Mayamrug - 15 by Pranava Bharti in Hindi Love Stories PDF

मायामृग - 15

by Pranava Bharti Matrubharti Verified in Hindi Love Stories

झंझावत पल रहे थे ह्रदय में, हूक उठ रही थी हृदयों में, पूरे परिवार में एक भी ह्रदय ऐसा नहीं था जो सामान्य साँसें ले रहा हो सबकी अपनी-अपनी व्यथा-कथा थी जो भीतर ही भीतर सबको सुलगा ...Read More