Indradhanush Satranga - 12 by Mohd Arshad Khan in Hindi Motivational Stories PDF

इंद्रधनुष सतरंगा - 12

by Mohd Arshad Khan in Hindi Motivational Stories

दोपहर को मौलाना साहब जब लौटकर आए तो धरमू उनके तख़त पर पाँव पसारे सो रहा था। यह तख़त मौलाना साहब की यह ख़ास आरामगाह थी। जाड़ा छोड़कर वह बाक़ी दिनों में यहीं लेटते थे। दो कमरों की संधि ...Read More