geeta saar by Darshita Babubhai Shah in Gujarati Poems PDF

गीता सार

by Darshita Babubhai Shah Verified icon in Gujarati Poems

गीता सार गीता में लीखा है, निराश मत होना, कमजोर तू नहीं, तेरा वक्त है ॥ जो हुआ वह अच्छा हुआ । जो हो रहा है, वह अच्छा हो रहा है । जो होगा, वह भी अच्छा होगा । ...Read More