safar by Krunalmore in Hindi Poems PDF

सफर....

by Krunalmore in Hindi Poems

हा, वक्त्त की जरुरत हैसफ़र ये ख़ूबसूरत हैहा, वक्त्त की जरुरत हैसंभल गया मे रूठ केखडा हुआ भी टूट केमर गया जो डर गयासफ़ल हुआ जो कर गयाअंजाने मोड पररास्तो को तोड करहार हार जोड़ करतू जीत का सफर ...Read More