janjeevan - 8 by Rajesh Maheshwari in Hindi Poems PDF

जनजीवन - 8

by Rajesh Maheshwari Matrubharti Verified in Hindi Poems

समय और जीवन कौन कहता है कि समय निर्दय होता है,वह तो तरुणाई की कथा जैसा होता है मधुर और प्रीतिमय, वह यौवन के आभास सा होता है कभी खट्टा और कभी मीठा। उन मोहब्बत के मारों की ...Read More