janjeevan - 2 by Rajesh Maheshwari in Hindi Poems PDF

जनजीवन - 2

by Rajesh Maheshwari Matrubharti Verified in Hindi Poems

दूध और पानी प्रभु ने पूछा- नारद! भारत की संस्कारधानी जबलपुर की ओर क्या देख रहे हो? नारद बोले- प्रभु ! देख रहा हूँ गौ माता को नसीब नहीं है चारा, भूसा या सानी, बेखौफ मिलाया जा रहा ...Read More