GOPI GEET - 1 by NSR... in Hindi Spiritual Stories PDF

गोपी गीत । - 1

by NSR... in Hindi Spiritual Stories

* गोपियाँ बोली *गोपियाँ विराहावेश में गाने लगीं…प्यारे ! तुम्हरे जन्म के कारण वैकुंड आदि लोकों से भी व्रज की महिमा बढ गई है, तभी तो सौन्दर्य और मृदुत्नता की देबी लक्षमी जी भी अपना निवासस्थान वैकुंड छोड़कर यहाँ ...Read More