Mazdoor Bazar by Rajesh Kumar Dubey in Hindi Short Stories PDF

मजदूर बाजार

by Rajesh Kumar Dubey in Hindi Short Stories

भीड़ में हलचल मच गई। सोनेलाल जब भी आता है, सब उसे जिज्ञासा से देखने लगते हैं। मंजरी चहक गई। सुरती ने चुटकी लेते हुए कहा, “देख तेरा यार आ गया” मंजरी ने झिडकते हुए कहा- हट ! तुझे ...Read More