कहानी "आसपास से गुजरते हुए" में अनु की सुबह की शुरुआत होती है, जब उसके पिता अप्पा उसे उठाते हैं और वॉक के लिए ले जाते हैं। अनु महसूस करती है कि उसके गाँव में बहुत बदलाव आया है, जहाँ पहले साफ-सुथरी सड़कों और खुली जगहों का नजारा था, अब वही जगह गंदगी और इमारतों से भर गई है। वॉक के दौरान अनु अपने जीवन के बारे में सोचती है और अचानक अपने पिता से कहती है कि वह मुंबई वापस जाना चाहती है। अप्पा उसे जन्मदिन मनाने तक रुकने की सलाह देते हैं। अनु का जन्मदिन आने वाला है और वह अपने जीवन में एक खालीपन महसूस कर रही है, उसे समझ नहीं आता कि वह क्या चाहती है। जन्मदिन पर उसके अप्पा उसके लिए एक सुंदर साड़ी लाते हैं और घर में खास खाना बनता है। जबकि अनु का मन उदास है और उसे बधाई देने वाला कोई नहीं है, वह अपने परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी भावनाओं को लेकर चिंतित है। कहानी का अंत तब होता है जब उसकी माँ उसे जगाती है, जिससे अनु चौंक जाती है। इस कहानी में अनु के विचार, उसके परिवार के साथ उसके संबंध, और उसकी आंतरिक संघर्षों को खूबसूरती से दर्शाया गया है। आसपास से गुजरते हुए - 11 by Jayanti Ranganathan in Hindi Moral Stories 14k 4.2k Downloads 9.1k Views Writen by Jayanti Ranganathan Category Moral Stories Read Full Story Download on Mobile Description सुबह-सुबह अप्पा ने जगा दिया, ‘अनु, उठ! वॉक पर चलते हैं!’ सुबह के छह बज रहे थे। मैं ‘ना नू’ करती हुई उठी। अप्पा ने गर्म झागदार कॉफी का गिलास मुझे पकड़ा दिया। कॉफी पीकर शरीर में चुस्ती आ गई। फौरन मैं जीन्स और टीशर्ट पहनकर तैयार हो गई। अप्पा मुझे नए रास्तों से ले गए। पहले जहां मुरम की सड़क हुआ करती थीं, अब कोलतार की बन गई थीं। घर के पास पहले इतने मकान नहीं थे, अब तो सामने खेल के मैदान में भी बिल्डिंग बन गई थी। पहले हमारा इलाका साफ-सुथरा हुआ करता था। अब यहां भी मुंबई जैसी गंदगी फैलने लगी थी। Novels आसपास से गुजरते हुए 1999, 27 साल की अनु सॉफ्टवेअर प्रोफेशनल, राजधानी में एक ऊंचे पद पर काम करती है। अकेली अपने शर्तों पर रहती है। पिता गोपालन केरल से हैं और मां निशिगंधा... More Likes This धर्मराज की सभा - 1 by prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 by prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 by miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 by ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 by Neeraj Sharma मांई के मांई by Anant Dhish Aman हंटर - 2 by Ram Make More Interesting Options Hindi Short Stories Hindi Spiritual Stories Hindi Fiction Stories Hindi Motivational Stories Hindi Classic Stories Hindi Children Stories Hindi Comedy stories Hindi Magazine Hindi Poems Hindi Travel stories Hindi Women Focused Hindi Drama Hindi Love Stories Hindi Detective stories Hindi Moral Stories Hindi Adventure Stories Hindi Human Science Hindi Philosophy Hindi Health Hindi Biography Hindi Cooking Recipe Hindi Letter Hindi Horror Stories Hindi Film Reviews Hindi Mythological Stories Hindi Book Reviews Hindi Thriller Hindi Science-Fiction Hindi Business Hindi Sports Hindi Animals Hindi Astrology Hindi Science Hindi Anything Hindi Crime Stories