उस सुनसान सड़क पर किसी का इम्तिहान ले रही थीं ️। सड़क किनारे जलती हुई वह पुरानी, टिमटिमाती स्ट्रीट लाइट अपन...

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Love Beyond Countries - Part 2 By Anup Anand

भाग – 2 : सीमाओं से भी बड़ा प्रेमरात के तीन बज चुके थे।आरव की आँखों में नींद नहीं थी। मोबाइल की स्क्रीन पर वही आख़िरी संदेश चमक रहा था—"Aarav... Don't come."उसने शायद सौ बार कॉ...

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महानगर में स्वर्ग की तालाश By Anant Dhish Aman

— हाँ, घर से दूर एक बड़े महानगर में हूँ।हाँ, बड़े महानगर में!— देखे भी हो कभी, या सिर्फ सुना और पढ़ा ही है?— हाँ, सच कह रहा हूँ। महानगर में रहने आया हूँ—पढ़ने और खूब बड़ा इंसान बनन...

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अंश, कार्तिक, आर्यन - 18 By Renu Chaurasiya

कल्याणी ने धीरे से अपना दूसरा हाथ अपने पेट पर रखा। उसकी आँखों में अपने अजन्मे बच्चे की चिंता साफ़ झलक रही थी। रणजीत ने उसकी आँखों में देखते हुए दृढ़ स्वर में कहा—"में तुम दोनों को...

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घर की राह By Vijay Erry

घर का राह लेखक: विजय शर्मा एरीशहर की चकाचौंध में खोया हुआ एक युवक था—अर्जुन। दिल्ली की ऊँची इमारतों, तेज़ ट्रैफिक और कभी न खत्म होने वाली भीड़ के बीच वह पिछले सात साल से जी रहा था।...

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માનવ સબ્ન્ધોની એક અનિવાર્ય સત્યતા - 1 By shifa

એક સ્વપ્ન - "માનવ સંબંધોની એક અનિવાર્ય સત્યતા"જન્મથી મૃત્યુ સુધીના આ સફરમાં માણસ અનેક સંબંધો સાથે વણાયેલો છે. લોહીના સંબંધોથી શરૂ કરીને લાગણીઓથી બંધાતા અજાણ્યા સંબંધો સુધી, આપણી આખ...

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प्यार की एक नई शुरुआत - 4 By Leela nagetiya

दरवाजे का हैंडल घूमा और जैसे ही रोहन ने कमरे के भीतर कदम रखा, वहाँ पसरा सन्नाटा उसकी आँखों में खटक गया. मायरा और आदित्य, दोनों ही बुत बने खडे थे—एकदम खामोश. रोहन की नजर पहले मायरा...

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अधूरी उड़ान - 2 By piyu bhuva

सीया फिरसे एक बार दुखी हो गयी, पर वो घर में क्लेश नही कॄीसी भी बात पर इसा नही चाहती थी। इसलिए वो hostel चली गयी।हॉस्टल में जाने के बाद भी कोरोना वायरस की बीमारी का खतरा तो था ही पर...

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होटल का वेटर और उसकी प्रेम कहानी - 16 By kalpita

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