sfar-e-alfaz by Deepak Bundela AryMoulik in Hindi Poems PDF

सफर-ए-अल्फाज़

by Deepak Bundela AryMoulik Matrubharti Verified in Hindi Poems

1.कोई गुज़रे या ना गुज़रे इन आंखों से जो मिरा अश्क़ गुज़र गया.. !अपना तो इक अश्क़ ही था जो अपनों की याद में कहर गया...!कोई देखें या ना दिखे अपनों से मिले जो ज़माना गुज़र गया. !!दूर बैठे ...Read More