Dastane Ashq - 15 by SABIRKHAN in Hindi Classic Stories PDF

दास्तान-ए-अश्क - 15

by SABIRKHAN Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

"चल्ल बुल्लिया.. चल उथ्थे चल्लिये.. जिथ्थे सारे अन्ने.. ना कोई साड्डी जात पहचाने... ना कोई सान्नु मन्ने.. ( पंजाब के एक मशहूर कवि कहते हैं "चल रे बलमा हम ऐसी जगह पर चले जाते हैं जहां सारे लोग अंधे ...Read More