mai bharat bol raha hun 17 by बेदराम प्रजापति "मनमस्त" in Hindi Poems PDF

मैं भारत बोल रहा हूं-काव्य संकलन - 17

by बेदराम प्रजापति "मनमस्त" Matrubharti Verified in Hindi Poems

--राह अपनी मोड़ दो-- शाह के दरबार कीं, खूब लिख दी है कहानी। शाज, वैभव को सजाने, विता दी सारी जवानी।। चमन की सोती कली को, राग दे, तुमने जगाया। अध खिली को प्रेम दे कर, रूप ...Read More