Murde ki jaan khatre me - 2 by अनिल गर्ग in Hindi Detective stories PDF

मुर्दे की जान ख़तरे में - 2

by अनिल गर्ग in Hindi Detective stories

जब मै इंस्पेक्टर शर्मा के पास थाने पहुंचा तब शाम के 7 बज चुके थे। अशोक बंसल की हत्या की दिन भर की दुश्वारियो से निपट कर शर्मा जी बस अपने रूम में बैठे ही थे की मै उनके ...Read More