Best social stories in English, Hindi, Gujarati and Marathi Language

उर्वशी - 4
by ज्योत्सना कपिल

उर्वशी ज्योत्स्ना ‘ कपिल ‘ 4 वह ही है मूर्ख, जो बिन सोचे समझे जाने क्या क्या कल्पना कर रही है। उन्होंने कब उसके साथ प्रेम की पींगें बढ़ाई ...

BOYS school WASHROOM-2
by Akash Saxena

पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे स्कूल बस में कुछ लड़के विहान को परेशान करने लगते हैं और विहान अपने बड़े भाई यश को आवाज़ लगा देता है,अब ...

जननम - 5
by S Bhagyam Sharma

जननम अध्याय 5 आनंद को उन्हें सहलाने की भावना तीव्रता से उठी। उनके हाथ को पकड़ कर हाथ हिलाने की इच्छा हुई कि बहुत धन्यवाद बोले ऐसा लगा। वह ...

મેલું પછેડું - ભાગ ૨
by Shital

                      ‘હાઉ ડેર યુ ટુ ટોક લાઇક ધીસ , આઇ એમ નોટ યોર વાઇફ ઓર સવૅન્ટ ડેમીટ ઇફ યુ ...

बिगुल
by Deepak sharma
  • 83

बिगुल “तुम्हें घोर अभ्यास करना होगा”, बाबा ने कहा, “वह कोई स्कूली बच्चों का कार्यक्रम नहीं जो तुम्हारी फप्फुप फप्फुप को वे संगीत मान लेंगे...” जनवरी के उन दिनों ...

आधा आदमी - 16
by Rajesh Malik
  • 73

आधा आदमी अध्‍याय-16 ‘‘पर यह सब हुआ कब?‘‘ ‘‘कल रात.‘‘ ‘‘माई कहाँ है?‘‘ ‘‘वही गई हैं.‘‘ ‘‘तो ठीक हैं भाईजान, मै बाद में आता हूँ.‘‘ कहकर ज्ञानदीप ने सेलफोन ...

महामाया - 22
by Sunil Chaturvedi
  • 65

महामाया सुनील चतुर्वेदी अध्याय – बाईस संत निवास में गद्दे पर लंबे पैर कर दीवार से सिर टिकाये निर्मला माई बैठी थी। नीचे कालीन पर आलथी-पालथी लगाये जग्गा बैठा ...

અંતિમ વળાંક - 25 - છેલ્લો ભાગ
by Prafull Kanabar
  • (22)
  • 534

અંતિમ વળાંક પ્રકરણ ૨૫ “તમે તો ભોળા જ રહ્યા.. બે દિવસ પહેલાં આપણે જ તો ફોનમાં ઈશાનને ત્રણ છોકરીઓના બાયોડેટાની વાત નહોતી કરી ? બની શકે કે ઈશાનની ઈચ્છા ...

चूड़ियां
by Vandana Bajpai
  • 251

चूड़ियां न जाने क्यों आज उसका चेहरा आँखों के आगे से हट नहीं रहा है,चाहे कितना भी मन बटाने के लिए अपने को अन्य कामों में व्यस्त कर लूँ, या टी वी ...

NOBODY LIGHTS A CANDLE - 35
by Anjali Deshpande
  • 30

NOBODY LIGHTS A CANDLE Anjali Deshpande 35 “And you say Udairaj came here? When?” “They had just got out of the gate when he arrived. I was going in ...

गवाक्ष - 1
by Pranava Bharti
  • 55

गवाक्ष बसंत पंचमी दिनांक-12/2/2016 (नमस्कार मित्रो ! यह उपन्यास ‘गवाक्ष’ एक फ़िक्शन है जिसे फ़िल्म के लिए तैयार किया जा रहा था किन्तु इसके प्रेरणास्त्रोत 'स्व. इंद्र स्वरूप माथुर' ...

होने से न होने तक - 37
by Sumati Saxena Lal
  • 113

होने से न होने तक 37. मीनाक्षी पटोला की गाढ़े लाल रंग की साड़ी पहन कर आयी थी। बहुत सुंदर और बहुत ख़ुश लग रही थी। लाल रंग उस ...

आईना मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगे
by Nidhi Agrawal
  • 47

आईना मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगेनिधि अग्रवाल पद्मा ने उकता कर बैकस्टेज की झिरी से हाल में झाँका। तिल रखने की जगह शेष न थी। शहर के गणमान्य ...

विदा रात - 3
by किशनलाल शर्मा
  • 164

तब बरखा को एहसास होने लगा कि मात्र भावात्मक लगाव उसकी बने रहने में सहायक नही हो सकता।शारीरिक इच्छा की पूर्ति भी ज़रूरी है।इस इच्छा को पति ही पूरी ...

યોગ-વિયોગ - 16
by Kaajal Oza Vaidya
  • (137)
  • 3.2k

યોગ-વિયોગ કાજલ ઓઝા વૈદ્ય પ્રકરણ -૧૬ ‘‘આજે પૂજામાં જરા વધારે વાર લાગી ગઈ નહીં?’’ વસુમાએ કહ્યું અને જવાબની રાહ જોયા વિના જ પોર્ચમાં ઊભેલી ગાડી તરફ ચાલવા માંડ્યું. વસુમાની ...

भूख में भी स्वाद की तलाश
by Mita Das
  • 365

भूख में भी स्वाद की तलाश मीता दास मुंबई - हावड़ा मेल जब एक बजे दोपहर को रेलवे प्लेटफार्म पर रुकी, एकाएक भगदड़ मच गई | जून माह का ...

समर्पण
by rajendra shrivastava
  • 228

कहानी समर्पण                               राजेन्‍द्र कुमार श्रीवास्‍तव,                   ऐयर बैग अपने कन्‍धे पर टॉंगकर स्‍टेशन से निकलते ही मैंने सोचा चार साल बाद कौशल्‍या की ससुराल जाकर ...

केसरिया बालम - 4
by Hansa Deep
  • 183

केसरिया बालम डॉ. हंसा दीप 4 इन्द्रधनुषी रंग सगाई के बाद से शादी तक के वे दिन इतने चुलबुले, इतने बेताब करने वाले थे कि लगता युगों-युगों से जानती ...

बडी प्रतिमा - 7
by Sudha Trivedi
  • 89

बडी प्रतिमा (7.) इस घटना के तीसरे रोज की बात है। शाम हो आई थी। अभी घर गई लडकियां लौटी नहीं थीं। दो-चार लडकियां ही हाॅस्टल में इधर उधर ...

खोटा सिक्का
by Dr Narendra Shukl
  • 174

‘....ऑटो !‘ बस से उतरकर , कंधे पर लटके बैग को संभालते हुये बस अडडे के सामने , चैराहे पर खड़े ऑटोवाले को मैंने हाथ के इशारे से बुलाया ...

ખૂની બહેનપણી
by Sharad Trivedi
  • (19)
  • 438

રાત્રિના બાર વાગી ગયા હતા.વાંચીને તમે સુવાની તૈયારીમાં હતા.તમારી રૂમ-પાર્ટનર રીટા તો અગિયાર વાગ્યે સૂઈ ગઈ હતી.અચાનક તમારા રૂમનો દરવાજો કોઈકે ખખડાવ્યો.રાત્રે બાર વાગ્યે હોસ્ટેલમાં રૂમ નો દરવાજો ખખડે ...

अपराध कुणाचा, शिक्षा कुणाला? - 3
by Nagesh S Shewalkar
  • 236

(३) अपराध कुणाचा, शिक्षा कुणाला?          त्यानंतरच्या आठ दहा दिवसांची गोष्ट. वामनरावांच्या घरातील वातावरण पूर्ण नाही पण काही प्रमाणात सुधारले होते. गप्पाष्टके रंगत नसली, हसणे बागडणे ...

અનામિકા
by Anil parmar
  • (16)
  • 998

કોઈ નાનકડું બાળક જેમ માં ના આંચળમાં મોઢું છુપાવિ દે એમ જ એને તેણી ના આંચળ માં પોતનું માથું છુપાવી દીધું..તેણી ધીમે ધીમે રવિન નું માથું સેહલાવવા લાગી..ધીરે ધીરે ...

क्षत्रिय प्रेम (युद्धात आणि प्रेमात सगळं माफ असतं) - 1
by Dadoji Kurale
  • 215

   (सदरची कथा हि पूर्णपणे काल्पनिक आहे.)                             भाग : पहिला           आजपर्यंत भारताच्या या पवित्र भूमीवर असंख्य युद्धे झाली. प्रत्येक युद्धाची कारणं वेगवेळी होती. कुणाला आपलं साम्राज्य वाढवायचं ...

मकान
by Lovelesh Dutt
  • 479

“अरे...ठाकुरदास...ओ ठाकुरदास...” अन्दर आते हुए डाकिये की आवाज़ ने अमरावती को असहज कर दिया। उसने पास बैठी अपनी दस वर्षीया बेटी कीर्ति को संबोधित करते हुए उत्तर दिया, “जा...डाकिया ...

आधी दुनिया का पूरा सच - 11
by Dr kavita Tyagi
  • 229

आधी दुनिया का पूरा सच (उपन्यास) 11. रानी आशंकित और भयभीत तो पहले से ही थी, पाँच सितारा होटल के ऊँचे शानदार भवन को देखकर उसके कदम ठिठककर वहीं ...

રાઈટ એંગલ - 43
by Kamini Sanghavi
  • (26)
  • 528

રાઈટ એંગલ પ્રકરણ–૪૩ ‘વ્હોટ?‘ ધ્યેય અવાચક બનીને કશિશ સામે જોઈ રહ્યોં, ‘હા...મારે કેસ પાછો ખેંચવો છે.‘ કશિશ એક એક અક્ષર છૂટો પાડીને બોલી, ‘કિશુ, આપણે જીતી જઇશુ...તારે ન્યાય જોતો ...

आजारांचं फॅशन - 16
by Prashant Kedare
  • 104

“तुम्हाला असं का वाटतं मनोचिकित्सक डॉक्टर हे वेड्यांचे डॉक्टर असतात, आपण ज्या जगात जगतो आणि आपली सध्याची जी जीवन शैली आहे त्या मुळे स्ट्रेस, डिप्रेशन, निद्रानाश, वैगेरे, वैगेरे असे ...

સેતુ - કુદરત નો એક અદ્દભુત ચમત્કાર - 10
by Shailesh Joshi
  • 230

                              ભાગ - 10અમે અમારી બધી આપવીતી મારા પતિના, ડૉક્ટરમિત્રને જણાવી, પરંતું આગળ જણાવ્યું તેમ ...

बीच समंदर मिट्टी है!!
by Anagh Sharma
  • 631

बीच समंदर मिट्टी है!! मुल्क 1: यमन शहर: सना ठहाके लगाती रात, हँसती हुई रात तो इस शहर के आसमान से कब की जा चुकी थी। ऐसी रात जो शादी ...