After you - 5 by Pranava Bharti in Hindi Poems PDF

तुम्हारे बाद - 5

by Pranava Bharti Matrubharti Verified in Hindi Poems

25---- एक मनी-प्लांट की बेल ने सजा रखा था घर को मेरे दूर-दूर तलक फैली थी सुंदर बेल एक किनारे से दूसरे किनारे तक सच कहूँ तो वो मेरी हमजोली थी देख हरियाली की एक चादर सी मेरे चेहरे ...Read More