Aut jindagi chalti rahi by Dr.Ranjana Jaiswal in Hindi Short Stories PDF

....और जिंदगी चलती रही

by Dr.Ranjana Jaiswal in Hindi Short Stories

तीन दिन हो गए थे चलते-चलते...पाँव में छाले निकल आये थे। शरीर धूल और पसीने से तर-बतर हो चला था। गाँव इतना दूर पहले कभी नहीं लगा था।...लगता भी कैसे ...कभी यूँ पैदल ,परिवार के साथ... गृहस्थी को सर ...Read More