Ghost hunters - 5 in Hindi Horror Stories by Rishav raj books and stories PDF | Ghost hunters - 5

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Ghost hunters - 5



कमरे में सन्नाटा नहीं था वो साँस ले रहा था दीवारें फर्श हवा
सब कुछ जैसे जिंदा हो आरव और कबीर दरवाज़े के अंदर खड़े थे

उनके सामने मीरा या जो भी अब मीरा थी


फ्लैशलाइट फिर से जली इस बार चेहरा साफ दिखा
आधा वही मीरा डरी हुई कमजोर मदद माँगती हुई और आधा काला सूखा जैसे किसी ने उसकी त्वचा के नीचे अंधेरा भर दिया हो

कबीर ने धीरे से कहा— मैं suggest करता हूँ… हम politely exit ले लें

आरव ने कदम आगे बढ़ाया— मीरा मेरी तरफ देख

मीरा का इंसानी हिस्सा काँपा— आ…रव… जाओ

लेकिन उसी पल उसका दूसरा हिस्सा हँसा—

“अब भागने का option नहीं है”



कबीर ने दीवार पर लिखा देखा— ONE LEFT

वो बुदबुदाया— तीन लोग आए थे एक already गया एक ये बन गई

धीरे-धीरे उसका चेहरा उतर गया— मतलब… one left



आरव ने गहरी सांस ली— तो ये मुझे चाहता है

मीरा (entity की आवाज में)— तुम सबसे useful हो

कबीर— वाह… मुझे तो सीधे reject कर दिया, लेकिन एक बात बात दूं मेरा खुश बहुत मिठा है बहुत मच्छर काटते रहते हैं 

आरव— कबीर ध्यान से सुन ये हम तीनों को तोड़ना चाहता है एक-एक करके लेकिन अगर हम pattern समझ लें

कबीर— तो?

आरव— तो हम इसे trap कर सकते हैं



आरव ने धीरे-धीरे अपने बैग से एक छोटा device निकाला

कबीर की आँखें फैल गईं— ये ये तो हमने use ही नहीं किया कभी

आरव— क्योंकि ये incomplete था

कबीर— और अब complete हो गया?

आरव😏— नहीं लेकिन हमारे पास option भी नहीं है



मीरा जमीन पर गिर गई उसका शरीर uncontrollably कांप रहा था

मीरा - आरव प्लीज मुझे मत छोड़ना

आरव की आवाज नरम हुई— मैं यहाँ हूँ

entity चीखी— ये अब तुम्हारी नहीं है!!

मीरा अचानक उठी और तेज़ी से आरव की तरफ दौड़ी

कबीर चिल्लाया- अबे कुछ कर!!

आरव ने device ऑन किया— Click.

एक circular pulse निकली और जैसे ही मीरा उस दायरे में आई वो हवा में freeze हो गई आधा उसका चेहरा दर्द में था आधा गुस्से में

entity की आवाज गूँजी— तुम सोचते हो ये trap है?

आरव— नहीं ये test है तू bodies बदलता है… लेकिन rules follow करता है

कबीर— ओह मतलब ये भी सरकारी सिस्टम जैसा है?

आरव— इसे survive करने के लिए एक anchor चाहिए और अभी के लिए वो मीरा है




कबीर को समझ आ गया उसने धीरे से कहा
“मतलब अगर anchor खत्म”

आरव— तो ये भी खत्म

कबीर— और मीरा?

सन्नाटा मीरा की आँखों से आँसू बह रहे थे— कर दो

आरव— मैं नहीं कर सकता

मीरा— अगर तुमने नहीं किया तो ये तुम्हें ले लेगा फिर और लोगों को मैं already जा चुकी हूँ

entity हँसी— देखा? इंसान खुद ही surrender कर देता है



आरव के हाथ में वो blade था जिससे ritual शुरू हुआ था उसके सामने मीरा जो अब भी लड़ रही थी।

पीछे— कबीर जो कुछ नहीं कर पा रहा था

और चारों तरफ वो अंधेरा जो इंतज़ार कर रहा था आरव ने धीरे-धीरे blade उठाया उसकी आँखों में आँसू थे

“अगर यही रास्ता है”

मीरा ने आँखें बंद कर लीं— जल्दी करो

और जैसे ही आरव ने वार करने के लिए हाथ आगे बढ़ाया

अचानक…

कबीर चिल्लाया— रुक!!!






कबीर ने क्यों रोका? क्या कोई और तरीका है? क्या मीरा बच सकती है या sacrifice तय है? और सबसे बड़ा twist क्या असली target हमेशा से आरव ही था?