sur vatsaly ke vividh ayam by कृष्ण विहारी लाल पांडेय in Hindi Book Reviews PDF

सूर: वात्सल्य के विविध आयाम

by कृष्ण विहारी लाल पांडेय in Hindi Book Reviews

सूर: वात्सल्य के विविध आयाम भक्ति की दार्शनिकता से पुष्ट और अलौकिक अनुग्रह की प्रार्थना के रूप में निर्वदित होते हुए भी सूर की कविता का परिवेश अधिक प्रत्यक्ष, लौकिक, मानवीय और तादात्म्य सुलभ है। उनके ...Read More