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कहानी: सच्ची मेहनत और संकल्प की विजयअध्याय 1: धूल भरा गाँव और ऊंचे सपनेरामपुर ना...
“वो चिट्ठी… जिसने सब बदल दिया”रात के करीब साढ़े दस बजे थे।शहर की सड़कों पर हल्की...
एक दिन का बॉयफ्रेंड मुंबई की सुबह हमेशा की तरह तेज़ थी।मेट्रो स्टेशन के बाहर लोग...
Vedanta 2.0 : H₂O जीवन जीना ही ईश्वर है अज्ञात अज्ञानी विषय-सूची प्रारंभिक ख...
साल 1540 की एक ठंडी सुबह। अरावली की ऊँची पहाड़ियों के बीच स्थित कुंभलगढ़ किला अप...
लेखक -एसटीडी मौर्य ️कटनी मध्य प्रदेश दूरभाष +917648959825यह कहानी कुछ ही दिन पहल...
भाग 1: 'रिदम कैफे' और वो अधूरी शामशहर की शोर-शराबे वाली गलियों के बीच एक...
(अगली पीढी की भविष्यवाणी: स्वर्ण- विधि)विवाह के पश्चात, जब पक्षीलोक में शांति स्...
भाग- 1 गंगा ,वरुण और अस्सी के संगम से बनी हुई नगरी, जहां मृत्यु...
अमायरा – एक अलग सी लड़की (भाग 1)अमायरा एक साधारण-सी, सांवले रंग की और शांत स्वभा...
कहानी की शुरुआत एक अंधेरे कमरे से होती है, जहाँ एक लड़की लोहे की चेन से लॉक होती है।फिर कमरे का दरवाज़ा खुलता है और एक आदमी अंदर आता है। वह उस लड़की के पास जाता है और उससे कहता है—...
बरसाना में यमुना किनारे सावित्री नाम की एक बूढ़ी मैया रहती थी। उसका इस संसार में कोई नहीं था। पति बहुत साल पहले गुजर गए थे, बच्चे नहीं थे। उसका बस एक ही सहारा था, एक ही परिवार था -...
कुछ दिन ऐसे ही गुजर गए थे…करण अब श्रेया का पहले से भी ज्यादा ध्यान रखने लगा था। सुबह उठना हो, दवा हो, खाना हो…वो हर चीज़ में उसके साथ रहता था। श्रेया के चेहरे पर अब एक अलग सी चमक थ...
शहर के एक पॉश अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी सुनैना जब रात के सन्नाटे को देखती, तो उसकी अपनी सांसों की गर्माहट उसे बेचैन कर देती। बत्तीस साल की उम्र में पति को खोने के बाद दुनिया ने...
भाग १ — एक दिन, कई जिम्मेदारियाँसुबह छह बजे अलार्म बजा।मिहिर ने आँखें खोलीं, लेकिन कुछ क्षणों तक बिस्तर पर ही पड़ा रहा।बगल में उसकी पत्नी निशा अभी सो रही थी। सामने की दीवार पर घड़ी...
अवतरण एवं अध्ययन---काल समय वक़्त अपनी गति रफ्तार से चलता रहता है प्रत्येक दिन लाखो जातक जन्म लेते है एवं मरते है लेकिन कभी कभार ऐसा भी पल प्रहर आता है जो साधारण मे असाधारण क़ो अंकुरि...
अध्याय - १३अमृता को यह समझने में देर न लगी कि रिपोर्ट अच्छी नहीं आई है, क्योंकि इस तरह सरेआम राजेश अमृता से लिपट गया, यह इतने सालों में आज पहली बार ही हुआ था। राजेश के इस व्यवहार क...
शाम के सात बजे दूर पहाड़ियों के पीछे सूरज धीरे धीरे ढल रहा था। ढलते सूरज की किरणों ने बर्फ से ढकी वादियों में अद्भुत मनोहारी दृश्य रच डाला था। इस नयनाभिराम दृश्य को देखकर रंजन पत्न...
रिश्तों का बोझएक कहानी — जब रिश्ते सहारा बनने के बजाय बोझ बन जाएँशहर के एक पुराने मोहल्ले में एक छोटा-सा दो मंजिला मकान था। मकान बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उसमें रहने वाले लोगों के स...
वृंदावन में यमुना किनारे मीरा नाम की एक लड़की रहती थी। मीरा को बचपन से ही राधा रानी से बहुत प्रेम था। वह हर दिन सुबह उठकर यमुना में स्नान करती और फिर राधा-कृष्ण के मंदिर में फूलों...
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