प्रेम न हाट बिकाय - भाग 34

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34  -----       बड़े जीजा जी जैसा मज़ेदार इंसान ! कोई शादी-ब्याह ऐसा न होता जिसमें जीजा जी कोई ऐसी शरारत न करते जो सबको चौंका दे | शीनोदा को उसके दोस्तों से झाड़ पर चढ़वाने का काम जीजा जी ही कर सकते थे | कर दिया जी, उस बेचारे को क्या मालूम ये सब मज़ाक हो रहा था | अड़ गया वह --- “इज़ इट --?”उसने जीजा जी की ओर मुँह घुमाकर बड़े गंभीर अंदाज़ में पूछा|  “ओ ! यस ---” जीजा जी ने बड़े गंभीर अंदाज़ में उत्तर दिया और मुँह पीछे घुमाकर उसके दोस्तों की तरफ