Best Poems Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Poems in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. They...Read More


Languages
Categories
Featured Books

मे और मेरे अह्सास - 14 By Dr Darshita Babubhai Shah

मे और मेरे अह्सास भाग -14 जाम पे जाम पीए जा रहे हैं lशाम का नाम लिए जा रहे हैं ll ******************************************* *शाम है जाम है और क्या चाहिये**काम है दाम है और क्या च...

Read Free

From bottom of heart - 6 By Jiya Vora

1.मेरे लब्ज़ से जुड़े वो अल्फाज हो तुम, मेरे दिल से जुड़ी वो बात हो तुम| तुम्हारे बिना अधूरी है मेरी सारी खुशी, क्योंकि मेरा हमसफ़र, हमराही, मेरे हमदर्द हो तुम| 2.Some of them asked...

Read Free

Straight from the heart.? By Ambaliya Anjali

1. I ignored so many people for one person,Now look at me,I am single...2. Every girl is a doll the only difference is,Some are Barbie,And some are Rapunzel...3. Dim lights,Soft so...

Read Free

लिख रहे वे नदी की अन्तर्कथाऐं, By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

गीात क्ृष्ण विहारी लाल पांडेय घाट पर बैठे हुए हैं जो सुरक्षित लिख रहे वे नदी की अन्तर्कथाऐं, आचमन तक के लिए उतरे नहीं जो...

Read Free

बेनाम शायरी - 2 By Er.Bhargav Joshi અડિયલ

"बेनाम शायरी"??? ?? ??? ?? ???एक जमाना था कि लोग अपनों पे जान छिड़कते थे।एक ज़माना है कि लोग अपनो की जान छिड़कते है।।??? ?? ??? ??...

Read Free

कविता By प्रतिभा चौहान

अधूरी कविताओं को अधूरी लालसाएं समझना…
जब सांस घुटती है बारुद के धुँएं में आवाजें कलेजा चीर देती हैं अपने खौफनाक रूप से सुनती है सेंध में चुपचाप सिसकियां तब मेरी कविता अधूरी...

Read Free

ایسنا By Dr Darshita Babubhai Shah

ایسنا جام پینے جا رہے ہیں۔ شام کا نام لیا جارہا ہے *********************** * شام جام ہے اور اس کی کیا ضرورت ہے * * کام کی قیمت ہے اور جس کی ضرورت ہے * *********************** نام ک...

Read Free

सीता: एक नारी - 7 - अंतिम भाग By Pratap Narayan Singh

सीता: एक नारी ॥ सप्तम सर्ग॥ निर्विघ्न सकुशल यज्ञ मर्यादा पुरुष का चल रहा किस प्राप्ति का है स्वप्न उनके हृदयतल में पल रहा ? अर्धांगिनी के स्थान पर अब तो सुशोभित मूर्ति है यह लोक-भी...

Read Free

कुछ ख्याल सुनोगे? By Gadhavi Prince

सब से पहले एक छोटिशी रचना पेश करता हूं।लडकिचाय के बागानों से निकलती खुशबू लगती हो;लडकी साडी पहना करो अच्छी लगती हो।आइने की नज़र ना लगे तुमको;क्या ईस लीये काली बिंदी करती हो।मेरे कान...

Read Free

Happiness - 8 By Dr Darshita Babubhai Shah

HAPPINESS PART-8 Warm nature comes to mind, Kindness is remembered. ************************************** Touch will save me from evil eye, So sure of my feelings Me. ************...

Read Free

કાવ્યસેતુ - 3 By Setu

અમદાવાદ અસલ અમદાવાદી મિજાજ, બોલીથી પકડાઈ જાય! ચીવટાઈ ભરેલી બોલી, એમાંય જલેબી જેવી મીઠાશ! જલસાભેર જીવતા અહીં હરેક લોક, જે જઈ આવે જે રાતે માણેકચોક, ભદ્રનાં મહાકાળી કરે રખેવાળી, ફરકણી...

Read Free

ऐ जिंदगी By Yakshita Patel

नमस्कार मित्रो... हिन्दीमे कविता लिखने का ये मेरा पहला प्रयास है, इसमे कई सारी कमिया हो सकती है, शब्दो की गलतियां भी हो सकती है। आप इसे पढ़कर अपने प्रतिभाव ओर सूचन दे जिससे आगे मे...

Read Free

मी आणि माझे अहसास - 2 By Dr Darshita Babubhai Shah

एस्ना जाम प्यायला जाणे. संध्याकाळचे नाव घेतले जात आहे. ************************* * संध्याकाळ जाम असते आणि काय आवश्यक आहे * * काम किंमत आहे आणि काय आवश्यक आहे * नाव काय आहे आणि मला...

Read Free

अर्धनिमिलिप्त By Er.Bhargav Joshi અડિયલ

"अर्धनिमिलिप्त"??? ?? ??? ?? ??? "राधिका"दुनिया के हर प्रेम का आधार राधिका।श्याम के जीवन का जनाधार राधिका।।आंसू...

Read Free

ग़ज़ल, कविता, शेर By Kota Rajdeep

प्रेम-जल बरशा बादल से, दरख़्त की हर पत्तियां सुनहरी हों चली हैं।अंगड़ाई लिए नई कोंपलें उठती हैं, जमीं कितनी ताज़ा हो चली हैं।___Rajdeep Kotaएक रोज़ शादाब शामों से दूर जाना होगा।ज़ि...

Read Free

میں اور میرا احسان By Dr Darshita Babubhai Shah

میں اور میرا احسان Me and my kindness مرد خود جانتے ہیں۔ یہ دنیا اسے پہچانتی ہے ************************************ کچھ بھی مضبوط ہونے سے شروع نہیں ہوتا ہے۔ فتح کی حوصلہ افزائی کی...

Read Free

માણસ By રોનક જોષી. રાહગીર

છે છેલ છબીલો રંગ રંગીલો જાતભાત નો માણસ. નાત જાત ના વાડામાં ઉલઝી ગયો છે, ક્યાંક ફરિયાદ કરે છે તો કરાવે છે ક્યાંક ફરી "યાદ". "હું" થી સાચી વાતમાં હુંકાર નથી ભરતો, પણ નાની નાની વાતમાં...

Read Free

હું અને મારા અહસાસ - 7 By Dr Darshita Babubhai Shah

હું અને મારા અહસાસ ભાગ-૭ લાયક બનો,નાયક નહીં ચાહત બનો,ચાહક નહીં. ************************************ લાગણી ની છત્રી ખોલીને નીકળ્યો છું,વાદળી ની દશા જોઈને નીકળ્યો છું. *************...

Read Free

મનોમંથન By Yakshita Patel

નમસ્કાર મિત્રો, મારી પ્રથમ રચના "સ્વાનુભવ" , દ્વિતીય રચના "શુભારંભ" , તૃતીય રચના નારીશક્તિ અને ત્યારપછી આવેલ "મનનું ખેડાણ"ને આપ સૌ તરફથી ખૂબ ખૂબ સારો પ્...

Read Free

Broken feeling with heart By Ambaliya Anjali

1. Don't call me!!Because I am heartless!!But please,I get an hurt,I am not an heartless!!2. I text you always;Because to talk with you:Not to get an one word answer...3. We ar...

Read Free

और ख़ामोशी बोल पड़ी (पुस्तक-समीक्षा ) By DrPranava Bharti

और ख़ामोशी बोल पड़ी (पुस्तक-समीक्षा ) ------------------------------------ ख़ामोशी मनुष्य-मन के भीतर हर पल चलती है ,कभी तीव्र गति से तो कभी रुक-रुककर लेकिन भीतर होती हर...

Read Free

कविता - ‘ माँ ‘ By प्रतिभा चौहान

माँ... तुम बिन बिन इह लोक, जगत मर्माहत सूने अंचल और इन्द्रधनुष प्रेम,त्याग,क्षमा,दया की धाराधैर्य,कुशलता,धर्मपरायण जीवन रहा तुम्हारा, इठलाती, बलखाती गुण तेरे ही गाती माँन पड़ता क...

Read Free

હું કવિતા એમની... By Hiralba Sisodiya

?નમસ્કાર મિત્રો હું હિરલબા તલાટીયા આપ સૌનિ સમક્ષ કવિતા લઈને આવી છુું. આશા રાખુ છું કે આપ સૌને પસંદ આવશે ???????????????????????????????????????????????????????એક તારો વરસાદ...

Read Free

ગઝલ સંગ્રહ - ભાગ - ૬ By Pratik Dangodara

જરૂર જણાય ત્યાંજ બોલવાનું,હદથી વધુ કદી નહિ ખોલવાનું.લડાઈ હમેશા પોતાની સાથે જ,ખુદને બીજાથી નહિ તોલવાનું.સ્વાભિમાન પોતાના મનમાં જ,બીજા સામે આમ નહિ ડોલવાનું.ચકાચી લે પારકા,પોતાના સૌને...

Read Free

कुछ अछांदस रचनाएं By DrPranava Bharti

(कुछ अछांदस रचनाएं) 1-हाँडी...

Read Free

एक लड़की By अर्चना यादव

लगता था मुझ सा कोई दुखी नहीं आज देखा जो अंदर उसके झाँककरतो उस सा दुखी कोई है ही नहीं...कोई मिला उसे भी उस घड़ीदुनिया थी एक तरफ और वो थी अकेलीमोड़ था कुछ अजीब तब और ज़िन्दगी बनी थी...

Read Free

महारथी कर्णःभाग-१-(विषय प्रवेश एवं गुरु परशुराम द्वारा कर्ण का अभिशापित होना।) By Manish Kumar Singh

कौन कर्ण सा दानवीर है,इस अम्बर,धरा, रसातल में।सदा पार्थ से श्रेष्ठ रहा,वह धनुष-बाण या भुजबल में।।मधुसूदन सारथी न होते, माया अपनी ना दिखलाते।तो पार्थ जैसेे योद्धा भी,रण उससे जीत नही...

Read Free

कविताएं By Kishanlal Sharma

दिनचर्या--------------जैसेहवा,पानी,खाना जरूरी हैऐसे ही जरूरत बन गया हैअखबारइसके बिनारहा नही जाातासुबह उठते हीगेट की तरफ नज़रे टिकी रहती हैंअखबार वाले के इन्तजार मेजब तक अखब...

Read Free

જીદ અને અહમ By Bharat

નમસ્કાર મિત્રો,,,માતૃભારતી એપ પર મેં એક પુસ્તક લખ્યું છે જેનો સારો એવો પ્રતિસાદ મળ્યો, જે લોકોએ મને અને મારી રચનાઓ ને પોતાનો બહું મુલ્ય સમય આપ્યો એ લોકોનો હું ખૂબ આભાર માનું છું,હવ...

Read Free

कुछ पंक्ति By Narendra Rajput

"पंछी" हे ईश्वर क्या हे हमारी जिंदगानी,जेल में खाना जेल में पानी,जैसे मिली हो सजा ए कालापानी। इंसान हमें कैद करके रखते है,वजह पूछो तो बताते है, हम तुम्हे बहोत चाहते है,अगर यह चाहत...

Read Free

फितरत इंसान की By Ajay Amitabh Suman

मानव के स्वभाव को दिखाती हुई पाँच कविताएँ1.फितरत इंसान कीइन्सान की ये फितरत है अच्छी खराब भी,दिल भी है दर्द भी है दाँत भी दिमाग भी ।खुद को पहचानने की फुर्सत नहीं मगर,दुनिया समझाने...

Read Free

सोबतीचे नाते  By VRUSHALI MAHAKAL

पार्ट १ कोणीतरी सोबती हा हवाच ? तो मानस जेव्हा एकत्र येतात तेव्हा म्हंटल जात , की ते सोबत आहेत आयुष्यात येणाऱ्या प्रत्येक वळणावर त्यांची पाऊल सोबत पडले तर ते सोबत आहे , जेव्हा त्...

Read Free

मेरे लफ्ज़ मेरी कहानी - 4 By Monika kakodia

मैं एक लेखिका हूँ इस नाते ये मेरा दायित्व है कि लोगों की सोच पर पड़ी हुई गर्द को अपने अल्फ़ाज़ से साफ कर दूँ , हो सकता है ये गर्द पूरे तरीके से ना गिरे पर यक़ीनन कुछ तो साफ जरूर नज़र आए...

Read Free

वीर शिरोमणिः महाराणा प्रताप।(भाग-(४) By Manish Kumar Singh

जब दिनकर नभ में आते हैं,तम का प्रभाव तब मिटता है।या दिख जाये जब केहरि तो, भेड़ों का दल कब टिकता है।।जग में प्रताप ने जन्म लिया, मुगलों का मान मिटाने को।आजादी की बलि वेदी पर, अपना स...

Read Free

કદર - હાથ નાં કર્યા હૈયે વાગ્યા By Shailesh Joshi

કદર આખી જીંદગી જાણે, એમનેમજ જીવાઈ ગઇ આ દુનિયામાં મારી, ક્યાંય જરાય કદર નાં થઈ માથે લીધુ આખી દુનિયાનું ભારણ, તોયે ક્યાંય પહોંચાયુ નહીં હમણ...

Read Free

मे और मेरे अह्सास - 14 By Dr Darshita Babubhai Shah

मे और मेरे अह्सास भाग -14 जाम पे जाम पीए जा रहे हैं lशाम का नाम लिए जा रहे हैं ll ******************************************* *शाम है जाम है और क्या चाहिये**काम है दाम है और क्या च...

Read Free

From bottom of heart - 6 By Jiya Vora

1.मेरे लब्ज़ से जुड़े वो अल्फाज हो तुम, मेरे दिल से जुड़ी वो बात हो तुम| तुम्हारे बिना अधूरी है मेरी सारी खुशी, क्योंकि मेरा हमसफ़र, हमराही, मेरे हमदर्द हो तुम| 2.Some of them asked...

Read Free

Straight from the heart.? By Ambaliya Anjali

1. I ignored so many people for one person,Now look at me,I am single...2. Every girl is a doll the only difference is,Some are Barbie,And some are Rapunzel...3. Dim lights,Soft so...

Read Free

लिख रहे वे नदी की अन्तर्कथाऐं, By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

गीात क्ृष्ण विहारी लाल पांडेय घाट पर बैठे हुए हैं जो सुरक्षित लिख रहे वे नदी की अन्तर्कथाऐं, आचमन तक के लिए उतरे नहीं जो...

Read Free

बेनाम शायरी - 2 By Er.Bhargav Joshi અડિયલ

"बेनाम शायरी"??? ?? ??? ?? ???एक जमाना था कि लोग अपनों पे जान छिड़कते थे।एक ज़माना है कि लोग अपनो की जान छिड़कते है।।??? ?? ??? ??...

Read Free

कविता By प्रतिभा चौहान

अधूरी कविताओं को अधूरी लालसाएं समझना…
जब सांस घुटती है बारुद के धुँएं में आवाजें कलेजा चीर देती हैं अपने खौफनाक रूप से सुनती है सेंध में चुपचाप सिसकियां तब मेरी कविता अधूरी...

Read Free

ایسنا By Dr Darshita Babubhai Shah

ایسنا جام پینے جا رہے ہیں۔ شام کا نام لیا جارہا ہے *********************** * شام جام ہے اور اس کی کیا ضرورت ہے * * کام کی قیمت ہے اور جس کی ضرورت ہے * *********************** نام ک...

Read Free

सीता: एक नारी - 7 - अंतिम भाग By Pratap Narayan Singh

सीता: एक नारी ॥ सप्तम सर्ग॥ निर्विघ्न सकुशल यज्ञ मर्यादा पुरुष का चल रहा किस प्राप्ति का है स्वप्न उनके हृदयतल में पल रहा ? अर्धांगिनी के स्थान पर अब तो सुशोभित मूर्ति है यह लोक-भी...

Read Free

कुछ ख्याल सुनोगे? By Gadhavi Prince

सब से पहले एक छोटिशी रचना पेश करता हूं।लडकिचाय के बागानों से निकलती खुशबू लगती हो;लडकी साडी पहना करो अच्छी लगती हो।आइने की नज़र ना लगे तुमको;क्या ईस लीये काली बिंदी करती हो।मेरे कान...

Read Free

Happiness - 8 By Dr Darshita Babubhai Shah

HAPPINESS PART-8 Warm nature comes to mind, Kindness is remembered. ************************************** Touch will save me from evil eye, So sure of my feelings Me. ************...

Read Free

કાવ્યસેતુ - 3 By Setu

અમદાવાદ અસલ અમદાવાદી મિજાજ, બોલીથી પકડાઈ જાય! ચીવટાઈ ભરેલી બોલી, એમાંય જલેબી જેવી મીઠાશ! જલસાભેર જીવતા અહીં હરેક લોક, જે જઈ આવે જે રાતે માણેકચોક, ભદ્રનાં મહાકાળી કરે રખેવાળી, ફરકણી...

Read Free

ऐ जिंदगी By Yakshita Patel

नमस्कार मित्रो... हिन्दीमे कविता लिखने का ये मेरा पहला प्रयास है, इसमे कई सारी कमिया हो सकती है, शब्दो की गलतियां भी हो सकती है। आप इसे पढ़कर अपने प्रतिभाव ओर सूचन दे जिससे आगे मे...

Read Free

मी आणि माझे अहसास - 2 By Dr Darshita Babubhai Shah

एस्ना जाम प्यायला जाणे. संध्याकाळचे नाव घेतले जात आहे. ************************* * संध्याकाळ जाम असते आणि काय आवश्यक आहे * * काम किंमत आहे आणि काय आवश्यक आहे * नाव काय आहे आणि मला...

Read Free

अर्धनिमिलिप्त By Er.Bhargav Joshi અડિયલ

"अर्धनिमिलिप्त"??? ?? ??? ?? ??? "राधिका"दुनिया के हर प्रेम का आधार राधिका।श्याम के जीवन का जनाधार राधिका।।आंसू...

Read Free

ग़ज़ल, कविता, शेर By Kota Rajdeep

प्रेम-जल बरशा बादल से, दरख़्त की हर पत्तियां सुनहरी हों चली हैं।अंगड़ाई लिए नई कोंपलें उठती हैं, जमीं कितनी ताज़ा हो चली हैं।___Rajdeep Kotaएक रोज़ शादाब शामों से दूर जाना होगा।ज़ि...

Read Free

میں اور میرا احسان By Dr Darshita Babubhai Shah

میں اور میرا احسان Me and my kindness مرد خود جانتے ہیں۔ یہ دنیا اسے پہچانتی ہے ************************************ کچھ بھی مضبوط ہونے سے شروع نہیں ہوتا ہے۔ فتح کی حوصلہ افزائی کی...

Read Free

માણસ By રોનક જોષી. રાહગીર

છે છેલ છબીલો રંગ રંગીલો જાતભાત નો માણસ. નાત જાત ના વાડામાં ઉલઝી ગયો છે, ક્યાંક ફરિયાદ કરે છે તો કરાવે છે ક્યાંક ફરી "યાદ". "હું" થી સાચી વાતમાં હુંકાર નથી ભરતો, પણ નાની નાની વાતમાં...

Read Free

હું અને મારા અહસાસ - 7 By Dr Darshita Babubhai Shah

હું અને મારા અહસાસ ભાગ-૭ લાયક બનો,નાયક નહીં ચાહત બનો,ચાહક નહીં. ************************************ લાગણી ની છત્રી ખોલીને નીકળ્યો છું,વાદળી ની દશા જોઈને નીકળ્યો છું. *************...

Read Free

મનોમંથન By Yakshita Patel

નમસ્કાર મિત્રો, મારી પ્રથમ રચના "સ્વાનુભવ" , દ્વિતીય રચના "શુભારંભ" , તૃતીય રચના નારીશક્તિ અને ત્યારપછી આવેલ "મનનું ખેડાણ"ને આપ સૌ તરફથી ખૂબ ખૂબ સારો પ્...

Read Free

Broken feeling with heart By Ambaliya Anjali

1. Don't call me!!Because I am heartless!!But please,I get an hurt,I am not an heartless!!2. I text you always;Because to talk with you:Not to get an one word answer...3. We ar...

Read Free

और ख़ामोशी बोल पड़ी (पुस्तक-समीक्षा ) By DrPranava Bharti

और ख़ामोशी बोल पड़ी (पुस्तक-समीक्षा ) ------------------------------------ ख़ामोशी मनुष्य-मन के भीतर हर पल चलती है ,कभी तीव्र गति से तो कभी रुक-रुककर लेकिन भीतर होती हर...

Read Free

कविता - ‘ माँ ‘ By प्रतिभा चौहान

माँ... तुम बिन बिन इह लोक, जगत मर्माहत सूने अंचल और इन्द्रधनुष प्रेम,त्याग,क्षमा,दया की धाराधैर्य,कुशलता,धर्मपरायण जीवन रहा तुम्हारा, इठलाती, बलखाती गुण तेरे ही गाती माँन पड़ता क...

Read Free

હું કવિતા એમની... By Hiralba Sisodiya

?નમસ્કાર મિત્રો હું હિરલબા તલાટીયા આપ સૌનિ સમક્ષ કવિતા લઈને આવી છુું. આશા રાખુ છું કે આપ સૌને પસંદ આવશે ???????????????????????????????????????????????????????એક તારો વરસાદ...

Read Free

ગઝલ સંગ્રહ - ભાગ - ૬ By Pratik Dangodara

જરૂર જણાય ત્યાંજ બોલવાનું,હદથી વધુ કદી નહિ ખોલવાનું.લડાઈ હમેશા પોતાની સાથે જ,ખુદને બીજાથી નહિ તોલવાનું.સ્વાભિમાન પોતાના મનમાં જ,બીજા સામે આમ નહિ ડોલવાનું.ચકાચી લે પારકા,પોતાના સૌને...

Read Free

कुछ अछांदस रचनाएं By DrPranava Bharti

(कुछ अछांदस रचनाएं) 1-हाँडी...

Read Free

एक लड़की By अर्चना यादव

लगता था मुझ सा कोई दुखी नहीं आज देखा जो अंदर उसके झाँककरतो उस सा दुखी कोई है ही नहीं...कोई मिला उसे भी उस घड़ीदुनिया थी एक तरफ और वो थी अकेलीमोड़ था कुछ अजीब तब और ज़िन्दगी बनी थी...

Read Free

महारथी कर्णःभाग-१-(विषय प्रवेश एवं गुरु परशुराम द्वारा कर्ण का अभिशापित होना।) By Manish Kumar Singh

कौन कर्ण सा दानवीर है,इस अम्बर,धरा, रसातल में।सदा पार्थ से श्रेष्ठ रहा,वह धनुष-बाण या भुजबल में।।मधुसूदन सारथी न होते, माया अपनी ना दिखलाते।तो पार्थ जैसेे योद्धा भी,रण उससे जीत नही...

Read Free

कविताएं By Kishanlal Sharma

दिनचर्या--------------जैसेहवा,पानी,खाना जरूरी हैऐसे ही जरूरत बन गया हैअखबारइसके बिनारहा नही जाातासुबह उठते हीगेट की तरफ नज़रे टिकी रहती हैंअखबार वाले के इन्तजार मेजब तक अखब...

Read Free

જીદ અને અહમ By Bharat

નમસ્કાર મિત્રો,,,માતૃભારતી એપ પર મેં એક પુસ્તક લખ્યું છે જેનો સારો એવો પ્રતિસાદ મળ્યો, જે લોકોએ મને અને મારી રચનાઓ ને પોતાનો બહું મુલ્ય સમય આપ્યો એ લોકોનો હું ખૂબ આભાર માનું છું,હવ...

Read Free

कुछ पंक्ति By Narendra Rajput

"पंछी" हे ईश्वर क्या हे हमारी जिंदगानी,जेल में खाना जेल में पानी,जैसे मिली हो सजा ए कालापानी। इंसान हमें कैद करके रखते है,वजह पूछो तो बताते है, हम तुम्हे बहोत चाहते है,अगर यह चाहत...

Read Free

फितरत इंसान की By Ajay Amitabh Suman

मानव के स्वभाव को दिखाती हुई पाँच कविताएँ1.फितरत इंसान कीइन्सान की ये फितरत है अच्छी खराब भी,दिल भी है दर्द भी है दाँत भी दिमाग भी ।खुद को पहचानने की फुर्सत नहीं मगर,दुनिया समझाने...

Read Free

सोबतीचे नाते  By VRUSHALI MAHAKAL

पार्ट १ कोणीतरी सोबती हा हवाच ? तो मानस जेव्हा एकत्र येतात तेव्हा म्हंटल जात , की ते सोबत आहेत आयुष्यात येणाऱ्या प्रत्येक वळणावर त्यांची पाऊल सोबत पडले तर ते सोबत आहे , जेव्हा त्...

Read Free

मेरे लफ्ज़ मेरी कहानी - 4 By Monika kakodia

मैं एक लेखिका हूँ इस नाते ये मेरा दायित्व है कि लोगों की सोच पर पड़ी हुई गर्द को अपने अल्फ़ाज़ से साफ कर दूँ , हो सकता है ये गर्द पूरे तरीके से ना गिरे पर यक़ीनन कुछ तो साफ जरूर नज़र आए...

Read Free

वीर शिरोमणिः महाराणा प्रताप।(भाग-(४) By Manish Kumar Singh

जब दिनकर नभ में आते हैं,तम का प्रभाव तब मिटता है।या दिख जाये जब केहरि तो, भेड़ों का दल कब टिकता है।।जग में प्रताप ने जन्म लिया, मुगलों का मान मिटाने को।आजादी की बलि वेदी पर, अपना स...

Read Free

કદર - હાથ નાં કર્યા હૈયે વાગ્યા By Shailesh Joshi

કદર આખી જીંદગી જાણે, એમનેમજ જીવાઈ ગઇ આ દુનિયામાં મારી, ક્યાંય જરાય કદર નાં થઈ માથે લીધુ આખી દુનિયાનું ભારણ, તોયે ક્યાંય પહોંચાયુ નહીં હમણ...

Read Free