तुम्हारे बाद - 6 - अंतिम भाग

by Pranava Bharti Matrubharti Verified in Hindi Poems

31--- यूँ तो जीने को पूरी हो जाती हैं तमाम साँसें तुम्हारे बिन कहीं उखड़ी सी हो जाती हैं बहुत दूर जाना है दहशत अभी से है क्यों ये और समुंदर की गहराई का माप भीतर है तेरी यादों ...Read More