Aatrangi zindagi by Karishma Varlani in Hindi Poems PDF

अतरंगी ज़िन्दगी...

by Karishma Varlani in Hindi Poems

1). राहें......है चाह राहगीर को राह खत्म हो जाने कीहै चाह राहगीर को मन्ज़िल पाने कीराह में थका वो राहगीर देखता है बस एक बूंद उस पानी को ,जिससे आस है उसे अपनी प्यास बुझ जाने की ,होगी अवश्य ...Read More