सीप का मोती.

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कई सालों से मैं एक सपना देख रहा हूं, जहां सामने नीला पानी और किनारे पर फैली सुनहरी रेत... फिर एक पांव दिखता था सपने में ,जो हमेशा आधा पानी में होता और आधा किनारे पर । उस पांव की वह गोरी गुलाबी सी एड़ी... और उस एड़ी में एक नाज़ुक सी चांदी की पायल, जो उन लहरों पर तैरती हुई सी दिखती। फिर अचानक पानी की एक लहर आती, पांव को भिगोती हुई ऊपर चढ़ती, और जैसे ही वो लहर पीछे हटती तो सूरज की पहली किरण की तरह वह एड़ी निखर उठती, और वह लहर उन गोरे तलवों के नीचे से रेत खींच ले जाती।

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सीप का मोती - 1

भाग १कई सालों से मैं एक सपना देख रहा हूं, जहां सामने नीला पानी और किनारे पर फैली सुनहरी फिर एक पांव दिखता था सपने में ,जो हमेशा आधा पानी में होता और आधा किनारे पर । उस पांव की वह गोरी गुलाबी सी एड़ी... और उस एड़ी में एक नाज़ुक सी चांदी की पायल, जो उन लहरों पर तैरती हुई सी दिखती। फिर अचानक पानी की एक लहर आती, पांव को भिगोती हुई ऊपर चढ़ती, और जैसे ही वो लहर पीछे हटती तो सूरज की पहली किरण की तरह वह एड़ी निखर उठती, और वह लहर उन गोरे ...Read More

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सीप का मोती - 2

भाग २सुनी को दोस्ती करने की आदत ही थी। वह जगत मित्र थी। उसकी बहुत सी सहेलियां थीं, और उन सब के बीच ऐसे रहती थी जैसे वह सबकी लीडर हो। सारी सहेलियां सुनी के पीछे -पीछे घूमा करती थीं। ये वो दौर था जब किसी लड़की का कोई दोस्त हो यह अपवाद ही होता था , और मैं सुनी के जीवन का वो अपवाद था। वह मेरे साथ उतनी ही फ्री रहती थी जितनी अपनी सहलियों के साथ रहती थी। इसका कारण जो मुझे लगता था वह... मैं उसकी हर बात मानता था। अपना दिमाग खुद के लिए ...Read More

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सीप का मोती - 3

भाग ३राम: रामौ रामा: प्रथमारामन रामौ रामान द्वितीया...इस तरह से हमारा संस्कृत अध्ययन शुरू हुआ। वो सुभाषित याद करना, चलना, आत्मनेपद, परस्मैपद, उभय पद इन सब के बीच के अंतर, उस भाषा का व्याकरण बारीक नक्षीदार गहने की बनावट की तरह ही क्लिष्ट था। जहां उस किताब को पढ़ना भी जीभ की अच्छी खासी कसरत थी, वहां ये सब याद करना मतलब दिमाग का दही करना, और संस्कृत जैसे विषय को रटने के अलावा कोई पर्याय नहीं था, यह भी पता था। शौक किस तरह धीरे-धीरे मानसिक तनाव में बदलता है इसका मुझे पहली बार ही अनुभव हुआ था। ...Read More

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सीप का मोती - 4

भाग ४" अगर दोबारा ऐसी हरकत हुई तो हमें सख्त कार्रवाई करनी पड़ेगी। एक होशियार और गुणवान लड़की के में पहचान है आपकी लड़की की। उससे इस तरह की हरकत की उम्मीद नही है ।उस लडके की मम्मी पापा को हमने जो कुछ भी हुआ वह प्रकरण ठीक तरह से बताया ही है, पर आप लोग सुनी को भी समझाये दोबारा माफी नही मिलेगी।" प्रिन्सिपल के ऑफिस मे मेरे पापा और सुनी के पापा हमारे सामने खडे होकर प्रिन्सिपल की डाट खा रहे थे।पहली बार ही उसकी शिकायत सुनने के लिए उसके पापा को बुलाया गया था, क्योंकि सुनी ...Read More

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सीप का मोती - 5

भाग ५"सुनेत्रा"ट्युशन से आते समय पीछे से एक लडके का आवाज आया। सुनीऔर मै पलटे मुझे विश्वास ही नही रहा था। वह लडका सचिन था।" हां...??" सुनी का इतना ही उत्तर निकला"थोड़ा काम था।" वह बोला। मुझे पूरी तरह से इग्नोर करते हुए पूरी तरह उसकी तरफ ध्यान देते हुए बोला ।"मुझसे...?? क्या...।" सुनी ने शांत स्वर में पूछा"तुम संस्कृत की ट्यूशन जाती हो ना...?? मुझे नहीं जाते आएगा। काम ही इतने होते हैं घर में...तो मुझे संडे को पढ़ने के लिए तुम्हारी क्लास की कॉपी दोगी क्या..?? बाकी किसी की भी ले सकता था, पर तुम क्लास में ...Read More