Gavaksh - 14 by Pranava Bharti in Hindi Social Stories PDF

गवाक्ष - 14

by Pranava Bharti Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

गवाक्ष 14 निधी के चेहरे पर प्रश्न पसरे हुए थे, ह्रदय की धड़कन तीव्र होती जा रही थी। कुछेक पलों पूर्व वह अपनी साधना में लीन थी और अब---एक उफ़नती सी लहर उसे भीतर से असहज कर रही थी ...Read More