Indradhanush Satranga - 16 by Mohd Arshad Khan in Hindi Motivational Stories PDF

इंद्रधनुष सतरंगा - 16

by Mohd Arshad Khan in Hindi Motivational Stories

‘‘घोष बाबू!’’ आतिश जी ने लगभग हाँफते हुए अंदर प्रवेश किया, ‘‘एक ज़रूरी काम से निकल रहा था, आपका ध्यान आया तो भागा आया।’’ ‘‘क्यों, ऐसी क्या बात हो गई?’’ घोष बाबू ने पूछा। ‘‘अरे---भूल गए?’’ ‘‘क्या?’’ घोष बाबू ने दिमाग़ पर ...Read More