Ghost hunter रात के 2:17 बजे दिल्ली के बाहरी इलाके में एक छोटा-सा ऑफिस बाहर से देखने पर बिल्कुल साधारण, लेकिन अंदर का माहौल अलग ही था। दीवारों पर अजीब-सी मशीनें, वायरिंग, EMF मीटर, कैमरे और एक बड़ा-सा बोर्ड जिस पर लिखा था—“Ghost Hunters – Don’t Believe, only Verify.”कमरे के अंदर तीन लोग बैठे थेआरव – टीम लीडर, शांत दिमाग, कम बोलने वाला।कबीर – टेक एक्सपर्ट, हर चीज़ को मजाक में लेने वाला।मीरा – साइकिक, जो चीज़ें बाकी लोग महसूस भी नहीं कर सकते वो देख सकती थी।
Ghost hunters - 1
Ghost hunterरात के 2:17 बजे दिल्ली के बाहरी इलाके में एक छोटा-सा ऑफिस बाहर से देखने पर बिल्कुल साधारण, अंदर का माहौल अलग ही था। दीवारों पर अजीब-सी मशीनें, वायरिंग, EMF मीटर, कैमरे और एक बड़ा-सा बोर्ड जिस पर लिखा था—“Ghost Hunters – Don’t Believe, only Verify.”कमरे के अंदर तीन लोग बैठे थेआरव – टीम लीडर, शांत दिमाग, कम बोलने वाला।कबीर – टेक एक्सपर्ट, हर चीज़ को मजाक में लेने वाला।मीरा – साइकिक, जो चीज़ें बाकी लोग महसूस भी नहीं कर सकते वो देख सकती थी।टेबल ...Read More
Ghost hunters - 2
कमरा पूरी तरह अंधेरे में डूब चुका था ना कोई आवाज ना कोई हलचलसिर्फ एक चीज़ सुनाई दे रही की साँसें जो तीनों में से किसी की भी नहीं थीकबीर की आवाज सबसे पहले आई—“अगर ये मजाक है तो मैं बता दूँ मुझे बिल्कुल मजाक पसंद नहीं हैकोई जवाब नही फिर अचानक उसकी जेब में रखा EMF मीटर खुद-ब-खुद ऑन हो गयाबीप… बीप… बीप..और अगले ही पल एक ठंडी फुसफुसाहट उसके कान के बिल्कुल पास—“तुम सच में सबसे कमजोर हो”कबीर का गला सूख गया—“आरव मीरा कोई है?”अंधेरे में, मीरा जमीन पर बैठी थी उसकी आँखों से खून की पतली ...Read More
Ghost hunters - 3
भाग-3कमरा बिल्कुल स्थिर हो चुका था जैसे समय खुद रुक गया हो कबीर अब भी हवा में लटका हुआ लेकिन उसका शरीर freeze हो गया था मीरा उस entity के सामने खड़ी थी आँखें पूरी तरह काली और आरव खून से बना हुआ circle पूरा कर चुका थाअचानक एक क्रैक की आवाज आई जैसे काँच टूटता हैऔर अगले ही पल सब कुछ फिर से चलने लगाकबीर जोर से जमीन पर गिरता है“आह्ह!! भाई, अगली बार मुझे पहले बता देना मैं खुद ही कूद जाता”लेकिन आरव का ध्यान कहीं और था वो मीरा को देख रहा ...Read More
Ghost hunters - 4
भाग - 4धीरे-धीरे आवाज़ें वापस आने लगीं पहले एक हल्की सीटी जैसी गूंज फिर टूटती लकड़ियों की आवाज और के खांसने कीकबीर ने आँखें खोलीं चारों तरफ धुआँ था दीवारें आधी टूट चुकी थीं“अगर ये स्वर्ग है तो maintenance बहुत खराब है”उसने उठने की कोशिश की—“आह… नहीं ये definitely स्वर्ग नहीं है”थोड़ा आगे उसे आरव दिखा वो जमीन पर पड़ा था… बिल्कुल हिल नहीं रहा था।कबीर घबराया—“आरव! ओए उठ! आरव तुम हमें ऐसे छोड़ कर नहीं जा सकते”कबीर ने उसका pulse check किया धीमा लेकिन था “ठीक है तू अभी मरा नहीं है लेकिन अगर जल्दी नहीं उठा ...Read More
Ghost hunters - 5
कमरे में सन्नाटा नहीं था वो साँस ले रहा था दीवारें फर्श हवासब कुछ जैसे जिंदा हो आरव और दरवाज़े के अंदर खड़े थेउनके सामने मीरा या जो भी अब मीरा थीफ्लैशलाइट फिर से जली इस बार चेहरा साफ दिखाआधा वही मीरा डरी हुई कमजोर मदद माँगती हुई और आधा काला सूखा जैसे किसी ने उसकी त्वचा के नीचे अंधेरा भर दिया होकबीर ने धीरे से कहा— मैं suggest करता हूँ… हम politely exit ले लेंआरव ने कदम आगे बढ़ाया— मीरा मेरी तरफ देखमीरा का इंसानी हिस्सा काँपा— आ…रव… जाओलेकिन उसी पल उसका दूसरा हिस्सा हँसा—“अब भागने का option ...Read More
Ghost hunters - 6
भाग -6रुक!!! कबीर की आवाज कमरे में गूँज गई आरव का हाथ हवा में ही रुक गया blade बस इंच दूर थाकबीर अचानक बनावटी दुखी चेहरा बनाकर आगे बढ़ा—“रुक जा आरव मुझे मीरा से आखिरी बार कुछ बात करनी है”आरव गुस्से में— कबीर! ये मजाक का टाइम नहीं है!लेकिन कबीर उसकी बात ignore करके मीरा के सामने खड़ा हो गयाकबीर ने गहरी साँस ली और बोलना शुरू किया— बेचारी का ये हाल देखा नहीं जा रहा है वैसे तो ये पहले भी खड़ुस थी लेकिन जैसे ...Read More
Ghost hunters - 7
सीढ़ियों के नीचे से आती आवाज अब साफ थी धीमी, भारी और इस बार एक नहीं कई कमरे की फिर से ठंडी हो गई मीरा मुश्किल से उठी अभी भी कमजोर थीमीरा - वो वापस आ गया है लेकिन इस बार अकेला नहीं हैकबीर - हाँ, मुझे भी feel आ रहा है जैसे free में family pack मिल गया होआरव की नजर दरवाज़े पर थीआरव - हम तीनों ये अकेले handle नहीं कर पाएंगेकबीर - finally… तूने मान लियाआरव ने जेब से एक पुराना-सा device निकाला उस पर एक ही बटन था कबीर ने देखा और उसका चेहरा serious ...Read More
Ghost hunters - 8
कमरा जैसे सांस रोककर खड़ा था मीरा छत के बिल्कुल पास थी उसका शरीर कांप रहा था आँखें पूरी आरव उसकी तरफ देख रहा था।लीडर - 3कबीर - भाई जल्दी decide कर!लीडर - 2…मीरा (टूटी हुई आवाज में) - आरव…लीडर - 1—आरव - अब!अचानक, मीरा का शरीर हवा से छूटा और वो तेजी से नीचे गिरने लगी।कबीर - ओए!!!लेकिन गिरने से एक सेकंड पहले आरव ने अपनी जगह नहीं छोड़ी बल्कि उसने जमीन पर बना अपना खून वाला symbol activate कियामीरा जमीन से टकराने ही वाली थी कि अचानक symbol से एक faint red energy निकली और उसके गिरने ...Read More
Ghost hunters - 9
भाग - 9पंद्रह दिन बीत चुके थे पिछला केस खत्म हो चुका था लेकिन उसका असर अभी भी टीम चेहरों पर थालेकिन ये कहानी वहाँ से नहीं शुरू होती।ये शुरू होती है एक छोटे से गाँव सेसूरज अभी पूरी तरह निकला नहीं था हल्की-हल्की धुंध खेतों पर तैर रही थी और उसी गाँव के बीच एक पक्का घरबाकी कच्चे घरों के बीच थोड़ा अलगघर के अंदर रोहित अपने कमरे में खड़ा था रेलवे की यूनिफॉर्म पहनते हुए करीब 42 साल का disciplined कम ...Read More
Ghost hunters - 10
गाँव में सब कुछ पहले जैसा ही चल रहा था सुबह खेतों में लोग काम पर निकल जाते, दोपहर गलियाँ खाली हो जातीं और शाम होते-होते चाय की दुकानों पर भीड़ लगने लगती। रोहित का परिवार भी अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में व्यस्त था।उस दिन रोहित की ड्यूटी थोड़ी लंबी चली थी रेलवे स्टेशन पर inspection आने वाला था इसलिए पूरे स्टाफ पर दबाव था। शाम तक लगातार काम करते-करते उसका सिर भारी हो चुका था।स्टेशन के बाहर निकलते समय उसका एक साथी उसके पास आया।सुरेश- रोहित भाई, आज फिर उसी रास्ते से जाओगे क्या?रोहित- और कौन सा रास्ता ...Read More
Ghost hunters - 11
भाग - 11निशा का हाथ कुंडी पर ही रुक गया उसकी नजर दरवाजे के नीचे दिख रहे पैरों पर गई गीली मिट्टी और एड़ियाँ सामने की तरफ कुछ सेकंड के लिए उसके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया।बाहर फिर वही आवाज आईरोहित- निशा.. दरवाज़ा खोलोआवाज़ बिल्कुल वही थी वही ठहराव… वही लहजा लेकिन अब निशा को यकीन हो चुका था कि बाहर जो भी है वो उसके पिता नहीं हैं उसने धीरे से हाथ पीछे खींच लियाउसकी सांसें तेज हो गईं, लेकिन उसने खुद को ...Read More
Ghost hunters - 12
निशा कुछ पल चुप रही फिर उसने धीरे से कहानिशा- मुझे मदद चाहिएदूसरी तरफ कुछ सेकंड की खामोशी रही वही सीधी आवाजआरव- क्या हो रहा है?निशा ने गहरी सांस लीनिशा- हमारे घर में कुछ हैइस बार जवाब तुरंत आयाआरव- address भेजोकॉल कट हो गई, निशा ने फोन नीचे रखा उसके चेहरे पर डर अब भी था लेकिन पहली बार उसे लगा कि अब वह अकेली नहीं है उसी समय घर के बाहर, अंधेरे मेंकोई खड़ा था वही आकृति, वही साया धीरे-धीरे उसने सिर उठाया और घर की तरफ देखने लगा।अगली सुबह गाँव पहले की तरह ही जागा, लेकिन इस ...Read More
Ghost hunters - 13
शाम धीरे-धीरे रात में बदल रही थी घर के बाहर अंधेरा गहराने लगा था और अंदर एक अजीब-सी खामोशी गई थी इस बार कोई भी इसे सामान्य नहीं मान रहा थाआरव ने हॉल के बीच में खड़े होकर पूरे घर को देखा उसकी नजरें हर कोने को नाप रही थीं, जैसे वह किसी पैटर्न को समझने की कोशिश कर रहा हो।आरव- सब लोग एक ही जगह रहेंगे कोई अकेला नहीं जाएगा रितिका ने तुरंत सिर हिलाया आर्यन पहली बार पूरी तरह चुप था मीरा आँगन के किनारे खड़ी थी उसकी आँखें बंद थीं, जैसे वह किसी हल्की-सी तरंग को ...Read More
Ghost hunters - 14
कुछ भी सामान्य नहीं था पैर उल्टी दिशा में मुड़े हुए और शरीर जैसे आधा ठोस, आधा धुआँकबीर - अब आया न दोस्त , क्या दोस्त खाएगा गोस्त कोई भी हिल नहीं रहा था आरव एक कदम आगे बढ़ाकबीर ने तुरंत अपने device की settings बढ़ा दीकबीर- field stable है लेकिन ज्यादा देर नहीं रोक पाएगामीरा की नजर उस आकृति पर टिकी थीमीरा- ये पूरी तरह यहाँ नहीं है आधी उर्जा बाहर हैं आधी अंदर।फिर वही आवाज गूंजी“वापस चल”इस बार साफ था ये आवाज रोहित के लिए थी रोहित के पैर जैसे जमीन में जड़ गए थे उसकी सांसें ...Read More