Aakhar Chaurasi - 29 by Kamal in Hindi Social Stories PDF

आखर चौरासी - 29

by Kamal Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

वह लगभग दोपहर का समय रहा होगा जब महादेव अपने रात वाले दोस्त के साथ उनके घर आया। ‘‘अंकल जी, बाज़ार से किसी चीज की आवश्यकता हो तो बता दीजिए। मैं ला दूँगा।’’ महादेव ने बैठते हुए कहा। उसकी आवाज़ सुन ...Read More